Punjab News: बारिश का कहर जारी, स्कूल-कालेज बंद, घरों और खेतों में घुसा पानी

पठानकोट/फिरोजपुरः हिमाचल के बाद पंजाब में लगातार हो रही बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। दरअसल, बीते दिन लगातार बारिश होने से बाढ़ की स्थिति बननी शुरू हो गई है। किसानों के मनों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं पठानकोट में शनिवार रात से हो रही बारिश के बाद डीसी डीसी आदित्य उप्पल ने सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कालेज और अन्य शिक्षक संस्थान में आज छुट्टी घोषित कर दी है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी भी स्कूल, कालेज, शिक्षक संस्थान में बोर्ड, यूनिवर्सिटी द्वारा कोई पेपर, प्रैक्टिकल इस दिन दिन निर्धारित किया है तो यह आदेश उस पर लागू नहीं होंगे।

सतलुज दरिया उफान के चलते बाढ़ का पानी मुठियां वाला के घरों व खेतों में घुस गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव मुठियां वाला में दरिया का पानी ऊंची सड़कें क्रास उनके घरों व खेतों में घुस गया है। ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है। रात होते ही इस पानी की आवाज डरावनी हो जाती है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश भी हो रही है। लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचने लगे हैं। पठानकोट में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चक्की खड्ड समेत सभी दरिया और बरसाती नाले उफान पर हैं। हजारों एकड़ भूमि और गांव पानी में डूब चुके हैं। चक्की खड्ड पर बना अंग्रेजों के जमाने का दिल्ली-कटड़ा रेल पुल खतरे में आ गया है क्योंकि पुल नीचे के कटाव इतना तेज है कि दोनों साइड से पिल्लर साफ दिखने लगे हैं।

पिलरों के आगे सपोर्ट के लिए लगी रिटेनिंग वॉल बह चुकी है। रेलवे विभाग 10 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से पुल से ट्रेनें अप-डाउन करवा रहा है। वहीं पठानकोट-जालंधर, जम्मू नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया है। खड्ड पर बने पुल की एक साइड तेज बाहव की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई है, इस वजह से उसके ऊपर से आवाजाही अगले आदेश तक बंद कर दी गई है। पहाड़ों से मैदान तक हो रही तेज बारिश की वजह से रणजीत सागर डैम के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है और वह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे है। डैम प्रशासन फ्लड गेट खोलने के बारे में विचार कर रहा है। पानी छोड़ने से आसपास के क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं।

पठानकोट के बॉर्डर क्षेत्र में उज्ज दरिया और जलालिया दरिया के उफान पर होने के चलते गांव मंगवाल को जोड़ने वाली सड़क बीच से टूट गई है। इसी तरफ पठानकोट के कंडी क्षेत्र में धार कलां के निकट फर्शी खड्ड में बाढ़ आ गई है। पठानकोट के गांव कोठे मनवाल और खानपुर के बीच बहती खड्ड के पानी के तेज बहाव में दो मंजिला घर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पठानकोट में बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। एयरपोर्ट को जाने वाला रास्ता जहां चक्की कटाव से पूरी तरह ध्वस्त हो गया। वहीं, साथ लगती सैन्य दीवार को भी नुकसान पहुंचा है।

रंजीत सागर डैम के एक्सईन गगनदीप ने कहा कि झील का वाटर लेवल 526 तक पहुंच गया है और अभी फ्लड गेट खोलने पर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक चल रही है। डैम का अधिकतर जलस्तर 527.91 है। ऐसे में डैम प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कभी भी डैम के फ्लड गेट खोले जा सकते हैं। डैम के आसपास गांव में रहते लोगों को भी अलर्ट किया जा रहा है। बार्डर क्षेत्र का मंत्री लाल चंद ने दौरा कर स्थिति को जांचा है।

पठानकोट में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने के बाद डीसी आदित्य उप्पल ने लोगों से अपील की कि वे दरिया और नालों के नजदीक न जाए। कहा कि दरिया के साथ लगते गांवों में अगर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है तो वह जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए कंट्रोल रूम के फोन नंबर 01862346944 पर सूचित किया जा सके। लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा अलग -अलग गांव का क्लस्टर बना कर सहायता केन्द्र बनाए गए हैं।

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