Punjab News: पानी में डूबी Rail Coach Factory, क्वार्टरों में पानी घुसने से सामान का हुआ भारी नुकसान

कपूरथलाः पंजाब में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। वहीं बारिश के कारण रेल कोच फैक्ट्री भी पानी मे डूब गई। जिससे उत्पादन इकाई और एडमिन ब्लाक की तरफ जाते रास्ते पर स्थित गुरुद्वारा के पास 40-60 ग्राउंड फ्लोर के क्वार्टरों में पानी घुस गया है। जिससे आरसीएफ कर्मियों का सामान खराब हो गया है। वहीं, उत्पादन इकाई में बारिश के चलते काम प्रभावित हुआ है। आरसीएफ के सीपीआरओ के अनुसार प्रशासन बचाव कार्यों में जुट गया है। वहीं, एक राहत केंद्र भी स्थापित कर दिया गया है, जो 24 घंटे कार्यशील रहेगा। जानकारी के अनुसार मंगलवार को भारी मूसलाधार बारिश से आरसीएफ का अंदरूनी ड्रेनेज सिस्टम एकदम से ज्यादा पानी के चलते बैक मारने लग पड़ा।

जिससे आरसीएफ के अंदर बारिश का पानी जमा होना शुरू हो गया। धीरे-धीरे निकासी न होने से पानी ग्राउंड फ्लोर पर स्थित आरसीएफ कर्मियों के क्वार्टरों में घुस गया। जिससे उनका सामान खराब हो गया। बारिश के पानी में लोगों की कारें तक डूब गई। इस विकट परिस्थितियों में मदद के लिए आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के सदस्य आगे आए और राहत कार्यों में जुट गए। यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव सर्वजीत सिं, कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह बाजवा, प्रेस सचिव अरविंद कुमार शाह, तलविंदर सिंह , सिमरन व अन्य ने बताया कि बारिश के बीच वे तुरंत क्वार्टरों में पहुंचे और हालात का जायजा लेकर आरसीएफ प्रशासन को फोन कर पानी निकलवाने के मोटर की व्यवस्था की और लंगर का प्रबंध किया।

यूनियन सदस्यों ने बताया कि उत्पादन इकाई की छतों से भी पानी टपकने लगा, जिससे उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ है। आरसीएफ के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) अनुज कुमार ने बताया कि बारिश बहुत ज्यादा होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन की ओर से निकासी के लिए मोटरों की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन जिस ड्रेन में पानी छोड़ा जाना है, वह भी फुल चल रही है, जिस वजह से दिक्कत पेश आ रही है। जब तक ऐसे हालात हैं, तब तक के लिए आरसीएफ कर्मियों के परिवारों के लिए राहत केंद्र स्थापित कर दिया गया है, जोकि 24 घंटे चलता रहेगा। गुरुद्वारा के पास 40-50क्वार्टर ज्यादा प्रभावित हैं, जहां रिहत कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादन इकाई में सेफ्टी मानकों के अनुसार जो काम हो सकता है, वह किया जा रहा है।

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *