Punjab News: Singer Rajvir Jawanda के निधन की खबर के बाद फोर्टिस अस्पताल के बाहर बढ़ी सिक्योरिटी, देखें वीडियो

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मोहालीः पंजाबी गायक और एक्टर राजवीर जवंदा का बुधवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। राजवीर जवंदा के निधन की पुष्टि फोर्टिस अस्पताल ने कर दी है। फोर्टिस अस्पताल की ओर से जारी आदेशों के अनुसार राजवीर जवंदा ने 10.55 पर आखिरी सांस ली थी। वहीं अस्पताल के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। इसकी वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता हैकि अस्पताल के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। लेकिन गायकों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए जवंदा की मौत को लेकर दुख प्रगट किया जा रहा है। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने भी सोशल मीडिया के जरिए दुख प्रगट किया है।

दरअसल, 27 सितंबर को हिमाचल में उनका एक्सीडेंट हुआ था। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बुधवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल आज 35 वर्षीय राजवीर जिंदगी की जंग हार गया। लोकप्रिय गायक राजवीर शिमला जा रहे थे, तभी आवारा मवेशियों के कारण उनका मोटरसाइकिल पर से नियंत्रण खो गया और बद्दी के पास उनका एक्सीडेंट हो गया। इस दुर्घटना में जवंदा के सिर और रीड की हड्डी सहित शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। मोहाली ले जाने से पहले, जवंदा को सोलन के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिसके बाद रविवार तड़के बेहद गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। जहां वह कई दिनों से वेटिंलेटर पर थे।

चिकित्सकों ने साफ कर दिया था कि उनके नर्वस सिस्टम में समस्या आ गई है और उसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। बीते कई दिनों में उन्हें होश नहीं आया और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं रहो रही थी। 4 घंटे निगरानी और लगातार दवाइयां देने के बावजूद, उनके दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रहा था। इससे मेडिकल टीम काफी परेशान थी। डॉक्टरों ने कहा है कि वे राजवीर को स्थिर करने के लिए हर संभव चिकित्सीय प्रयास कर रहे थे। हार्ट बीट को नियंत्रण में रखने के सभी प्रयासों के बाद भी उन्होंने 35 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

गौरतलब है कि राजवीर जवंदा ‘काली केमेरो’, ‘शानदार’, ‘मुच्छ ते माशूक’ जैसे चार्टबस्टर गानों के लिए मशहूर हैं और उनकी लोकप्रियता बेहद व्यापक है। उनके प्रशंसकों की संख्या बहुत बड़ी है और इस कठिन समय में वे उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। राजवीर के पिता कर्म सिंह पंजाब पुलिस में एएसआई थे। राजवीर भी 2011 में पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल बने और जगरांव में ड्यूटी की। लेकिन 2019 में उन्होंने सिंगिंग करियर को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी। 2014 में मुंडा लाइक मी एल्बम से राजवीर ने अपने कैरियर की शुरुआत की और 2016 में कली जवंदे दी से उन्हें पहचान मिली। 2017 में मुकाबला और कंगणी जैसे गाने हिट हुए।

इसके बाद पटियाला शाही पग, केसरी झंडे, लैंडलॉर्ड, सरनेम समेत कई सुपरहिट गाने दिए। 2018 में पंजाबी फिल्म सूबेदार जोगिंदर सिंह से उन्होंने एक्टिंग डेब्यू किया और काका जी, जिंद जान, मिंदो तहसीलदारनी, सिकंदर 2 जैसी फिल्मों में अभिनय किया। गांव आने पर राजवीर बच्चों को मिठाइयां बांटते थे। उन्हें बाइक राइडिंग का शौक था और हाल ही में उन्होंने 27 लाख की बीएमडब्ल्यू बाइक खरीदी थी। इसी बाइक से शिमला जाते वक्त उनके साथ हादसा हुआ। सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। राजवीर के दादा और पिता का निधन हो चुका है। वे अपनी पत्नी अशविंदर कौर, बेटी हेमंत कौर और बेटे दिलावर सिंह के साथ रहते थे।

 

 

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