Jalandhar News: रेप मामले में SHO Bhushan Kumar के खिलाफ परिवार ने खोला मोर्चा, नेताओं ने दी सख्त चेतावनी, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: फिल्लौर में खाकी वर्दी फिर एक बार दाग़दार हो गई। एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन शोषण के मामले में थाने के एसएचओ भूषण कुमार विवादों में एक बार फिर से घिर गए है। दरअसल, इस घटना से पहले भूषण कुमार वेस्ट हल्के में चोरी के केस को लेकर आप नेता के साथ विवादों में आए थे जिसके पास उन्हें लाइन हाजिर कर फिल्लौर भेज दिया गया था। लेकिन अब थाना फिल्लौर में एसएचओ भूषण कुमार को एक और कारनामा सामने आया है। जिसके चलते एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आरोप है कि वे नाबालिग रेप पीड़िता की मां से कह रहे थे कि वे खुद चेक करके बता देते हैं कि तेरी बेटी के साथ रेप हुआ है या नहीं।

इतना ही नहीं, एसएचओ की हिम्मत देखिए, उसने रेप पीड़िता की मां को अपने सरकारी आवास पर बुलाने के लिए दबाव बनाया। एसएचओ की बार-बार कॉल आने के बाद पति को पूरी बात बता दी। इसके बाद बुधवार को वे लोग एसएचओ के खिलाफ खुलकर आ गए। वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर अब लोग इंसाफ़ मंच पंजाब द्वारा फिलौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें पीड़ित लड़की और उसकी मां चूनी देवी ने बताया कि बीती 23 और 24 अगस्त की रात को लड़की (मीना, कल्पनिक नाम) के साथ उसके पड़ोसी लड़के रोशन ने यौन शोषण किया।

इस घटना को लेकर वे सुबह सिविल अस्पताल फिल्लौर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इस मामले को लेकर पहले थाना फिल्लौर में जाने को कहा। जिसके बाद पूरा परिवार थाना फिल्लौर रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए गया। जहां थाना मुखी भूषण कुमार ने लड़की और मां चूनी देवी को थाने के भीतर बने एक कमरे में जाने को कहा। चूनी देवी का आरोप है कि थाना मुखी भूषण कुमार ने जांच के बहाने नाबालिग लड़की के गुप्त अंगों को बार-बार छुआ, लड़की की छाती दबाई और जबरदस्ती चूमने की कोशिश की। मां के विरोध करने पर थाना प्रभारी ने लड़की को छोड़ दिया। लड़की को छोड़ने के बाद भूषण कुमार ने मां की छाती को छुआ और कहा कि अगर मामले में लड़के को सख्त सजा दिलवानी है तो उसके अनुसार चलना पड़ेगा। फिर बिना कोई केस दर्ज किए ही वह उसे बार-बार फोन करने लगा। फोन पर बार-बार कॉल करके कहीं बाहर मिलने के लिए बुलाता रहा, जिसकी रिकॉर्डिंग परिवार के पास है।

पीड़ित बच्ची की मां चूनी देवी ने कहा कि वह तो अपनी बेटी को इंसाफ़ दिलाने के लिए गए थे, लेकिन खाकी वर्दी वाले ने उनकी इज्जत थाने के भीतर ही तार-तार करने की कोशिश की। परिवार ने कहा कि मुझे और मेरी बेटी को इंसाफ़ मिलना चाहिए और इस थाना मुखी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पू्रव सरपंच राज कुमार हंस, लोग इंसाफ़ मंच के नेता संपर्क नहीं करते तो जो अब एफआईआर दर्ज हुई है, वह भी ना होती। इस मौके पर लोग इंसाफ़ मंच पंजाब के अध्यक्ष जरनैल फिल्लौर, प्रशोतम फिल्लौर, वरिष्ठ नेता मास्टर हंस राज, रामजी दास गन्ना गांव, सोम नाथ सेकूपुर आदि ने कहा कि थाना मुखी ने फिल्लौर में वर्दी को दाग़दार किया है, इसलिए जब रक्षा करने वाले ही राक्षस का रूप धारण कर लें तो इंसाफ़ कौन करेगा।

उन्होंने कहा कि थाना मुखी को रात लाइन हाज़िर किया गया है। नेताओं ने थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होेंने चेतावनी देते हुए कहा कि भूषण कुमार के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मामले को लेकर परिवार द्वारा सीएम भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई गई है। दूसरी ओर इस मामले में थाना फिल्लौर में एफआईआर नंबर 0326 तिथि 05/10/2025 भारतीय दंड संहिता 2025 की धारा 65/1 और 04, 05 के तहत रोशन लाल पुत्र अनंतू के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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