सोशल मीडिया का प्रयोग सोच-समझकर करें-डॉ. रणेश राणा

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तथ्यों को जानने व आवाज उठाने का सशक्त माध्यम है मीडिया 

बद्दी/सचिन बैंसल: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंधाला में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान शनिवार को आयोजित विशेष सत्र में जिला सोलन के वरिष्ठ पत्रकार एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रणेश राणा ने छात्रों को पत्रकारिता और जनसंचार का समाज में महत्व विषय पर प्रेरणादायक विचार सांझा किए। डॉ. राणा ने कहा कि मीडिया समाज का चौथा स्तंभ है, जो न केवल तथ्यों को उजागर करता है बल्कि आम जनता की आवाज भी बनता है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मीडिया तीन प्रमुख हिस्सों में कार्य कर रहा है —प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया। उन्होंने कहा कि सबसे पुराना और विश्वसनीय माध्यम प्रिंट मीडिया है, जिसे समाचार पत्रों के रूप में जाना जाता है और जो आज भी सूचना का सबसे प्रमाणिक स्रोत माना जाता है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया यानी न्यूज चैनल आए, जो सैटेलाइट सिस्टम के तहत संचालित होते हैं और सरकार के पास विधिवत पंजीकृत हैं। तीसरा और सबसे व्यापक माध्यम सोशल मीडिया है, जो आज जनसंचार का सबसे तेज़ और लोकप्रिय प्लेटफॉर्म बन चुका है।

हालांकि, डॉ. राणा ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया एक गैर-पंजीकृत और विदेश से संचालित प्लेटफॉर्म है, इसलिए इसका उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक मीडिया तथ्यपरक और संपादकीय नियंत्रण में होता है, वहीं सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाएं।

अंत में डॉ. राणा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मीडिया का सही उपयोग व्यक्ति को जागरूक, जिम्मेदार और समाज के प्रति संवेदनशील बनाता है। उनके विचारों से छात्र अत्यंत प्रेरित हुए और जनसंचार के महत्व को गहराई से समझा।

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