Jalandhar News: Civil Hospital में कर्मियों ने डॉक्टर सतिंदर बजाज पर लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में दर्जा चार के कर्मियों ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट नमिता घई से मुलाकात करके डॉक्टर सतिंदर बजाज पर गंभीर आरोप लगाए है। दर्जा चार कर्मी यूनियन के प्रधान डिंपल रहेला ने आरोप लगाए कि डॉक्टर सतिंदर बजाज द्वारा परेशान किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें निकाले जाने की धमकी दी जा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल का सारा काम दर्जा चार के कर्मी कर रहे है। सिविल अस्पताल की मोर्चुरी, ईसीजी सहित अन्य काम दर्जा चार के कर्मी कर रहे है।

उनका कहना हैकि दर्जा चार के कर्मियों की साफ-सफाई का ही काम है, लेकिन वह अफसरों को लेकर ईसीजी का काम भी कर रहे है, जिसको लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में 70 से 80 सफाई कर्मी 3 शिफ्ट में काम कर रहे है। इनमें से 25 से 30 कर्मी पक्के है। उन्होंने कहा कि दर्जा चार के कर्मियों को डॉक्टर सतिंदर ब्जाज द्वारा परेशान किया जा रहा है। आरोप हैकि वह कर्मियों के गलत व्यवहार कर रहे है। उन्होंने कहा कि उनके काम के लिए मेडम को तैनात किया गया है, लेकिन उसके बावजूद डॉक्टर सतिंदर ब्जाज उन्हें परेशान करते है।

उनकी मांग है कि अगर वह अफसरों की इज्जत कर रही है तो उनका फर्ज भी है उनकी इज्जत की जाए। वहीं यूनियन प्रधान ने कच्चे कर्मियों को पक्के करने की मांग की है, पुरानी पेंशन लागू की जाए, डीए का बकाया वापिस किया जाए। वहीं दूसरी ओर मेडिकल सुपरिटेंडेंट नमिता घई ने कहा कि अस्पताल में स्टाफ की कमी है। ऐसे में दर्जा चार के कर्मी ओवर काम को महसूस कर रहे है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने कहा कि सिविल अस्पताल काफी बड़ा है, जहां एक हजार से 2 हजार मरीज रोजाना आते है। ऐसे में सफाई तो दर्जा चार के कर्मियों को करवानी ही पड़ती है।

मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने कहा कि सिविल अस्पताल में 550 बेड है, ऐसे में 117 सेनेटाइजर वर्कर की जरूरत है, लेकिन सरकारी वर्कर 23 उनके पास है, वहीं 48 आउटसोर्स वर्कर मौजूद है। वहीं डॉक्टर सतिंदर ब्जाज पर लगे आरोपों को लेकर कहा कि अस्पताल में गंदगी को लेकर उन्होंने साफ-सफाई को लेकर कहा था, जिसको लेकर कर्मियों को उनका व्यवहार गलत लगा। इस दौरान ईसीजी टेक्नीशियन सिविल अस्पताल में मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि दर्जा चार के कर्मी स्टूडेंट के साथ मिलकर ईसीजी को लेकर स्टूडेंट की मदद करते है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने उनके पास यूनियन ने इज्जत दी जाने को लेकर मांग रखी है। उन्होंने कहाकि वह दर्जा चार के कर्मियों को दी भी जाती है, लेकिन कई बार काम ज्यादा होने के कारण गहमा-गहमी हो जाती है।

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