Jalandhar News: बजट को लेकर कारोबारियो में बनी असमंजस की स्थिति, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में देश का आम बजट पेश किया गया। वहीं इस बजट को लेकर स्पोर्ट्स कारोबारियों के बयान सामने आए है। मामले की जानकारी देते हुए प्रेम उप्पल ने कहा कि पंजाब के कारोबारियों को कोई राहत नहीं मिली है। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक तरफ तो 12 तक टैक्स ना देने का कहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 12 लाख तक 10 प्रतिशत टैक्स है।

स्पोर्ट्स कारोबारी पर कोई बात नहीं हुई। इस बजट में बिहार और पटना के लिए ही राहत दी गई। शिक्षा के साथ-साथ स्पोर्ट्स को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। वहीं इलेक्ट्रानिक समान पर छूट मिलने को लेकर कहा कि टीवी पर छूट जरूर केंद्र सरकार द्वार दी गई है। रमेश ने कहा कि स्पोर्ट्स के लिए हर बार की तरह इस बार भी हाथ खाली मिले। उन्होने कहा कि इनकम टैक्स में छूट को लेकर असंमज की स्थिति बनी हुई है।

इस बार आम बजट में गुजरात और बिहार को राहत मिली है, आम बजट में पंजाब पहले भी खाली था और आज भी खाली है। संजय मेहंदी ने कहा कि बजट ठीक-ठाक रहा है। इसे ना तो ज्यादा अच्छा कहा जा सकता है और ना ही ज्यादा बुरा कहा जा सकता है। व्यापारियों की बात करें तो अपर ग्रेड के व्यापारियों को राहत मिली है। इस बजट में गुजरात, बिहार सहित दिल्ली के चुनावों पर फोकस रहा है। वहीं टैक्स पर 12 लाख तक दी गई छूट को लेकर असमंज की स्थिति में व्यापारी चल रहा है।

आम बजट को लेकर गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने कहा कि आज जारी हुए बजट में 12 लाख तक टैक्स में छूट दी गई है। उन्होेंने कहा कि इसमें 4 लाख तक ही छूट दी गई है। 4 लाख के बाद 5 प्रतिशत टैक्स के हिसाब से स्लैब बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जब तक 12 लाख टैक्स की छूट का नोटिफिकेश जारी नहीं होता, तब तक केंद्र द्वारा टैक्स में फायदा देने के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। गुरप्रीत ने कहा कि अगर नोटिफिकेशन में 12 लाख टैक्स में सही मायने में छूट की गई तो इसका फायदा कारोबारियों को काफी हो सकता है, अगर इसमें कोई दिक्क्ते पाई गई तो यह बजट कारोबारियों के लिए निराशा वाला बजट होगा।

वहीं उन्होंने कहा कि पंजाब का व्यापार काफी निचे स्तर पर जा रहा है। इस दौरान गुरप्रीत ने अपील की है कि केंद्र को पंजाब के लिए स्पेशल पैकेज जरूर देने चाहिए, जिसमें एग्रीकल्चर और बॉर्डर एरिया शामिल होने चाहिए। किसानी मसले को केंद्र को जल्द से जल्द हल करना चाहिए। वहीं जीएसटी के रेट कुछ आइटम पर कम करने चाहिए, व्यापारी ने कहा कि लोग कुछ आईटम पर जीसएटी ज्यादा होने के चलते उस आइटम की रकम अदा नहीं कर पाते, जिसके चलते वह कच्चा बिल लेकर काम कर रहे है। अगर जीएसटी की दर में कटौती होगी तो कच्चे बिलों पर रोक लग सकती है और इस टैक्स का पैसा सरकारी खजाने में जाने से सरकार को भी फायदा होगा।

राजिंदर सिंह ने कहा सरकार जो भी उपराला करती है वह लोगों के हित के लिए करती है। लेकिन सरकार को छोटे कारोबारियों व गरीब वर्ग के इस बजट में काफी उम्मीदें थी, लेकिन इस बार भी बजट में कोई राहत देखने को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि 12 लाख से टैक्स की छूट में बड़े लोगों को ही फायदा होगा, जबकि गरीब वर्ग को कोई फायदा नहीं है। टैक्स में कटौती और बढ़ौतरी से बड़े कारोबारियों को ही फायदा और नुकासन होगा। राजिंदर ने कहा कि उसे दुकान करते हुए 40 साल हो गए, गरीब वर्ग के लोगों को सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी निराशा हाथ लगी है।

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