रिश्वत मामले में गिरफ्तार पूर्व DIG Bhullar को लेकर कोर्ट का आया फैसला

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मोहालीः मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी से 8 लाख की रिश्वत लेने के आरोपी में पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। जहां सीबीआई ने कोर्ट से हाल ही में पूर्व डीआईजी का 5 दिन का रिमांड हासिल किया था। वहीं आज रिमांड की अवधि समाप्त होने पर चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कोर्ट में कहा कि पूर्व डीआईजी भुल्लर पूछताछ के दौरान कॉर्पोरेट नहीं कर रहे हैं। वह सीबीआई के पूछे गए सवालों का सही से जवाब नहीं दे रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर पूर्व डीआईजी के वकील एचएस धनोआ ने कहा कि भुल्लर को जेल के अंदर मेडिकल सुविधा दी जाए। इसके बाद जज ने कहा कि यह एप्लिकेशन जेल में दे दीजिए। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने पर पूर्व डीआईजी को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा दिया है। ऐसे में अब अब 20 नवंबर को मामले की सुनवाई होगी। बताया जा रहा है कि 20 नवंबर को पूर्व डीआईजी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी। वहीं दूसरी ओर इस बीच, मामले में अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की भी एंट्री हो गई है।

ईडी की टीम सीबीआई ऑफिस पहुंची है, यहां ईडी उन आईएएस और आईपीएस अफसरों का रिकॉर्ड लेगी, जिन पर बेनामी संपत्ति बनाने के आरोप हैं। बताया जा रहा हैकि पूछताछ में भुल्लर ने खुलासा किया कि पंजाब के कई अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह के जरिए प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं। इसी दौरान सीबीआई को 14 अफसरों के नाम मिले, जिनमें 10 आईपीएस और 4 आईएएस अधिकारी शामिल हैं।

जांच में अब तक पंजाब के करीब 50 अफसरों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कई वर्तमान में फील्ड पर तैनात हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार बिचौलिए कृष्नु शारदा के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से भ्रष्ट डीलिंग के कई सबूत मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि कृष्नु इन अफसरों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, एफआईआर रद्द करवाने और केस प्रभावित करने जैसे काम करता था। अब ईडी के रिकॉर्ड लेने के बाद कई अफसरों के नाम सार्वजनिक हो सकते हैं।

 

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