संसार में धन, वैभव और ऐश्वर्य का अहंकार नहीं करना चाहिए- आचार्य रोहित

Written by

in

शीतलपुर गौशाला में भागवत कथा में प्रवचनों की अमृत वर्षा

आचार्य रोहित शर्मा ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा

बददी/सचिन बैंसल: 19 नवंबर। बददी के निकट शीतलपुर गौशाला में चल रही भागवत कथा के पंाचवे दिन आचार्य रोहित शर्मा ने कथा में  श्रीकृष्ण के बाल जीवन लीला का वर्णन किया। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथा प्रवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण और मनन करने मात्र से मानव जीवन को मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने इसे मानव जीवन की मुक्ति का एकमात्र साधन बताया। कथा प्रवक्ता ने श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण और मनन को मुक्ति का सरल और व्यावहारिक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बचपन में अज्ञानता से भटकने के बाद गुरुजनों की कृपा से ज्ञान का प्रकाश मिलता है, उसी प्रकार भागवत कथा में भक्त और भगवान के पावन चरित्र का चिंतन और श्रवण करने से चित्त भगवान में लीन हो जाता है।

आचार्य ने आगे बताया कि जब शरीर छूटता है, तो प्राण श्री भगवान में समाहित हो जाते हैं, जिससे संसार के आवागमन से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल सामान्य जीवों के लिए ही नहीं, बल्कि राजा परीक्षित और धुंधकारी प्रेतात्मा जैसे पात्रों को भी श्रीमद्भागवत कथा से मुक्ति मिली थी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की उपासना से धर्मनीति को संबल मिलता है और मानव जीवन को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होती है। आचार्य ने बताया कि जब व्यक्ति धर्म के प्रति सच्चे अनुराग से जुड़ता है, तो वह विपरीत मार्ग की पीड़ा से बचता है। उन्होंने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को यह समझना चाहिए कि सृष्टि में केवल भगवान ही जीव के मोक्षदाता हैं। इस प्रसंग से यह सीख मिलती है कि संसार में धन, वैभव और ऐश्वर्य का अहंकार नहीं करना चाहिए। सच्चा सुख वही व्यक्ति प्राप्त करता है जो निश्छल भाव से परमात्मा का अनुसरण करता है।

कथाव्यास ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण नीति और धर्मपालन के शाश्वत प्रेरक हैं। कलियुग में हरिनाम संकीर्तन और भगवान की कथा का सत्संग ही जीवन को कष्टमुक्त बना सकता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को जीवन में सुचरित्रता और परोपकार की भावना से जीने की प्रेरणा देने वाला आदर्श ग्रंथ बताया। विशेष रूप  गौ माता की सेवा का संकल्प लिया गया।  आज कथा में से बलविंदर ठाकुर, गुरमेल चौधरी ओर प्रधान भाग सिंह, राज कुमार, मान सिंह , अवतार सिंह , अशोक कुमार ,राम लाल , हंस राज , राम कुमार , छिंदर पाल , चिंतन कुमार  भाग सिंह,देवी राम, नरेश कुमार और बददी शीतलपुर, लंडेवाल , कल्याणपुर , ओर ग्राम पंचायत संडोली के  सैकड़ों लोगों ने कथा का आनंद लिया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *