Jalandhar News: केंद्रिय मंत्री के समक्ष कैबिनेट मंत्री सोंध ने उठाए मुद्दे, 250 करोड़ को लेकर आया बयान, देखें Live

जालंधर, ENS: पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि उनकी केंद्रिय मंत्री शिवराज चौहान के साथ अहम मुद्दों को लेकर मीटिंग हुई। इस दौरान पंजाब के कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा की गई, जिसमें केंद्र और पंजाब सरकार की सांझी स्कीम को लेकर बात की गई। इस दौरान उन्होंने केंद्र के समक्ष पंजाब की मांगों के मुद्दों को उठाया और केंद्रिय मंत्री ने उन मांगो को जायज बताया और इसे जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मट्रीरियल का 250 करोड़ रुपए केंद्र के पास पेंडिंग है, उसे जारी करने के लिए केंद्रिय मंत्री से बात की गई और उन्होंने इसे जल्द पंजाब सरकार को देने का आश्वासन दिया है। वहीं उन्होंने मनरेगा स्कीम का मुद्दा उठाया और कहा कि हरियाणा में मजूदर को 400 रुपए दिहाड़ी मिल रही है, लेकिन पंजाब में मनरेगा मजदूर को 346 रुपए दिहाड़ी मिल रही है। ऐसे में इस पक्षपात को दूर करने का केंद्रिय मंत्री से आग्रह किया गया। इस मांग को केंद्रिय मंत्री ने जायज माना और विचार विमर्श करके जल्द इस मुद्दे को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

इस दौरान पंचायती राज में मजदूरों से काम करवाने की सरकार को काफी समस्या आ रही है। मजदूरों को समय के अनुसार पैसे ना मिलने को लेकर कहा कि सेमी स्टेट को जो पेमेट आती है और उसे मट्रीरियल के साथ लिंक किया हुआ है। जिसके कारण उनकी पेमेंट पेंडिंग पड़ रही है। ऐसे में मट्रीरियल पेमेंट को जल्द पंजाब सरकार के खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए केंद्रिय मंत्री के समक्ष मुद्दा उठाया गया और उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द पैसे ट्रांसफर किए जाएगे।

वहीं एसवाईएल मुद्दे को लेकर कहा कि एसवाईएल तभी बनती अगर पंजाब के पास पानी होता। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास तो पहले ही पानी कम है। हम तो खुद जमीन से पानी निकालकर जमीन को खोखला कर रहे है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रत्येक 25 साल बाद पानी का रिव्यू होना चाहिए। कैबिनेट मंत्री ने केंद्र से सवाल किया कि क्या आज तक देश की आजादी के बाद पानी का असल में रिव्यू करवाया।

उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में पानी का रिव्यू किया जाए तो पंजाब स्टेट के पास पीने के लिए पानी नहीं बचा। कैबिनेट मंत्री ने कहाकि पंजाब के सीएम भगवंत मान ने साफ शब्दों में कहा है कि एसवाईएल की जगह इसे वाईएसएल बना लिया जाए और यमुना का पानी सतलुज में फेंका जाए। इससे पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की जरूरत पूरी हो जाएगी। इसे केंद्र द्वारा वोटों के दौरान राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। दूसरी ओर 1600 करोड़ के मुद्दे पर कहा कि पंजाब सरकार को अभी तक कुछ नहीं मिला है।

कैबिनेट मंत्री ने कहाकि पंजाब में बाढ़ के दौरान हैवी बारिश से 36 हजार लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और इसका डाटा केंद्र को भेजा गया। इस दौरान केंद्र द्वारा पंजाब में आकर इसका जायजा लिया गया और उसके बाद केंद्र ने सांझी स्कीम पीएमएवाई के दौरान सबसिडी दी है। लेकिन 1600 करोड़ रुपए से एक सिंगल पैसा नहीं दिया गया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *