जालंधरः मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज जालंधर को उस समय चार चांद लग गए जब नैशनल बोर्ड आफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) नई दिल्ली की ओर से एक प्रोग्राम में डिप्लोमा फार्मेसी को 3 साल के लिए मान्यता दी गई। प्रिंसीपल डॉ. जगरूप सिंह ने बताया कि ये मान्यता 30 जून 2027 तक रहेगी, जो भी विद्यार्थी इस कालेज से डिप्लोमा करेंगे, उनके सर्टिफिकेट पर एनबीए एक्रीडिटेशन यानी मान्यता प्राप्त लिखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि इससे पहले इलैक्ट्रिकल प्रोग्राम को भी एनबीए की ओर से मान्यता दी गई है। उपलब्धि के साथ मेहरचंद पंजाब का पहला बहुतकनीकी कालेज बन गया है। प्रिंसीपल डॉ. जगरूप सिंह ने फार्मेसी विभाग के मुखी डॉ. संजय बांसल, स्टाफ और एनबीए के कोआर्डिनेटर डॉ. राजीव भाटिया को बधाई दी।
प्रिंसीपल डॉ. जगरूप सिंह ने कहा कि पिछले साल उन्होंने 2 प्रोग्राम में एनबीए की मान्यता के लिए अप्लाई किया था। दोनों ही प्रोग्राम में उन्हें एनबीए एक्रीडिटेशन होने के साथ 100 फीसदी रिजल्ट मिला है। जो कि बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिए डीएवी मैनेजिंग कमेटी के प्रधान डॉ. पूनम पुरी, उपप्रधान जस्टिस एनके सूद, उप प्रधान डॉ. आरके आरिया, सैक्रेटरी अरविंद घई, सैक्रेटरी अजे गोस्वामी और डायरैक्टर उच्च शिक्षा शिवरमन गौर (रिटायर्ड आईएएस) का धन्यवाद किया। एनबीए मान्यता मिलने से कालेज के स्टाफ में उत्साह का माहौल है। कालेज में स्टाफ और विद्यार्थियों में लड्डू बांटे गए। इस मौके डॉ. राजीव भाटिया, कशमीर कुमार, मंजू मनचंदा, रिचा, प्रिंस मदान, तरलोक सिंह, सुधांशु नागपाल, मीना बांसल, संदीप कुमार, पंकज गुप्ता, सविता और अभिषेक हाजिर थे।

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