Jalandhar News: नशे को लेकर 5 गांवों ने बनाई महापंचायत, 8 काबू, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: नशे के खात्में के लिए 5 गांवों ने मिलकर महापंचायत बनाई है। जो दिन-रात को गांवों में ठीकरी पहरा दे रहे हैं। जिनमें गांव दयालपुर, कुदोवाल, भीखानंगर, मल्लियां और धीरपुर की पंचायतें शामिल है। वहीं गांव के सरपंचों ने चेतावनी देते कहा कि अगर कोई भी नशे बेचने वाला गांव में शामिल होता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। नौजवानों को नशे से दूर रखने के लिए लगातार गांव में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है, ताकि कोई भी नशा गांव में दाखिल न हो सके।

वहीं उन्होंने कहा कि वह पुलिस की नशा मुक्ति अभियान में भी अपना पूरा सहयोग देंगे। वहीं इसकी ग्राउंड रिपोर्ट के लिए हमारी टीम आज वहां पर पहुंची। उस समय गांव के लोगों की तरफ से गांव कुद्दोवल के बाहर नशा तस्करों व लूटपाट करने वालों के खिलाफ पहरा दे रहे थे। इस दौरान आधे घंटे के बीच 15 से ज्यादा लोगों को रोक कर तलाशी ली तो उनमें से 8 लोग नशे और लूटपाट से जुड़े हुए थे। हमारी टीम के साथ बात करते हुए गांव वासियों ने बताया कि पिछले काफी समय से उनके गांव में लूटपाट और चोरी की वारदातें बढ़ती ही जा रही थी।

इसी दौरान लोहड़ी के दिन उनके गांव में बच्चे लोहड़ी मांगने के लिए आए थे। तभी नशे में धोखा लुटेरे उनसे मांगे हुए पैसे और उनके दाने लूटकर फरार हो गए थे। तब से पांच गांव की पंचायत ने मिलकर नशा तस्कर और लूट पाट वालों के खिलाफ अभियान चलाने का फैसला लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी लोग इकट्ठा होकर अलग-अलग समय पर अलग जगह पर ओचक नाका लगाकर अभियान को अंजाम देते हैं। जब भी कोई व्यक्ति गांव के पास से गुजरता है या फिर गांव के अंदर आता है तो शक के आधार पर रोक कर उनसे पूछताछ की जाती है। कौन से आईडी कार्ड मांगा जाता है और अगर कोई तसल्ली बख्श जवाब ना दे सके तो उनकी तलाशी भी ली जाती है।

वहीं उन्होंने बताया कि बीते दिन उनके नाके बंदी दौरान दो बाइक पर सवार होकर आए चार युवकों को रोककर तलाशी ली तो उनसे तेजधार हथियार बरामद हुए थे। उनसे अभी पूछताछ कर ही रहे थे कि पीछे से एक पार्सल डिलीवरी बॉय आया और उसने बताया कि एक महीने पहले उक्त लुटेरों ने उनसे मोबाइल और कैश लूटा था। तभी उन्होंने उक्त लुटेरों को थाना करतारपुर की पुलिस को मौके पर बुलाकर उनके हवाले कर दिया। वही गांव का शिव ने बताया कि इस अभियान के तहत थाना करतारपुर की पुलिस और डीएसपी करतारपुर का काफी सहयोग मिल रहा है। जब भी वह कोई संदेश को पकड़ते हैं या फिर उन्हें उनकी मदद की जरूरत होती है तो पुलिस एक ही कॉल पर उनके पास पहुंच जाती है।

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