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Punjab News: रशिया में जबरन सेना में भर्ती 21 वर्षीय युवक की मौत, 6 माह बाद पहुंचा शव, देखें वीडियो

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Punjab News: रशिया में जबरन सेना में भर्ती 21 वर्षीय युवक की मौत, 6 माह बाद पहुंचा शव, देखें वीडियो

लुधियानाः जिले के ढाबा एरिया से 21 वर्षीय युवक बेहतर भविष्य के लिए रशिया गया था, जहां 21 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान समरजीत सिंह के रूप में हुई है। 6 माह के बाद समरजीत का शव पंजाब पहुंचा है। परिवार का आरोप है कि बेटे को जबरन सेना में भर्ती कर लिया गया था। बीते दिन रूस से शव लुधियाना पहुंचा और आज डाबा स्थित श्मशानघाट में उसका रिति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। 8 सितंबर के बाद उसका परिवार से संपर्क टूट गया और 10 सितंबर को उसकी मौत हो गई, लेकिन परिवार को इसकी आधिकारिक सूचना काफी समय बाद मिली। समरजीत के मौसा अमरजीत सिंह ने बताया कि परिवार को एक सप्ताह पहले एक रुसी भाषा में एक लेटर मिला था। उसमे समरजीत सिंह की मौत की जानकारी थी। 2 दिन पहले सूचना मिली थी कि समरजीत की मौत हो गई और उसका डेथ सर्टिफिकेट भी उन्हें भेजा गया।

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परिवार ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र में समरजीत की मौत दिसंबर महीने में होने का उल्लेख किया गया है। जिसके बाद इस बात को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पहले उन्हें सितंबर में मौत की जानकारी दी गई थी। इस विरोधाभास के कारण परिवार में संदेह और दुख दोनों बढ़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि समरजीत को रूस में जबरन सेना में भर्ती किया गया था। उसकी पहचान भी रूस की सेना के एक टोकन के माध्यम से ही हो पाई है। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि समरजीत की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके। चरणजीत सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग के कुछ दिन बाद जब उन्होंने समरजीत को आर्मी की वर्दी दी तो उसने सवाल किया कि उसे वर्दी क्यों दी जा रही है। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें आर्मी के डॉक्टर के साथ काम करना है, इसलिए वर्दी पहननी जरूरी है।

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कुछ दिन बाद समरजीत पता चला कि उसे धोखे से आर्मी में भर्ती करवा दिया। ​​​​​पिता चरणजीत ने बताया कि 16 जुलाई को ​​समरजीत लुधियाना से रूस जाने के लिए निकला। उसके बाद वह रूस पहुंचा। वहां पर कुछ दिन रहने के बाद उसे कहा गया कि रशियन लैंग्वेज सीखने के लिए 3 महीने का कोर्स करना होगा। उसने वह कोर्स शुरू किया और कहा कि कोर्स पूरा होने के बाद उसे नौकरी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि वह बहुत खुश था। बताया गया कि समरजीत की बीती 10 सितंबर को ड्रोन अटैक में मौत हो गई थी। लेकिन उसकी सूचना नहीं मिले थे। परिवार के लोग परेशान थे। परिजनों को कहना है कि एक सप्ताह पहले उनको रसियन भाषा में एक लेटर में मिला था। इसमें उसकी मौत की जानकारी दी गई थी।

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