Home Himachal>Una झंबर पंचायत में एक हजार खैर कटने की खबर निकली झूठी 

झंबर पंचायत में एक हजार खैर कटने की खबर निकली झूठी 

0
झंबर पंचायत में एक हजार खैर कटने की खबर निकली झूठी 

72 घंटे की जांच के बाद डीएफओ ऊना सुशील राणा ने किया खुलासा

ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना की पंचायत झंबर में कथित तौर पर एक हजार खैर के पेड़ों के अवैध कटान की खबर को लेकर वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए डीएफओ ऊना सुशील राणा ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा 72 घंटे तक लगातार की गई विस्तृत जांच के बाद यह खबर पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक पाई गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गलत खबरें न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम लोगों में भी भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं। डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि जैसे ही यह खबर सामने आई, वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच टीम गठित की।

टीम ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया, आस पास के क्षेत्रों की भी पड़ताल की और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान कहीं भी एक हजार खैर के पेड़ों के अवैध कटान जैसी कोई घटना सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि मीडिया और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से ही जंगलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक निजी दैनिक समाचार पत्र द्वारा बिना पुष्टि के इस तरह की भ्रामक खबर प्रकाशित करना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे सोशल मीडिया पर वन विभाग की अनावश्यक किरकिरी हुई।

जिला ऊना के वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि पिछले 6 महीनों में विभाग ने अवैध कटान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 28 गाड़ियों को पकड़ा गया है, जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से लकड़ी ढोने में किया जा रहा था। इसके अलावा 43 वन काटुओं के पर प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे खैर के पेड़ हों या बालन (ईंधन) के लिए काटी जाने वाली लकड़ी, वन विभाग हर तरह के अवैध कटान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।

किसी भी व्यक्ति को जंगलों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ ने लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध कटान की जानकारी मिलती है तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि समाज में सही जानकारी पहुंचे और अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here