Home International मस्जिद में ईद के जश्न के दौरान PM का हुआ विरोध, Get Out of Here के लगे नारे, देखें वीडियो

मस्जिद में ईद के जश्न के दौरान PM का हुआ विरोध, Get Out of Here के लगे नारे, देखें वीडियो

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मस्जिद में ईद के जश्न के दौरान PM का हुआ विरोध, Get Out of Here के लगे नारे, देखें वीडियो

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का सिडनी की मशहूर लकेम्बा मस्जिद पहुंचे। इस दौरान वहां पर प्रधानमंत्री के भारी विरोध के साथ उन पर हूटिंग की गई। इस दौरे का मकसद ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिमों के साथ जुड़ाव दिखाना था और वह यहां मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने और ईद की मुबारकबाद देने आए थे। लेकिन जब मस्जिद के एक नेता भाषण दे रहे थे, उसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने PM को घेर लिया। भीड़ ने उन्हें ‘नरसंहार का समर्थक’ बताते हुए ‘यहां से चले जाओ’ (Get out of here) के नारे लगाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते और गुस्से में चिल्लाते नजर आ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद एक शख्स ने चीखते हुए कहा, ‘वह यहां क्यों हैं? उन्हें यहां से बाहर निकालो। यह शर्म की बात है।’ लोगों की हूटिंग के बीच अल्बनीज भीड़ से बचते हुए तेजी से वहां से निकल गए। रिपोर्ट में बताया गया कि अल्बनीज पर चिल्लाने वाले एक शख्स को पुलिस ने वहां से हटा दिया था। बाद में उसे बिना किसी आरोप के छोड़ दिया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलिया के मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों में गाजा युद्ध को लेकर सरकार के रवैये पर गुस्सा है। वहीं, मस्जिद का संचालन करने वाली लेबनीज मुस्लिम एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री की मेजबानी के अपने फैसले का बचाव किया है।

एसोसिएशन ने इस आलोचना को भी खारिज किया कि निमंत्रण सरकारी नीतियों के समर्थन का संकेत है। वहीं, अल्बनीज ने बाद में कहा कि इस घटना के बावजूद बेहद सकारात्मक कहा। उन्होंने संकेत दिया कि यह विरोध हाल ही में ‘हिज्ब उत-तहरीर’ जैसे संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हो सकता है। बता दें कि दिसंबर 2024 में सिडनी के ‘बॉन्डी बीच’ पर हुए नरसंहार के बाद सरकार ने कट्टरपंथी समूहों पर नकेल कसने के लिए नए कानून बनाए हैं।

पिछले साल दिसंबर में बॉन्डी बीच पर एक यहूदी कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी हुई थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। जांच में सामने आया था कि हमलावर इस्लामिक स्टेट (IS) की विचारधारा से प्रभावित थे। इस घटना के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया में यहूदी और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव चरम पर है। मस्जिद का संचालन करने वाली ‘लेबनीज मुस्लिम एसोसिएशन’ ने PM को बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकार से बातचीत करना जरूरी है, ताकि समुदाय की आवाज सीधे उन तक पहुंच सके।

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