- कमंडल
- धनुष
- बाण
- कमल का फूल
- अमृत से भरा कलश
- चक्र
- गदा
- जाप माला
- कलावा
- कुमकुम
- अक्षत (चावल)
- घी
- धूप
- चंदन
- तिल
- पीली मिठाई
- पीले कपड़े
- पीली चूड़ियां
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें (पीले रंग के कपड़े शुभ माने जाते हैं)।
- सबसे पहले कलश की पूजा करें।
- इसके बाद मां कुष्मांडा की पूजा शुरू करें।
- हाथ में फूल लेकर मां को प्रणाम करें।
- सच्चे मन से ध्यान करते हुए यह मंत्र बोलें:
- मां को पंचामृत से स्नान कराएं।
- घी का दीपक जलाएं।
- लाल फूल, कुमकुम और चंदन अर्पित करें।
- फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- “ॐ कुष्माण्डायै नम:” मंत्र का जाप करें।
- गणेश जी और मां की आरती करें।
- पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा मांगें।
- अंत में शंख बजाकर पूजा पूरी करें और प्रसाद बांटें।
- केसर पेठा या केसरिया हलवा
- मालपुआ और बताशे
- दही और हलवा
- सिंघाड़े के आटे का हलवा
- आलू या बादाम का हलवा