Jalandhar News: युद्ध पर लगा विराम, लोगों ने ईरान के लिए भेजे गहने और पैसे, कालिया का बयान, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: ईरान संग सीजफायर पर सहमति बनने और युद्ध 2 सप्ताह के लिए रुकते ही डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं। जिस ईरान पर वह पिछले 40 दिनों से कहर बरसा रहे थे, उसके साथ युद्ध रोके जाने को वह विश्व शांति के लिए बड़ा दिन बता रहे हैं। इतना ही नहीं वह इसे मिडिल ईस्ट के लिए सुनहरा दौर मान रहे हैं। वहीं युद्ध को लेकर भाजपा नेता मनोरंजन कालिया ने कहाकि ईजरायल, अमेरिका और ईरान में 40 दिन तक जंग चली। अब युद्ध पर विराम लग गया है और वह इसका सभी देश स्वागत कर रहे हैं। दुनियां के सारे देश युद्ध को लेकर चिंतित थे और सभी देशों ने युद्ध पर विराम लगने के बाद राहत की सांस ली है। अमेरिका और इजरायल पर भरोसा ना किए जाने को लेकर कहाकि दोनों देश पहले भी युद्ध विराम का ऐलान करते थे और उसके बाद बयान से पलट जाते थे। दोनों देशों का बयान से पलटने को लेकर विश्वास ना किए जाने को लेकर मजबूर करता है।

कालिया ने कहा कि वह अपेक्षा करते है कि इस बार अमेरिका और इजरायल युद्ध विराम को मानेंगे। इस युद्ध से दुनियां भर में आर्थिक सकंट पैदा हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के साथ चोक होने पर दुनियां के सारे देश प्रभावित हुए। दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्रूड ऑयल जाना बंद हो गया था और गैस सप्लाई बंद हो गई थी। जिसके कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा हुआ। इसकी कीमतें अमेरिका में भी बढ़ी। वहीं कालिया ने भारत में तेल की कीमतों में बढ़ौतरी ना होने का श्रेय नरेंद्र मोदी को दिया है। उनका मानना है कि देश के प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होने के बाद भी तेल की कीमतों में बढ़ौतरी नहीं की है। कालिया ने कहा कि ईरान और भारत के इतिहासिक संबंध है।

उन्होंने कहाकि भारत ने जब पाकिस्तान को लेकर जम्मू-कश्मरी का मुद्धा अंतराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था और उसे समय ईरान भारत के समक्ष खड़ा था। वहीं अब युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज रोके गए, लेकिन भारत के जहाज नहीं रोके गए। इस दौरान सकंट की घड़ी में एक बार फिर से ईरान ने भारत की अर्थव्यवस्था को गिरने से बचाया। कालिया ने कहाकि वह भारत सरकार और ईरान के आभारी है। युद्ध में ईरान ने इजरायल और अमेरिका का डटकर मुकाबला किया। जिसके बाद अब इन देशों को पता चल गया था कि लड़ाई का कोई फायदा नहीं होगा, जिसके बाद अब सीजफायर का ऐलान किया गया।

वहीं कशमीर में बड़ी गिनती में लोगों ने ईरान के लिए सोना-चांदी और पैसा इकट्ठा किया। इस दौरान उनका कहना है कि यह पैसा सिर्फ दवाईयों के लिए इस्तेमाल होगा। कालिया ने कहा कि जम्मू और लखनऊ में शिया है। ईरान के चीफ बाराबंकी से 1857 से यहां से गए थे। ऐसे में शिया समुदाय द्वारा जम्मू और लखनऊ के लोगों ने गहने और पैसे ईरान के लिए भेजे। वहां पर महात्मा गांधी के नाम पर अस्पताल चल रहा था, जहां इजरायल ने उस पर मिसाइल से हमला किया था। ईरान के लिए बच्चों सहित सभी लोगों ने पैसा ईरानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए भेजा है ताकि वह दोबारा से खड़े हो सके।

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