ऊना/सुशील पंडित: बीते कल सोमवार- मंगलवार की मध्यरात्रि 13051 हावड़ा- कालका ( नेताजी एक्सप्रेस) अपने गंतव्य स्टेशन कालका अपने निर्धारित समय से करीब सवा दो घंटे देरी से पहुँची। जिस कारण हिमाचल की राजधानी शिमला टॉय ट्रेन से सफ़र करने वाले यात्रियों को काफी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा। रेलवे की मनमानी और प्रीमियम ट्रेनों को प्राथमिकता देने के चक्कर में नेताजी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुँची।
यात्रियों ने रेल मदद और ट्विटर के माध्यम से भी दिल्ली और अंबाला डिविज़न को समस्या से अवगत कराया और शिकायत दर्ज करते हुए रेलवे से अनुरोध किया परंतु रेलवे के अधिकारी कुंभकर्ण की नींद सोते रहे। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन नंबर 52457 कालका – शिमला एक्सप्रेस ट्रेन में टिकट बुक थी लेकिन नेताजी एक्सप्रेस के देरी से पहुँचने के कारण उनकी आगे की ट्रेन छूट गई और बुकिंग में खर्च किए रूपए बर्बाद हो गए।
जिस कारण उनकी पूरी रात परेशान में गुज़री। रेलवे की मनमर्जी और ट्रेनों की लेट लतीफ़ी ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। यात्रियों ने कहा कि स्टेशनों पर यात्रियों को बैठने के लिए ना पर्याप्त बेंच है। वहीं सार्वजानिक मंचों से नेता बड़े बड़े बयान तो देते हैं मगर असलियत में यह सिर्फ़ एक दिखावा है। आम और गरीब लोग जनरल डिब्बों में लटकते हुए जाने को मजबूर हैं। जनरल डिब्बों की क्षमता से पांच गुणा अधिक संख्या में यात्री जानवरों से बदतर स्थिति में सफ़र करते हैं।