Jalandhar सहित इन जिलो में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, जहरीली हुई हवा

जालंधर, ENS: पंजाब में एक बार फिर से खेतों के पराली को जलाने के मामले सामने आने लगे है। इस सीजन में अब तक पराली जलाने के 44 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा एसबीएस नगर में मामले सामने आए है। वहीं जालंधर व लुधियाना में 2-2 मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा हैकि एसबीएस नगर में 8, मुक्तसर में 6, फिरोजपुर व कपूरथला में 5-5, बरनाला, गुरदासपुर व पटियाला में 3-3, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, होशियारपुर, मानसा, संगरूर और मालेरकोटला में एक-एक मामला दर्ज किया गया।

वहीं पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को लगातार फसल अवशेष जलाने के नुकसान बता रहे हैं। सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की जा रही है। अब निगरानी को और सख्त किया जाएगा। खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के मामलों की सेटेलाइट के जरिये 1 अप्रैल से निगरानी शुरू की गई है, जो 30 मई तक चलेगी। दो दिन पहले 14 मामले दर्ज किए गए थे।

पंजाब में खेतों में आग लगाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पीपीसीबी एक्शन में आ गया है। पीपीसीबी ने अब तक 4 मामलों में 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि एक मामले में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन मामलों में रेड एंट्री की गई हैं। रेड एंट्री का मतलब है कि संबंधित किसान अपनी जमीन न तो बेच पाएंगे और न ही गिरवी रख पाएंगे। बीते दिन मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं पटियाला, बठिंडा व अमृतसर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 155, अमृतसर का 135 और पटियाला का एक्यूआई 106 दर्ज हुआ।

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