Home Chandigarh Property Dealer चमनप्रीत कत्ल मामले में ADGP की भाभी अमरीन राय गिरफ्तार

Property Dealer चमनप्रीत कत्ल मामले में ADGP की भाभी अमरीन राय गिरफ्तार

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Property Dealer चमनप्रीत कत्ल मामले में ADGP की भाभी अमरीन राय गिरफ्तार

चंडीगढ़ः सेक्टर-9 स्थित चर्चित प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-35 निवासी मास्टरमाइंड पंजाब एडीजीपी की भाभी अमरीन राय को गिरफ्तार किया है। आरोपी को डीएसपी लक्ष्य पांडे की सुपरविजन में क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल की अगुवाई में पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी को उस समय गोली मार दी गई थी, जब वह अपनी कार में बैठे हुए थे। हमलावरों ने उन पर कई राउंड फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। जांच के दौरान पुलिस को प्रॉपर्टी विवाद का एंगल सामने आया, जिसके आधार पर मामले की गहराई से जांच की गई।

इसी कड़ी में पुलिस ने अमरीन राय को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच में पता चला कि अमरीन ने गैंगस्टर लकी पाटियाल के जरिए हत्या की साजिश की। इस काम में मोहाली के गांव कैम्बाला के निवासी प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। हर्षप्रीत ने एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अमरीन और गैंगस्टर के बीच संपर्क करवाया। अमरीन ने हत्या के बदले बड़ी रकम देने का वादा किया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ शुरू की।

जांच में पता चला कि बरामद पिस्टल अमरीन के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिससे उसके शामिल होने की बात सामने आई। पूछताछ के दौरान हर्षप्रीत ने कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी। अवैध रूप से हथियार रखने के चलते हर्षप्रीत के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर लकी पाटियाल ने पूरी साजिश को संचालित किया। उसने शूटर्स रंजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम को वारदात के लिए तैयार किया।

दोनों को हत्या के लिए जरूरी हथियार मुहैया कराए गए, साथ ही भागने के लिए बाइक और खर्च के लिए पैसे भी दिए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि 18 मार्च को दोनों शूटर पहले से ही जिम के बाहर पहुंचकर मौके की रेकी कर चुके थे। जैसे ही चमनप्रीत सिंह जिम से बाहर निकले, दोनों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें शूटरों को पहले से निर्देश दिए गए थे और भागने का रूट भी तय किया गया था। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

 

 

 

 

 

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