प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस तेज रफ्तार में थी। अचानक ड्राइवर ने बस से नियंत्रण खो दिया। बस डिवाइडर से टकराकर किनारे लगी रेलिंग पर लटक गई। इससे कई यात्री बस की खिड़कियों से एक्सप्रेस-वे के नीचे गिर गए। एक का पैर कटकर अलग हो गया। हादसा औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 262 के पास हुआ। मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात दरोगा रामचंद्र राम (59) और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59) भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, सीवान पुलिस की टीम 24 मई को कैदी को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। एक्सप्रेस-वे के बगल में ढलान वाली जगह पर घायल तड़पते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। 6-7 एंबुलेंस की मदद से 27 घायलों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। फर्श पर खून ही खून फैल गया। घायल दर्द से कराहते रहे। CHC में डॉक्टरों ने 6 यात्रियों को मृत घोषित कर दिया। बाकी को प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, बस में अधिकतर यात्री बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर के रहने वाले थे। सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया है। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। लंबा जाम लग गया। मृतकों में दरोगा-कैदी के अलावा सुरेश कुमार जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार (गोरखपुर), विदेशी गुप्ता निवासी मदपुर (गोरखपुर), विजय कुमार निवासी फारेसन गोविंदपुर (बस्ती) शामिल हैं। 2 की पहचान अब भी बाकी है। घायल यात्री बृजेश कुमार ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले हैं। रात के वक्त बस में सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा। धमाके जैसी आवाज हुई। इससे पहले कुछ समझ पाते सामने अंधेरा छा गया। होश आने पर खुद को सीएचसी में भर्ती पाया।