चिली की राष्ट्रीय आपदा निवारण सेवा ने साफ किया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। अभी तक किसी के घायल होने या गंभीर क्षति की कोई पुष्टि नहीं हुई है। कुछ इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई, सड़कों पर छोटे-मोटे पत्थर गिरे, लेकिन स्थिति सामान्य बताई जा रही है। कलामा और आसपास के इलाकों में स्कूलों को मंगलवार को निरीक्षण के लिए बंद रखा गया। स्थानीय कॉपर माइन में काम थोड़ी देर के लिए रोका गया, लेकिन सेवाएं जल्द बहाल हो रही हैं। चिली दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में शुमार है। यहां नाज़का, दक्षिण अमेरिकी और अंटार्कटिक प्लेट्स टकराती हैं, जिससे अक्सर भूकंप आते रहते हैं।लोग आमतौर पर 7.0 से कम तीव्रता के भूकंपों को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होते, क्योंकि देश की इमारतें भूकंपरोधी तकनीक से बनी होती हैं। बता दें कि 1960 में वाल्दिविया में 9.5 तीव्रता का सबसे शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए। इसके बाद 2010 में 8.8 तीव्रता के भूकंप ने मध्य चिली को भारी नुकसान पहुंचाया था।