Jalandhar News : PAP चौक पर धरने को लेकर SDM का आया बयान, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: गांव नूरपुर चट्ठा की सांझी जमीन पर बने धार्मिक स्थल को लेकर मामला गरमा गया। आज बाबा गिरधारी नाथ की अगुवाई में वाल्मीकि भाईचारे की ओर से पीएपी चौक पर धरना लगाया गया। इस मामले को लेकर प्रशासन के मौके पर ना पहुंचने के विरोध में वाल्मीकि समुदाय ने जालंधर दिल्ली नेशनल हाईवे पर जाम कर दिया। लोग विरोध में हाईवे की सड़क पर लेट गए है। वहीं हाईवे पर लंबा जाम लग गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। लोगों के साथ काफी देर तक एसडीएम की चली मीटिंग के बाद धरने को समाप्त करवा दिया गया। मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम नकोदर लाल विश्वास ने बताया कि नकोदर सबडिवीजन के अंतर्गत आते गांव नूरपुर चठा में पंचायत की जमीन को लेकर हाईकोर्ट में आर्डर किए गए थे कि जो भी नाजायज कब्जा है उसे छुड़वाकर पंचायत को हैंडोवर किए जाएं। वहां पर गांव के एक लड़के की तरफ से मंदिर बनाया गया है। उसको लेकर अभी भी उनके द्वारा क्लेम किया जा रहा था। जिसको लेकर उन्हें बता दिया गया है कि वह हाई कोर्ट में जाकर अपील दायर कर अपने इंसाफ के लिए मांग कर सकते है।

बता दें कि आज लोगों द्वारा लगाए गए डरने के दौरान लंबा जाम लगा देख प्रशासन द्वारा रूट को डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, नूरपुर में भगवान वाल्मीकि मंदिर के ताले तोड़ने और उसे हटाने को लेकर लोगों में भारी रोष पाया गया। धरना लगाकर बैठे लोगों का आरोप है कि गांव नूरपुर गांव की सांझी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस मामले को प्रशासन को पत्र भी जारी किया गया है। जारी पत्र में गगनदीप सिंह ने कहा कि सरपंच बलविंदर कौर और उसके पति शिंगारा सिंह द्वारा गांव की सांझी और सरकारी जमीन पर गांव के कुछ व्यक्तियों से कब्जा करवा लिया है। इस कब्जे में कुछ पंच के मैंबर भी शामिल है।

गांव वासियों का कहना है कि नूरपूर की सांझी पंचायती और नहर खाली की जमीन की निशानदेही करवाई जाए और अवैध कब्जों को हटाकर गांव की आमदन का साधन बनाया जाए। चेयरमैन जोगिंदर सिंह मान ने कहा कि गांवों के कुछ मुद्दे है। वहीं लोहिया के अंतगर्त आते जलादपुर में ग्रंथ की बेअदबी की गई। इस मामले को लेकर जब शिकायत की गई तो पुलिस ने आरोपी को काबू करने की जगह अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

वहीं दूसरी ओर नूरपूर चट्ठा में गुरुद्वारा सहित कई जगह धार्मिक स्थान पंचायत की जगह पर बने हुए है। लेकिन पंचायत ने भगवान वाल्मीकि मंदिर बनाए जाने को लेकर केस दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि यह जाति में भेदवाद के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। अगर पंचायत ने कानून लागू करना है तो सभी धर्मों की जगहों पर किया जाना चाहिए। लेकिन एक धर्म को ही निशाना बनाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि 2 घंटे के लिए यह धरना उनके द्वारा लगाया जा रहा है।

वहीं बाबा गिरधारी नाथ का कहना है कि बिना नोटिस दिए भगवान वाल्मीकि मंदिर के ताले तोड़े गए। इस बेअदबी को लेकर समुदाय में भारी रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी घटना स्थल पर बात करने के लिए नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आज 2 घंटे के लिए यह धरना लगाया जा रहा है, लेकिन अगर कोई समाधान ना निकला तो आने वाले समय में संघर्ष को ओर तीखा किया जाएगा।

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