नई दिल्लीः राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया (ADSI) रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु ने पिछले तीन वर्षों से इस सूची में शीर्ष पर रहे पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। तमिलनाडु में नशे की ओवरडोज से मरने वाले युवाओं की संख्या देश में पहले स्थान पर है।
तमिलनाडु 2024 में भारत में मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या वाला राज्य बनकर उभरा है, जिसने पंजाब को तीन वर्षों से चले आ रहे इस स्थान से हटा दिया है। भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्याओं पर राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष इस दक्षिणी राज्य में ऐसी 313 मौतें दर्ज की गईं जो देश में सबसे अधिक हैं।
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2024 में पूरे भारत में ड्रग ओवरडोज से तमिलनाडु में 313 मौतें दर्ज की गईं।
तमिलनाडु के लिए यह पहली बार नहीं है जब उसे इस भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा है। 2021 में, राज्य में कुल 737 मौतों में से 250 मौतें हुई थीं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक थीं। हालांकि राज्य ने इन आंकड़ों को काफी हद तक कम कर दिया था। लेकिन 2024 के आंकड़े एक बेहद चिंताजनक उलटफेर का संकेत देते हैं।
तमिलनाडु में नशीली दवाओं का परिदृश्य चिंताजनक रूप से जटिल हो गया है। अगस्त 2025 की TOI रिपोर्ट के अनुसार मेथम्फेटामाइन राज्य में सबसे अधिक दुरुपयोग किए जाने वाले पदार्थों में से एक है, और जब्त की मात्रा एक सुसंगठित वितरण नेटवर्क की ओर इशारा करती है। रिपोर्ट में हाइड्रोपोनिक भांग की बढ़ती लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला गया है। ये भांग की एक शक्तिशाली किस्म है, जिसे नियंत्रित प्रकाश और जलवायु परिस्थितियों में घर के अंदर उगाया जाता है और थाईलैंड, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों से हवाई जहाज से मंगाया जाता है।