अस्पताल परिसर में आशा ज्योति केंद्र का संचालन होता है। इस दौरान अचानक शार्ट सर्किट से वन स्टॉप सेंटर के वेटिंग हाल के फॉलसीलिंग से धुआं निकलने लगा। दस मिनट में आग की लपटे दिखने लगीं। थोड़ी देर में ही धुंआ बिल्डिंग में भरने लगा। हालांकि इस दौरान घटनास्थल पर कोई मरीज नहीं था। धुआं बढ़ने से सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अस्पताल के कर्मचारी फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने में सफल रहे। तड़के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे भवन में धुआं भर गया। इससे सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। कर्मचारी घटना स्थल की तरफ भागे। फायर एश्टिग्यूसर से कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आशा ज्योति केंद्र प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है। कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया। पहले भी यहां आग लग चुकी है। फायर सुरक्षा से जुड़े कार्य अधूरे होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल में फायर फ्रूफ फाल्स सीलिंग लगाने का काम चला रहा है। साथ ही अनहोनी की दशा में आग पर पानी की बौछार करने का सिस्टम भी लगाया जा रहा है। एक साल से अधिक का समय गुजर चुका है। अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। अधूरा काम होने से अस्पताल में मरीजों की जान जोखिम में है। लोकबंधु अस्पताल के सीएमएस डॉ राजीव दीक्षित ने बताया कि शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। लोकबंधु अस्पताल में 14 अप्रैल 2025 को भी भीषण आग लगी थी, जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी।View this post on Instagram