Jalandhar News: बहबलकलां गोलीकांड में SIT के सामने पेशी को लेकर विजय सांपला का आया बयान

जालंधर, ENS: बहुचर्चित साल 2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी। इस मामले में पूछताछ के लिए पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला आज जालंधर के पीएपी कॉम्प्लेक्स में एसआईटी के सामने पेश होने से पहले मीडिया के सामने आए। वहीं SIT के समक्ष पेश होने पर विजय सांपला ने कहा कि वह जांच में कमेटी का पूरा सहयोग करेंगे। मीडिया से बात करते हुए हुए कहा कि इस केस में भाजपा का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन उसके बावजूद उन्हें कमेटी में शामिल होने के लिए कहा गया।

सांपला ने कहा कि जो अधिकारी उन्हें समन देने के लिए आए थे, उन्हें खुद नहीं पता कि मुझे किस दफ्तर में जाकर पेश होना है। जिसके बाद उन्हें पता चला कि नौनिहाल मामले की जांच कर रहे है। इस दौरान नौनिहाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह कमेटी का हिस्सा नहीं है। जिसके बाद पता चला कि केस को डीआईजी प्रमोद केस को देख रहे है। इस दौरान पता चला कि गर्वनर साहिब को 2015 को उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा था। सांपला ने कहा कि उनके द्वारा सैंकड़ों मांग पत्र सौंपे गए और उस दौरान अकाली-भाजपा की सरकार थी। सांपला ने कहा कि केस 2015 का है और वह 2016 में प्रधान के पद पर तैनात हुए।

ऐसे में उनके द्वारा केस की कॉपी मांगी और पूछा गया कि उन्हें केस में शामिल होने के लिए क्यों बुलाया गया। सांपला के अनुसार उन्हें बिना जानकारी के क्यों ब बुलाया गया, उन्हें नहीं पता। लेकिन उसके बावजूद उन्हें कमेटी में शामिल होने के लिए कहा गया। विजय सांपला के साथ फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इस केस को लेकर लगातार कमेटी बनाई जा रही है। केस को लेकर पहले कांग्रेस सरकार के दौरान भी पेश बनाई गई थी।

वहीं डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व सीएम बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ की एसआईटी में पेशी को लेकर कहा कि वह बीते दिन कमेटी के समक्ष पेश हुए, लेकिन वह उस समय सरकार के दौरान कार्यकाल में मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि एसआईटी द्वारा सांपला को उक्त मामलों में जिले के थाना बाजाखाना में 14 अक्टूबर 2015 तथा 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज हुए मामले में उन्हें बुलाया गया। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था।

 

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