Jalandhar: उप चुनाव को लेकर Raja warring सहित कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बनाई रणनीति

जालंधर, ENS: वेस्ट हलके में 10 जुलाई को होने वाले उप चुनाव को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है। इसी के चलते आज वेस्ट हलके में स्थित होटल में कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, सासंद चरणजीत सिंह चन्नी सहित अन्य विधायकों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव को लेकर अहम मीटिंग की। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में होने वाले उप चुनाव को लेकर नई रणनीति भी तैयार की गई है।

इस बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरेंद्र सिंह राजा वाडिंग ने चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार बीबी सुरिंदर कौर के पक्ष में प्रचार करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, जालंधर से सांसद चन्नी और प्रताप सिंह बाजवा ने भी कार्यकर्ताओं और नेताओं से इस उपचुनाव के लिए अपने वार्डों में प्रचार करने और लोगों को कांग्रेस की नीतियों के बारे में जानकारी देने की अपील की। बताया जा रहा है कि चुनाव को लेकर पंजाब कांग्रेस की तरफ से बाकायदा लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, मोगा, कपूरथला, फगवाड़ा आदि के कार्यकर्ताओं की जालंधर में ड्यूटी लगाई गई है।

इसके अलावा पूर्व मंत्री बलबीर सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, संगत सिंह गिलजियां, रणदीप नाभा, पूर्व विधायक हरमिंदर गिल आदि की ड्यूटियां लगाई गई हैं। अमृतसर के सांसद गुरजीत औजला, पूर्व सांसद जसबीर डिंपा भी उपचुनाव में पार्टी की जिम्मेदारी निभाएंगे। कांग्रेस ने जालंधर पश्चिमी विधानसभा के 23 वार्डों में वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगा दी है। कमोवेश, यही स्थिति आम आदमी पार्टी की भी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान जहां सीधे रूप से यहां पर चुनाव की कमान संभाले हुए हैं। वहीं, सरकार ने अपने विधायकों व मंत्रियों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप रखी है।

बता देंकि जहां भाजपा और आप पार्टी इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए जोर लगा रही है। वहीं कांग्रेस भी इस सीट पर सुशील रिंकू के बाद दोबारा कब्जा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने में लगी हुई है। इस सीट पर काफी समय से कांग्रेस का कब्जा था। लेकिन 2020 के विधानसभा चुनावों में आप पार्टी की ओर से चुनाव लड़ चुके शीतल अंगुराल ने सुशील रिंकू को हराकर कांग्रेस के गढ़ में जीत हासिल की थी। लेकिन ढाई साल बाद शीतल अंगुराल आप पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए, जिसके बाद इस सीट पर अब दोबारा से उप चुनाव हो रहे है। इसी के चलते तीनों पार्टियां जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

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