अखिल भारत हिन्दू महासभा ने हिमाचल में किया हस्ताक्षर अभियान शुरू

एक देश एक कानून की मांग

देश में मदरसे बंद होने चाहिए राष्ट्रीय प्रवक्ता कामिनी 

बददी/सचिन बैंसल: अखिल भारत हिंदू महासभा के हस्ताक्षर अभियान के प्रभारी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितिन उपाध्याय ने  प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि अखिल भारत हिंदू महासभा का गठन 1915 में हुआ था जिसकी मुख्य मांग एक देश एक कानून हिंदू राष्ट्र की रही है और ना ही किसी जाति पाती की रही है। इस मांग को लेकर संगठन कई वर्षों से उठाता आया है परंतु आजादी के बाद देश की स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा सविधान मैं छेड़छाड़ करके धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ दिया। जीत से देश जातियों में बांटकर अपनी राजनीति लाभ लेने के लिए देश के हिंदू वर्ग बांट दिया।

जिससे एक देश एक सविधान कि जो मांग थी उसको राजनीतिक रूप देकर खत्म करने की कोशिश की गई, परंतु अब अखिल भारत हिंदू महासभा ने इसी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान 13 अप्रैल 2022 देश के कई राज्यों में शुरू किया गया है। जिसमें इस समय तक 25 लाख से ज्यादा लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं संगठन का लक्ष्य 10 करोड़ का रखा गया है जिसको संगठन द्वारा 1 वर्ष में पूरा किया जाएगा और संगठन के 109वे स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली के रामलीला मैदान में देश के प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित होंगे। इनको हस्ताक्षर की प्रतिलिपि का सौंपी जाएगी अगर फिर भी एक कानून एक देश और हिंदू राष्ट्र को घोषित नहीं किया गया तो संगठन द्वारा कानूनी लड़ाई लड़ने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता कामिनी झा ने कहां की देश में जो मदरसे खुले हैं उनको बंद करना चाहिए मुस्लिम समुदाय के बच्चों को भी जिस तरह हिंदुओं के बच्चों को स्कूलों में शिक्षा दी जाती है उसी की तर्ज पर शिक्षा देनी चाहिए और जातियों मैं जो बांटा हुआ है उसको खत्म करना चाहिए ।एक देश एक राष्ट्र घोषित होना चाहिए हिमाचल प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष रजनीश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के हर कोने कोने में जाकर लोगों के हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं और ग्राम सभाएं करके लोगों को विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर चार राज्यो की हस्ताक्षर अभियान की प्रभारी निहारिका शर्मा, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष नरेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष रजनीश ठाकुर महासचिव विपुल सिंह उपस्थित रहे।

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