पंजाबः पुलिस वक्त रहते सुनी होती मासूम की बात, आज नहीं बुझता घर का चिराग

मजीठाः थाना मजीठा के अंतर्गत आते गांव नंगल पनवा में रहने वाले 22 वर्षीय युवक राघव शर्मा द्वारा खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक युवक को मंदीप सिंह पुत्र दलबीर सिंह काफी परेशान करता था। जिसके चलते युवक ने दुखी होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि राघव को उसके पिता के जानने वाले मंदीप सिंह पुत्र दलबीर सिंह निवासी एसजी एनक्लेव फेज 1 के रहना वाला है।

मंदीप सिंह ने उनसे बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए लाखों रुपये ले रखे है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने नौकरी दिलाने के दस्तवावेजों पर साइन करवाकर उन्हीं दस्तावेजों से अपनी गाड़ी खरीद ली। आरोपी की इस धोखेबाजी से परेशान होकर युवक जब अपने कुछ गांव वालों के साथ थाना मजीठा में 1 जुलाई को शिकायत करने गया तो ड्यूटी पर माजूद थाना मुंशी ने मामला दर्ज करने की बजाए उसे बेइज्जत करना शुरू कर दिया किया और किसी नशे के मामले में फ़साने की बात कहने लगा। इस बात को लेकर राघव कई दिनों से परेशान रहने लगा था। जिसके बाद शनिवार की दोपहर में गांव में बने मन्दिर में जाकर युवक ने आत्महत्या कर ली।

इस मामले को लेकर गांव के लोग जब थाना पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने आरोपी पर कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन थाना स्टाफ ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। जिसके बाद गांव के लोगों ने इकट्ठे होकर थाना मजीठा का घेराव कर आरोपी को गिरफ्तार करने और थाना मुंशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए धरना लगा दिया।

इस मामले को बढ़ता देख उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और थाने में धरना दे रहे लोगों शांत करवाकर उनकी बात सुनी। उसके बाद अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से मुंशी के खिलाफ ऑर्डर जारी किया। जिसके बाद परिजनों ने धरना खत्म कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर 1 जुलाई को ही थाना इंचार्ज या मुंशी जगरूप सिंह ने राघव शर्मा की बात को सुनकर मामला दर्ज कर लिया होता तो आज घर का चिराग बुझने से बचा जाता।

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