केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी संस्थान सिपेट बद्दी में प्रवेश प्रारंभ

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बद्दी/ सचिन बैंसल: केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिक संस्थान की स्थापना वर्ष 1968 में भारत सरकार द्वारा सयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मदद से चेन्नई में की गई। वर्तमान समय में यह भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है। इसका मुख्यालय गिण्डी, चेन्नई में है। इसका प्राथमिक उद्देश्य शिक्षा एवं अनुसंधान के संयुक्त प्रयासों द्वारा देश में प्लास्टिक उद्योग के विकास में योगदान करना है। ऐसा ही सिपेट का संस्थान बददी  में है।

सिपेट बददी  द्वारा प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए डिप्लोमा इंजीनियर्स हेतु कोर्स करवाए जाते हैं। यह कोर्स अधिकतर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर आधारित हैं एवं इन कोर्सों की इंडस्ट्री में बेहद अधिक मांग है। इस तीन वर्षीय कोर्स में 2.5 वर्ष और 2 वर्ष  पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में 1.5 वर्ष उपरांत ही स्टूडेंट्स को वेतन मिलना प्रारंभ हो जाता है तथा सबसे महत्वपूर्ण है कि जो स्टूडेंट्स पढ़ने में कमजोर होते हैं वो भी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ध्यान देकर अच्छा वेतन प्राप्त कर सकते हैं।

उपरोक्त वर्णित पाठ्यक्रम में प्रवेश की योग्यता दसवीं पास अथवा दसवीं अध्यनरत रखी गयी है एवं पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्र की पाबंदी को समाप्त कर दिया गया है। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की अग्रणी संस्थान केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिक संस्थान (सिपेट), बद्दी द्वारा प्लास्टिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम क्रमशः”डिप्लोमा इन प्लास्टिकटेक्नोलॉजी (डीपीटी) एवं “डिप्लोमा इनप्लास्टिक मोल्ड टोक्नोलॉजी (डीपीएमटी) और  दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग ( पिजिडी-पिपीटी) “आदि करवाए जाते हैं।

वर्ष 2025 में प्रवेश लेने हेतु सिपेट की वेबसाइट www.cipet.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया 07.02.2025 से आरम्भ हो चुकी है। लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा पाठ्यक्रम के सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए बायोलॉजी / गणित विषय के साथ 12वीं पास अथवा मैकेनिकल / प्लास्टिक / फिटर / पॉलीमर एवं समकक्ष विषय के साथ आईटीआई किये हुए विद्यार्थियों के लिए भी अपार संभावनाएं है अर्थात् बायोलॉजी / गणित विषय के साथ 12वीं पास अथवा मैकेनिकल / प्लास्टिक / फिटर / पॉलीमर एवं समकक्ष विषय के छात्र लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा पाठ्यक्रम के सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए योग्य पात्र हैं। वर्ष 2025 में, सिपेट बद्दी में प्रवेश हेतु ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया की अंतिम तिथि 29 मई 2025 निर्धारित की गयी है, इसके साथ ही सिपेट के डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के पश्चात छात्रों को प्लास्टिक एवं प्लास्टिक से सम्बंधित उद्योगों में रोजगार के सुनहरे अवसर प्राप्त होते हैं। अधिक जानकारी हेतु बेबसाइट www.cipet.gov.in देखे।

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