Home Punjab>Ludhiana पंजाबः भारत बंद की कॉल को लेकर किसान यूनियन का आया बयान, देखें वीडियो

पंजाबः भारत बंद की कॉल को लेकर किसान यूनियन का आया बयान, देखें वीडियो

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लुधियानाः किसानों द्वारा 16 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया गया है। वहीं आज भारत बंद की कॉल को लेकर बीकेयू किसान यूनियन ने प्रेस वार्ता की। जहां उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को भारत बंद करवाया जाएगा। इस दौरान बसें, रेलवे ट्रेक ठप किए जाएंगे और टोल प्लाजा फ्री करवाए जाएंगे। लोगों को होने वाली दिक्कतों की सरकार जिम्मेवार होगी। छात्रों, विवाद समारोह और एम्बुलेंस को बंद दौरान रास्ता दिया जाएगा। वहीं मामले की जानकारी देते हुए बीकेयू के संयुक्त सचिव हरिंद्र सिंह लक्खोवाल ने कहा कि कई बार डी.सी और एसडीएम के जरिए कई मांग पत्र सरकार के नाम भेजे गए। लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। इस कारण संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर 16 फरवरी को भारत बंद करवाया जाएगा। सरकार की नजर अंदाजी के कारण आज किसानों को सड़कों पर उतरने का फैसला लेना पड़ा।

लक्खोवाल ने कहा कि सुबह से शाम 4 बजे तक पूर्ण तौर पर ट्रैफिक, दुकानें और रेलवे को ठप करके शांति पूर्वक प्रोटेस्ट किया जाएगा। सड़क की आवाजाई को सुबह 12 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखा जाएगा। पंजाब सरकार के साथ भी बैठक की गई थी। उस बैठक में सरकार ने करीब 10 से 12 मांगे मान ली थी लेकिन प्रदेश सरकार भी उन्हें फाइलों के चक्करों में उलझा रही है। लक्खोवाल ने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 750 किसानों की मौत हो गई थी। उनमें से करीब 350 परिवारों को नौकरी मिली है। आज करीह 400 लोग खेतीबाड़ी मंत्री के घर के बाहर धरना लगाए बैठे है। प्रदेश सरकार बिजली के बिलों पर राहत नहीं दे रही, जंगली जानवरों से खेतों की रक्षा नहीं हो रही। केन्द्र सरकार कॉर्पोरेट घराने के सुपुर्द किसानों को करने जा रही है। कॉर्पोरेट घरानों का सरकार कर्जा माफ करती है जबकि किसानों के कर्जें माफ नहीं किए जा रहे। किसानों को MSP का लारा लगाया था।

किसानों का आमदन दोगुनी करने का लारा सरकार ने लगाया है। फसल बीमा योजना को लागू करने में सरकार नाकमयाब साबित हुई है। किसानों को बुढ़ापा पेंशन तक नहीं दी जा रही। हरिंद्र सिंह लक्खोवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा में कुल 32 जत्थेबंदियां है। इनमें से 27 जत्थेबंदियां देश बंद करेगी। वहीं 5 जत्थेबंदियां दिल्ली कूच कर रही है। हमारी कोशिश थी कि साझा तौर पर दिल्ली कूच किया जाए लेकिन 5 जत्थेबंदियों ने अपना फैसला पहले ले लिया। उनकी सरकार से बातचीत जारी है। सभी किसानों की मांगें एक है। अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए सभी किसान जत्थेबंदियां इक्ट्‌ठी काम कर रही है। लक्खोवाल ने कहा कि उन्हें पता चला है कि सरकार बड़ेृ-बड़े नाके लगवा रही है। अपने हकों के लिए प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का हक है। सरकार ने यदि 13 फरवरी को दिल्ली कूच कर रहे किसानों के साथ धक्केशाही करने की कोशिश की तो समस्त 27 जत्थेबंदियां भी उनके पीछे दिल्ली कूच के लिए जाएंगी।

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