Home Breaking News गृह मंत्री मामले में कांग्रेस सीएम को नोटिस जारी

गृह मंत्री मामले में कांग्रेस सीएम को नोटिस जारी

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नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह का फेक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजा है और एक मई को पूछताछ के लिए बुलाया है। दिल्ली पुलिस ने रेड्डी को फोन भी साथ लाने के लिए कहा है। बता दें कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं और तेलंगाना कांग्रेस पर शाह का एडिटेड और फेक वीडियो पोस्ट करने का आरोप है।

असम में एक शख्स गिरफ्तार

असम पुलिस ने अमित शाह से जुड़े फर्जी वीडियो के मामले में रीतम सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया है। असम के सीएम ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

रविवार को हुई थी इस मामले में एफआईआर

दरअसल गृह मंत्री अमित शाह का आरक्षण को लेकर एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इस मामले में रविवार को बड़ा एक्शन लिया गया था और एफआईआर दर्ज की गई थी। ये एफआईआर गृह मंत्री अमित शाह का फर्जी वीडियो फैलाने वाले लोगों के खिलाफ की गई थी। इस फर्जी वीडियो को लेकर ये भ्रम फैलाया जा रहा था कि अमित शाह ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण हटाने की बात कही। जबकि वास्तविकता में उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल गृह मंत्री अमित शाह का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था, जिसमें शाह को ये प्रिजेंट करते हुए दिखाया जा रहा था कि उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी की सरकार बनेगी तो वह अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ा वर्ग के ‘असंवैधानिक आरक्षण’ को खत्म कर देगी। जबकि वास्तविकता ये है कि ये एक फर्जी और एडिटेड वीडियो है। शाह ने ऐसा कुछ नहीं कहा। बल्कि अमित शाह कह रहे थे कि अगर बीजेपी सरकार बनी तो हम असंवैधानिक मुस्लिम आरक्षण को खत्म कर देंगे।

अमित शाह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि तेलंगाना के एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय इस अवसर के हकदार हैं और मुस्लिम आरक्षण समाप्त करके उन्हें यह आरक्षण दिया जाएगा। कई यूट्यूब चैनल्स पर भी ये वीडियो पड़े हैं, जिसमें साफ तौर पर अमित शाह मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को हटाने की कोई बात नहीं की। यानी ये बात साफ है कि अमित शाह की जो वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, वो पुरानी है और उसे एडिट करके वायरल किया गया। यह दावा झूठा है कि अमित शाह ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण कोटा खत्म करने का आह्वान किया। 

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