पंजाबः अमृतपाल सिंह तक जल्द पहुंच सकती पुलिस, जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद 6 जिलों में बढ़ी सुरक्षा

अमृतसरः होशियारपुर में जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को अमृतपाल सिंह तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हो सकती है। अमृतपाल 18 मार्च से फरार है। जोगा ने प्राथमिक पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसने अमृतपाल और पपलप्रीत को पीलीभीत डेरा से एक कार सेवा की गाड़ी से पंजाब लाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। वह 28 मार्च को ही अमृतपाल से अलग हो गया था। वहां से वह हरियाणा चला गया था। जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद सारे बॉर्डर जोन के जिलों अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार जोगा सिंह तभी से अमृतपाल के संपर्क में है, जब से अमृतपाल दुबई से पंजाब आया था।

जोगा सिंह यूपी में एक डेरा का सेवादार है और कई बार खालसा वहीर के कार्यक्रमों में अमृतपाल के साथ हिस्सा लेता रहा है। यह भी सामने आया है कि जोगा सिंह आर्थिक मदद भी वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी को करता रहा है। वहीं युवाओं को अमृतपाल की जत्थेबंदी के साथ जोड़ने में जोगा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जोगा सिंह और पपलप्रीत की गिरफ्तारी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस को अमृतपाल के ठिकाने तक पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि जोगा सिंह और पपलप्रीत सिंह दो ऐसे लोग हैं, जिनका सीधा संपर्क अमृतपाल के साथ था। 28 मार्च को दोनों अमृतपाल के साथ थे। 28 मार्च रात्रि को ही दोनों अमृतपाल से अलग हुए थे। अमृतपाल के हर प्लान को जोगा सिंह और पपलप्रीत सिंह जानते हैं। अब दोनों ही पुलिस की हिरासत में हैं। 

पुलिस ने पपलप्रीत को एनएसए लगा कर असम की जेल भेज दिया है लेकिन अभी तक जोगा सिंह पर एनएसए नहीं लगाया गया है। यह स्पष्ट है कि अजनाला थाना के घेराव व थाना पर कब्जा करने के मामले में जोगा सिंह अमृतपाल सिंह के साथ मौके पर मौजूद था और उस एक्शन में जोगा सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीमावर्ती जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एजेंसियों को इनपुट है कि अमृतपाल किसी सीमांत जिले के गांव में ही छिपा है ताकि वह सीमा पार कर पाकिस्तान जा सके। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी अमृतपाल और उसके संगठन से लिंक की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि आईएसआई अमृतपाल को पाकिस्तान में संरक्षण दिलवाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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