हिमाचल प्रदेश में 93 वां संविधान संशोधन तुरंत लागू किया जाए 

बददी/सचिन बैंसल: किसान योद्धा सरदार रुडक़ा सिंह कल्याण समिति ने आज वार्षिक समारोह धूम धाम से मनाया। इस समारोह के मुख्य अतिथि राम कुमार चौधरी विधायक एवं संसदीय सचिव रहे। इस समारोह  भारतीय क्षत्रिय घृत वाहती चांहग ईकाई हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष श्रीकंठ चौधरी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी ने कहा कि वड़ी खुशी की वात है कि हिमाचल प्रदेश में राजपूत समुदाय और ब्राह्मण समुदाय की जनसंख्या सार्वजनिक हो चुकी है जिसके अनुसार हिमाचल प्रदेश में राजपूत समुदाय की आबादी 32 फीसदी है तथा ब्राह्मण समुदाय की आबादी 18 फीसदी है । बड़े दुख की बात है कि हिमाचल प्रदेश में घृत वाहती चांहग समुदाय की जनसंख्या आज तक सार्वजनिक नहीं हो सकी। जनसंख्या सार्वजनिक नहीं होने के कारण उपरोक्त वर्ग राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रुप से पिछड़ चुका है।
सरकारी कालेजों एवं युनिवर्सिटीयों (अकेडमिक) में ओबीसी वर्ग की भागीदारी 0 फीसदी है जबकि हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग को  10 फीसदी तथा दलित वर्ग को 15 फीसदी भागीदारी मिल रही है । इस समस्या का हल यही है कि हिमाचल प्रदेश में 93 वां संविधान संशोधन तुरंत लागू हो जाए। कुछ साल पहले भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए विधानसभा से इसलिए वाकआऊट कर दिया था कि पी. टी. ए और एस. एम. सी शिक्षक भर्ती में रोस्टर नहीं लागु हुआ है। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. बीरभद्र सिंह ने विपक्ष को उतर देते हुए कहा था कि आप ने भी 10 वीं पास विद्या उपासक रखे थे जिनको मैंने नियमित किया था। लेकिन कांग्रेस सरकार बैकलॉग से रोस्टर पूरा करेगी। लेकिन यह बैकलॉग आज तक पूरा नहीं हो सका है। आबादी के हिसाब से ओबीसी वर्ग के दो कैबिनेट मंत्री बनने चाहिए थे । वर्तमान सरकार मे ओबीसी वर्ग के दो विधायक हैं लेकिन कैबिनेट मंत्री एक ही है।
 चौधरी रामकुमार ने समिति से कहा है कि अपना प्रस्ताव लेकर शिमला आएं और मुख्यमंत्री के सामने हम प्रस्ताव रखेंगे और जो मांगे जायज होगी वह पूरी करवाने की पूरी कोशिश करेंगे। समारोह में समिति के महासचिव कैप्टन अमरीक सिंह,   श्रीकंठ चौधरी, रणजीत सिंह राणा, रजनी वाला, मास्टर गुरमेश, गणेश दत्त भरवाल, प्रमोद कुमार, बी. डी. चौधरी, सतिंदर पाल, साहिब सिंह, दुलंभ सिंह, जसपाल चौधरी, रविंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, अरूण चौधरी उपस्थित रहे।
कैपशन-सीपीएस रामकुमार चौधरी को सम्मानित करते आयोजक। बददी-1

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