नकली कच्चा माल तैयार करने वालों को नहीं मिली कोर्ट से जमानत

नकली दवाइयां बनाने वाली कंपनी संचालक की भी जमानत याचिका हुई रदद्
बददी/ सचिन बैंसल: बीबीएन में नकली कच्चा माल सप्लाई करने के मामले में केसी ओवरसिस कंपनी के संचालकों ने नालागढ कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने उसे रद कर दिया है। फार्मा के कच्चा माल की उत्तर भारत का डिस्ट्रीब्यूटर पंचकूला में केसी ओवरसिस कंपनी है। केसी ओवरसिस कंपनी के संचालक अंकुश और अंकित ने मार्च और अप्रैल माह में बद्दी की एक अलाईड फार्मा के साथ मिल कर नकली कच्चा माल तैयार किया। यह दोनों गुजरात से कुछ सही माल लाते थे और उसकी आड में बद्दी की अलाईड कंपनी मे नकली कच्चा माल जेआरएस के नाम से तैयार करते थे।  
मार्च और अप्रैल में ड्रग विभाग ने इसकी जांच की और 11 मई को केसी ओवरसिस कंपनी के मेनेजर हरीश को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस बीच कंपनी के संचालक अंकुश और अंकित फरार हो गए।  अंकुश और अंकित ने नालागढ की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई शुक्रवार को होनी थी। ड्रग विभाग को उम्मीद थी कि कंपनी के संचालक कोर्ट में पेश होंगे। जिस पर  पूरा विभाग कोर्ट में दबिश लगाए हुए था। लेकिन केसी ओवरसिस  के संचालक कोर्ट में न आकर उनके वकील ही सुनवाई में शामिल हुए। कोर्ट ने केसी ओवरसिस कंपनी के संचालक को याचिका रद कर उन्हें कोर्ट में शामिल होने का कहा है। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने नालागढ़ कोर्ट की ओर से दायर याकिका रद होने की पुष्टि की है। 
नकली दवाई बनाने वाली कंपनी की संचालिका को नही मिली जमानत
बद्दी (सोलन)। नकली दवाई बनाने वाली साईपर कंपनी के संचालिका रजनी भागर्व  ने जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसकी भी सुनवाई शुक्रवार को होनी थी लेकिन कोर्ट ने पर्याप्त सुबूत के अभाव में जमानत की अर्जी रद कर दी है। ड्रग विभाग का तर्क था कि अगर रजनी भागर्व बाहर आती है तो वह गवाहों के साथ छेड़छेाड़ कर सकती है जिससे केस कमजोर पड़ सकता है। जिस पर अदालत ने उसे जमानत नहीं दी।

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