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  • Punjab News:  विदेशी पिस्तौल, एक मोटरसाइकिल और हेरोइन सहित एक युवक गिरफ़्तार, देखें वीडियो

    Punjab News:  विदेशी पिस्तौल, एक मोटरसाइकिल और हेरोइन सहित एक युवक गिरफ़्तार, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः डेरा बाबा नानक पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाये गये अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए विदेशी पिस्तौल और हेरोइन के साथ एक युवक को गिरफ़्तार किया है। आरोपी की पहचान बलविंदर सिंह उर्फ़ बिल्ल (पिता गुरदीप सिंह, निवासी कहलनवाली, डेरा बाबा नानक) के तौर पर हुई है।

    ये हुई बरामदगी
    मामले बारे जानकारी देते हुए SHO अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस पार्टी गश्त के लिए वैरोके गांव जा रही थी,  तभी बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल पर सवार एक युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से एक विदेशी पिस्तौल (ग्लॉक 30 बोर PX5), एक मैगज़ीन, 5 ज़िंदा कारतूस, बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल और 10  ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उक्त व्यक्ति के ख़िलाफ़ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    SHO  ने कहा कि कहलनवाली निवासी बलविंदर सिंह उर्फ़ बिल्ल (पिता गुरदीप सिंह) के ख़िलाफ़ NDPS  और अवैध हथियार रखने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा, जिसके दौरान कई और खुलासे होने की संभावना है।

     

  • Punjab News : गंदे पानी को लेकर जमकर भिड़े पड़ोसी , CCTV आई सामने

    Punjab News : गंदे पानी को लेकर जमकर भिड़े पड़ोसी , CCTV आई सामने

    गुरदासपुर : शहर के संगल पूरा रोड पर गली में गंदे पानी की सफाई को लेकर हुए मामूली विवाद ने उस समय विकराल रूप धारण कर लिया। जब एक परिवार पर पड़ोसियों द्वारा तेजधार हथियारों और डंडों से हमला कर दिया गया।

    हमले में परिवार के दो सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें एक 17 वर्षीय युवक और उसका पिता नवीन कुमार शामिल हैं। हमले की एक सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पीड़ित परिवार गुंडागर्दी करने वाले पड़ोसी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    जानकारी देते हुए नवीन कुमार और उनकी पत्नी रेनू ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी पड़ोसियों के साथ गली में सीवरेज की सफाई के बाद पानी को लेकर मामूली तकरार हुई थी। बीती रात पड़ोसी परिवार द्वारा अज्ञात व्यक्तियों को बुलाकर उनके घर पर हमला कर दिया गया।

    हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर में तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। पुलिस को मामले की सूचना दी जा चुकी है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि गुंडागर्दी फैलाने वाले हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    इस संबंध मे एसएचओ थाना सिटी दविंदर प्रकाश ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत मिलने के बाद बयान ले लिए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • Punjab News: Firing व Kidnapping मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: Firing व Kidnapping मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    लुधियानाः  जिले के सेक्टर 32  के ‘खालसा वेज प्वाइंट’ पर बीती रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है थी। जहां, पुरानी रंजिश के चलते इनोवा कार में सवार होकर आए 10-12 हथियारबंद हमलावरों ने तीन दोस्तों पर हमला कर दिया। जिसके बाद युवक को जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण कर फरार हो गए। इसके पुलिस टीम ने मामले संबंधी कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल एक आरोपी को एक 32 बोरे अवेैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान शुभम ऋषि नगर के रहने वाले के रूप में हुई है।

    ये था पूरा मामला
    चंडीगढ़ रोड स्थित सेक्टर 32 के ‘खालसा वेज प्वाइंट’ पर बीती रात पुरानी रंजिश के चलते इनोवा कार में सवार होकर आए 10-12 हथियारबंद हमलावरों ने तीन दोस्तों पर हमला कर दिया। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने दो राउंड हवाई फायर किए और शुभम नाम के युवक को जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण कर फरार हो गए। इस घटना में दिलजोत नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। पीड़ित युवकों की कुछ दिन पहले विरोधी गुट से कहासुनी हुई थी। हमलावरों ने जैसे ही तीनों की लोकेशन ट्रेस की, उन पर धावा बोल दिया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    सीसीटीवी में कैद हुए हमलावर
    एसीपी राजकुमार और थाना डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह मौके पर पहुँचे। घटनास्थल से पुलिस को 2 कारतूस के खोल बरामद हुए हैं। पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से फरार होते हुए कैद हुए हैं।

     

  • पंजाब की जवानी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: CM Bhagwant Singh Mann

    पंजाब की जवानी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: CM Bhagwant Singh Mann

    बठिंडा: पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए। विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है, जिससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस गति को बनाए रखते हुए नशों के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सके।

    बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।”

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों की सप्लाई लाइन पहले ही तोड़ी जा चुकी है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस अभियान की गति को बनाए रखना होगा और समय की मांग है कि इसे तब तक और तेज किया जाए, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता।” विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा, “जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है। जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीसीज़ और एसएसपीज़ को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी नशे की बिक्री न हो और प्रत्येक नशा पीड़ित व्यक्ति को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए पुलिस टीमों को नियमित रूप से गांवों का दौरा करना चाहिए और जमीनी हकीकत जानने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद करना चाहिए। नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वाले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों अथवा किसी भी नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजकर नशों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया, नशों की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नशे के शिकार लोग नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचने लगे। इसलिए सरकार ने पीड़ितों को नशामुक्त कर उन्हें सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने योग्य बनाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत वर्तमान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। “कई नए केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा मौजूदा केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और समग्र वातावरण में व्यापक सुधार किया गया है, जिसमें एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।”

    ओट केंद्रों को भी उन्नत किया गया है तथा आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। “जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, वहां नए ओट केंद्र स्थापित किए गए, जिससे उनकी कुल संख्या 529 से बढ़कर 565 हो गई है। अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी ओट केंद्रों एवं नशा मुक्ति केंद्रों में दवाइयों, आवश्यक सामग्री तथा बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।”

    ‘सूरमा’ पहल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है, जिसके तहत उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने नशे पर विजय प्राप्त की है और दो वर्षों से अधिक समय से नशे से दूर हैं। उन्होंने कहा, “ये ‘सूरमा’ अब अन्य लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा पंजाब को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए ‘नशा मुक्ति के दूत’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर कार्य करेंगे।”

    यह पहल नशों को जड़ से समाप्त करने के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका संघर्ष और दृढ़ संकल्प रंगले पंजाब की राह प्रशस्त करता है। वे हमारी आशा के दूत हैं और सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास तथा नशे से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के प्रयासों में निरंतर निवेश करती रहेगी, ताकि प्रत्येक नशामुक्त हो रहा व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और बेहतर आजीविका के अवसर प्राप्त कर सके।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए इस अभिशाप के विरुद्ध निर्णायक अभियान छेड़ा है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस का कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निपटने का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह बल अपनी इस गौरवपूर्ण परंपरा को आगे भी कायम रखेगा और जनता के सक्रिय सहयोग से पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाएगा। आने वाली पीढ़ियों को नशों की इस भयावह समस्या से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

    नशों के विरुद्ध यह लड़ाई केवल सूक्ष्म स्तर पर सुव्यवस्थित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ही जीती जा सकती है, जिसके लिए प्रत्येक अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार पंजाब की युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए सामूहिक प्रयास कर रही है। यह एक असाधारण लड़ाई है और इसके लिए सरकार के साथ-साथ इस मिशन से जुड़े प्रत्येक अधिकारी को नवीन सोच अपनाते हुए परंपरागत तरीकों से हटकर प्रभावी पहल करनी होगी।”

     

  • प्रशासनिक आंकड़ों की संभावनाओं को उजागर करना विषय पर राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया

    प्रशासनिक आंकड़ों की संभावनाओं को उजागर करना विषय पर राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया

    शिमला: प्रख्यात सांख्यिकीविद् प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में आज प्रदेश में 20वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया। उनके योगदान ने भारत की आधुनिक सांख्यिकीय प्रणाली की नींव रखी। इस वर्ष का राष्ट्रीय विषय प्रशासनिक आंकड़ों की संभावनाओं को उजागर करना है, जो साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, प्रभावी शासन तथा नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में प्रशासनिक आंकड़ों के बढ़ते महत्त्व को रेखांकित करता है।

    इस अवसर पर प्रधान सचिव आर्थिक एवं सांख्यिकी डॉ. अभिषेक जैन ने विभागीय पुस्तकालय का उद्घाटन किया, जिससे विभाग में ज्ञान संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा अनुसंधान एवं डेटा-आधारित अधिगम की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा प्रतिदिन उत्पन्न प्रशासनिक आंकड़े देश की सबसे मूल्यवान, लेकिन अभी तक कम उपयोग में लाई गई सार्वजनिक परिसंपत्तियों में से एक हैं। यदि इन्हें व्यवस्थित रूप से संगठित, समन्वित एवं सुरक्षित रूप से साझा किया जाए, तो ये शासन को अधिक तीव्र, सूचित और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सशक्त बना सकते हैं।

    वर्तमान समय में सरकारों से जटिल विकासात्मक चुनौतियों का त्वरित समाधान अपेक्षित है, जिसके लिए समयबद्ध, विश्वसनीय एवं सूक्ष्म स्तर की जानकारी आवश्यक है, जिसे पारंपरिक सर्वेक्षण हमेशा उपलब्ध नहीं करा सकते। सरकारी कार्यक्रमों के नियमित क्रियान्वयन से उत्पन्न प्रशासनिक आंकड़े वास्तविक समय में सतत जानकारी प्रदान करते हैं, जो नीति निर्माण, निगरानी एवं मूल्यांकन को सुदृढ़ बनाते हैं। डॉ. जैन ने कहा कि प्रशासनिक डेटा शासन को प्रतिक्रियात्मक व्यवस्था से सक्रिय निर्णय प्रणाली में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। यह कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण में सुधार, सार्वजनिक संसाधनों के समुचित आवंटन, निगरानी प्रणाली को सशक्त बनाने तथा पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

     

    उन्होंने कहा कि समान डेटा शब्दावली, मानकीकृत वर्गीकरण और मेटाडेटा ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि सरकारी डेटा मशीन-पठनीय और एकीकृत करने योग्य बन सके। रीयल-टाइम प्रशासनिक डेटाबेस का संचालन, समन्वित डेटा के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान का स्वचालन तथा राज्य योजनाओं का केंद्र की योजनाओं के साथ एकीकरण, कल्याणकारी सेवाओं को एकीकृत दृष्टि प्रदान करेगा और दक्षता में वृद्धि करेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक नीति और कार्यक्रम सटीक, समयबद्ध और विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित हो, जिससे सुशासन और बेहतर नागरिक सेवाएं सुनिश्चित हों।

    डॉ. जैन ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ डेटा शासन गोपनीयता, सुरक्षा और सार्वजनिक विश्वास के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। डेटा साझाकरण के लिए मजबूत विधिक प्रावधान, पारदर्शी व्यवस्था और स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक है। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम इस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

    सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के उप-महानिदेशक डॉ. जे. एस. तोमर ने कहा कि भारत सरकार प्रशासनिक डेटा के उपयोग हेतु कई पहल कर रही है। आंकड़ों का समन्वयन उन्हें पुनः उपयोग योग्य और मशीन-पठनीय बनाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य का साक्ष्य-आधारित शासन डेटा गुणवत्ता में सुधार, समान मेटाडेटा मानकों को अपनाने, व्यापक डेटा सूची तैयार करने और सुरक्षित डेटा साझाकरण पर निर्भर करेगा। इस अवसर पर आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा ने कहा कि विश्वसनीय प्रशासनिक डेटा अब केवल रिकॉर्ड नहीं रहा, बल्कि यह समावेशी विकास, जन विश्वास और लोकतांत्रिक शासन को सशक्त बनाने वाला एक महत्त्वपूर्ण संसाधन है।

     

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री से Flipkart के CEO कल्याण Krishnamurty ने की मुलाकात, राज्य में साझेदारी और मजबूत करने पर हुई चर्चा

    हरियाणा के मुख्यमंत्री से Flipkart के CEO कल्याण Krishnamurty ने की मुलाकात, राज्य में साझेदारी और मजबूत करने पर हुई चर्चा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से नई दिल्ली हरियाणा भवन में फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर श्री रजनीश कुमार ने मुलाकात की। इस दौरान राज्य के साथ फ्लिपकार्ट की साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों और एमएसएमई के लिए बाजार तक पहुंच को व्यापक बनाने, कृषि वैल्यू चेन को सशक्त करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्किलिंग और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने तथा समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए तकनीक के उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया।

    हॉर्टिकल्चर और फ्रेश प्रोड्यूस सोर्सिंग में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हॉर्टिकल्चर और फ्रेश प्रोड्यूस सोर्सिंग के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हरियाणा के अधिक से अधिक किसान और प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन तकनीक-सक्षम सप्लाई चेन के माध्यम से व्यापक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकें।

    फ्लिपकार्ट ने दोहराई हरियाणा के साथ साझेदारी की प्रतिबद्धता

    इस अवसर पर फ्लिपकार्ट ग्रुप ने हरियाणा राज्य के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया। फ्लिपकार्ट ने कहा कि वह हरियाणा सरकार के साथ अपनी निरंतर साझेदारी के माध्यम से राज्य भर के किसानों, उद्यमियों और स्थानीय व्यवसायों के लिए नए अवसर सृजित करने हेतु प्रतिबद्ध है।  
  • Phukoyoka Japan की 80 प्रतिशत कंपनियों में मानव संसाधन की भारी कमी

    Phukoyoka Japan की 80 प्रतिशत कंपनियों में मानव संसाधन की भारी कमी

    चंडीगढ़: जापान के फुकुओका में तकनीकी क्षेत्र की 80 प्रतिशत कंपनियों, जिनमें सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, आईटी तथा अन्य निर्माण इकाइयां शामिल हैं, को इस समय तकनीकी रूप से कुशल मानव संसाधन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर ने हरियाणा सरकार से यहां के युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का अनुरोध किया है ताकि अगले पांच साल में यहां के 50 हजार युवाओं को फुकुओका प्रीफेक्चर में रोजगार उपलब्ध करवाकर मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सके।

    हरियाणा सरकार और जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के बीच औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सोमवार को हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में ‘हरियाणा-फकुओका कनेक्ट-2026’ के अंतर्गत उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में फुकुओका प्रीफेक्चर सरकार, फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार, विश्वविद्यालयों व विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर मंथन किया।

    बैठक के दौरान हरियाणा और फुकुओका के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, निवेश संभावनाओं, तकनीकी मानव संसाधन तथा शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने भारतीय युवाओं, विशेषकर हरियाणा के 50 हजार विद्यार्थियों और तकनीकी पेशेवरों के लिए अगले पांच साल में जापान में रोजगार, इंटर्नशिप तथा कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

    हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा सरकार की औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं तथा जापानी कंपनियों के लिए विकसित किए जा रहे विशेष औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी दी। राज्य सरकार ने निवेशकों को त्वरित अनुमतियां, सिंगल विंडो प्रणाली तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    पिछले वर्ष हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जापान की यात्रा कर विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग से विकास की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। इसके साथ ही जापान के साथ आपसी समन्वय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होने बताया कि हरियाणा और जापान को इतिहास, सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में भी आदान-प्रदान की जरूरत है ताकि दोनों क्षेत्र एक-दूसरे को अच्छी प्रकार समझ सकें। ग्रीन जॉब्स तथा ग्रीन फ्यूल्स आदि क्षेत्रों में भी मिलकर कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।

    हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा और फुकुओका के बीच सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने के लिए ‘हरियाणा सकुरा वर्किंग ग्रुप’ का गठन किया गया है जिसके माध्यम से फुकुओका आधारित कंपनियों और संस्थानों की सहायता के लिए एक ‘समर्पित हेल्प डेस्क’ भी स्थापित की गई है। हरियाणा में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए विभिन्न प्रकार की अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फुकुओका की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को तैयार करने में व्यक्तिगत दिलचस्पी ले रहे हैं ताकि हरियाणा के अधिक से अधिक युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से तथा एचकेआरएन के सहयोग से हरियाणा के उच्च शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फुकुओका में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति करने का अवसर मिलेगा। हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में फुकुओका की जरूरत के अनुसार जापानी भाषा तथा अन्य तकनीकी शिक्षा के नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।

    विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि विदेशी कंपनियों की मदद के लिए विदेश सहयोग विभाग निरंतर कार्य कर रहा है और तकनीकी रूप से पारंगत मानव संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए विभाग फुकुओका के साथ मिलकर कार्य करेगा। उन्होंने संस्कृति, विरासत और अध्यात्म के क्षेत्र में इको-सिस्टम तैयार करने, सिस्टर सिटी तथा इको-टाउन मॉडल विकसित करने की दिशा में मिलकर कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।

    विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने गुरुग्राम में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक परिसर की स्थापना की संभावनाओं का प्रस्ताव रखा, ताकि हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निवास कर रहे जापानी पेशेवरों तथा उनके परिवारों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। हरियाणा अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। गुरुग्राम में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के परिसर की स्थापना राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। चौधरी ने कहा कि हरियाणा में किसी प्रतिष्ठित जापानी शैक्षणिक संस्थान की उपस्थिति न केवल दोनों क्षेत्रों के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि अनुसंधान साझेदारियों, संकाय आदान-प्रदान, उद्योग-शिक्षा जगत सहयोग तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रतिभा विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं शोध के अवसरों पर भी प्रस्तुति दी।

    इस अवसर पर हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा विभाग, एचकेआरएन तथा विदेश सहयोग विभाग सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए और जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ भविष्य में मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक से पूर्व फुकुओका प्रतिनिधिमंडल और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच द्विपक्षीय चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का समापन भविष्य की कार्ययोजना तय करने तथा सहयोग को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ।

    बैठक में हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन कुमार चौधरी, फुकुओका प्रीफेक्चरल सरकार के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यकारी निदेशक शोजी हिरानो, अंतरराष्ट्रीय नीति प्रभाग के निदेशक हिसाशी कागे, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक शिन्या नाकानो, तकनीकी मानव संसाधन विकास प्रभाग के निदेशक मनाबु हिराता, फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिनिधि, उच्चतर शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • आईआईआईटी ऊना में एएनआरएफ प्रायोजित 6जी नेटवर्क संचार प्रणालियाँ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ

    आईआईआईटी ऊना में एएनआरएफ प्रायोजित 6जी नेटवर्क संचार प्रणालियाँ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ

    ऊना सुशील पंडित : भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना, जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, में “एआई-सक्षम सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विश्वसनीय 6जी नेटवर्क हेतु अभिसारी संचार प्रणालियाँ” विषय पर एएनआरएफ (ANRF) प्रायोजित पाँच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सुरक्षित 6जी संचार प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों का उन्नत ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
    कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भविष्य की संचार प्रणालियों के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजिटल अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के विशेषज्ञ व्याख्यानों, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और सहभागितापूर्ण अधिगम के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें सफल एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण अनुभव के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा कार्यशाला के दौरान सभी तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।
    कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान, MATLAB एवं Simulink आधारित हैंड्स-ऑन सत्र तथा एआई-सक्षम संचार प्रणालियों, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस एवं ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियों, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6जी प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क के वास्तविक अनुप्रयोगों से भी परिचित होंगे। इस कार्यशाला का समन्वयन डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा किया जा रहा है, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित हुआ है। एएनआरएफ प्रायोजित इस कार्यशाला के माध्यम से आईआईआईटी ऊना अनुसंधान-आधारित शिक्षा, नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ कर रहा है तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे संचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में योगदान देने के लिए तैयार कर रहा है।
     
  • भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू

    भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू

    ऊना/सुशील पंडित : भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू हो चुका है। इसी के तहत हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय दीप कमल में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन तथा जिला प्रभारी एवं विधायक विपिन परमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम मिन्हास ने की, जबकि पूर्व मंत्री एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला भर से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विपिन परमार ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन है, जो राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहितकारी योजनाओं की गहन जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति अधिक समर्पित बनाना तथा उन्हें जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को मन, कर्म और वचन से राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी जा रही है, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। प्रशिक्षण शिविर के दौरान विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क, सोशल मीडिया की भूमिका तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
     
  • जमीनी विवाद में युवक पर डंडे से हमला, मामला दर्ज

    जमीनी विवाद में युवक पर डंडे से हमला, मामला दर्ज

    ऊना/ सुशील पंडित : उपमंडल अम्ब के राम नगर ठठल में जमीनी विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस थाना अम्ब में रोहित कुमार निवासी राम नगर, ठठल ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उसके ताया तीर्थ राम ने 28 जून 2026 को रास्ता रोककर डंडे से उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इससे एक दिन पहले, 27 जून की रात आरोपी ने शराब के नशे में उसके साथ गाली-गलौज भी की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।