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  • जिला ऊना में लगेगा प्रदेश का पहला ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र

    जिला ऊना में लगेगा प्रदेश का पहला ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र

    ड्रैगन फ्रूट उगाने वाले किसानों की सुविधा को बेहड़ विठ्ल में लगेगा प्रसंस्करण संयंत्र
    ऊना/ सुशील पंडित:  जिला ऊना में प्रदेश का पहला ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र लगने जा रहा है, जिससे जिला ऊना में ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़े किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला ऊना के बेहड़ विठ्ल में प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना को बागवानी विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। विभाग ने इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया है। 
    जिला ऊना की प्रगतिशील बागवान एवं महिला उद्यमी रीवा सूद ने बागवानी विभाग को ड्रैगन फ्रूट प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 1.65 करोड़ रुपए की परियोजना मंजूरी के लिए भेजी थी, जिसे विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। रीवा सूद को इस संयंत्र के निर्माण के लिए बागवानी विभाग की ओर से 35 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा। 
    इस बारे रीवा सूद ने कहा “जिला ऊना का मौसम ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त है तथा बहुत से किसान जिला प्रशासन के प्रोत्साहन से इस फल की खेती के साथ जुड़ चुके हैं। ऐसे में अब उन किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा क्योंकि इस संयंत्र को चलाने के लिए किसानों से सीधी खरीद की जाएगी, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। लगभग तीन महीने पहले ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र लगाने की परियोजना को बागवानी विभाग को भेजा था और मुझे खुशी है कि इसे मंजूरी मिल गई है।”
    ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र के लगने से जहां किसानों को लाभ मिलेगा, वहीं सीधे रूप से 15 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके अलावा सप्लाई चेन और नर्सरी के कार्यों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त करने वालों युवाओं की संख्या 35-50 तक होगी।
    किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर ड्रैगन फ्रूट जैसे बेहतर आमदनी वाली कृषि एवं बागवानी से जुड़ने के लिए जिला प्रशासन ऊना किसानों को निरंतर प्रेरित कर रहा है। किसानों की आजीविका उपार्जन के लिए जिला ऊना में ड्रैगन फ्रूट की खेती को जिला प्रशासन ऊना बढ़ावा दिया जा रहा है। मनरेगा के माध्यम से भी ड्रैगन फ्रूट लगाने को प्रेरित किया जा रहा है। मनरेगा के तहत जिला ऊना में अब तक 2700 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए गए, जिनमें से बंगाणा उपमंडल के तहत 2100 तथा गगरेट के ओयल में 600 पौधे लगाए जा चुके हैं। 
    इस बारे जिलाधीश ऊना राघव शर्मा ने कहा “ड्रैगन फ्रूट आधारित प्रसंस्करण संयंत्र प्रदेश का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। जिला ऊना में संयंत्र लगने से ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन किसानों की आय वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है और ड्रैगन फ्रूट लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोई भी मनरेगा जॉब कार्ड धारक किसान जो ड्रैगन फ्रूट की खेती का इच्छुक हो, वह अपनी पंचायत के पंचायत सचिव अथवा बीडीओ कार्यालय में संपर्क कर सकता है।”
  • ऊना में दो साल में बनेगा 300 बिस्तर वाला पीजीआई अस्पताल, टेंडर प्रक्रिया आरंभ

    ऊना में दो साल में बनेगा 300 बिस्तर वाला पीजीआई अस्पताल, टेंडर प्रक्रिया आरंभ

    ऊना/सुशील : पंडित 500 करोड़ रुपए की लागत से ऊना के मलाहत में बनने जा रहे पीजीआई अस्पताल के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हैं। पीजीआई ने 6 अक्तूबर 2022 तक कंपनियों से इस बड़े अस्पताल के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। टेंडर आबंटन के दो साल के भीतर ऊना में पीजीआई का अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। 
    छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि 300 बिस्तर वाले अस्पताल का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि ऊना में पीजीआई सेटेलाइट अस्पताल पर लगभग 500 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें 120 करोड़ रूपए से अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण स्थापित किए जाएंगे, ताकि मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ के स्तर की चिकित्सा सुविधाएं ऊना में प्राप्त हो सकें। सत्ती ने कहा कि राज्य व केन्द्र सरकार के संयुक्त सहयोग से निर्माणाधीन पीजीआई अस्पताल चिकित्सीय सेवाओं की दृष्टि से ऊना जिला के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट है।
    राज्य सरकार की ओर से पीजीआई अस्पताल के निर्माण के लिए सड़क, बिजली तथा पानी की सुविधा प्रदान की जानी है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए सड़क के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है।

    इसके अतिरिक्त पीजीआई में 10 लाख लीटर प्रति दिन की जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल शक्ति विभाग ने 48 लाख रूपये की राशि व्यय करके तीन टयूबवैल स्थापित कर दिए गए हैं। अस्पताल के चारों ओर चारदीवारी लगाने का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। अब अस्पताल के भवन का निर्माण पीजीआई के माध्यम से किया जाना है। अक्तूबर में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही अस्पताल का निर्माण कार्य को भी शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए दो वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के बनने का लाभ ऊना जिले और साथ लगते जिलों को भी मिलेगा।

  • Jalandhar: Gold Medalist Dr. Munish Khurana के क्लीनिक पर सेहत विभाग की Raid

    Jalandhar: Gold Medalist Dr. Munish Khurana के क्लीनिक पर सेहत विभाग की Raid

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): महानगर से बड़ी ख़बर सामने आई है। शहीद उधम सिंह नगर में चर्चित गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. मुनीष खुराना के मेडिवर्ल्ड में पुलिस और सेहत विभाग की द्वारा दबिश दी गई। मेडिवर्ल्ड में एसएचओ कमलजीत सिंह और ड्रग इंस्पेक्टर अनुपमा कालिया द्वारा रेड की गई। मामले की जानकारी देते हुए ड्रग इंस्पेक्टर अनुपमा कालिया ने बताया कि उन्हें थाना नंबर 4 की पुलिस द्वारा सूचना मिली थी कि क्लीनिक में अवैध दवाईयां बेची जार रही है। सूचना के आधार पर उन्होंने क्लीनिक में छापेमारी की। लेकिन इस छापेमारी दौरान क्लीनिक से कोई अवैध दवाई बरामद नहीं हुई।

    मौके पर नहीं हुई कोई अवैध दवाई बरामदः कालिया

    जांच में कुछ भी बरामद ना होने पर ड्रग इंस्पेक्टर अनुपमा कालिया ने बताया कि हमनें बारीकी से जांच की है, लेकिन क्लीनिक से अवैध रूप से बेची जा रही कोई अवैध दवाई बरामद नहीं हुई है और ना ही कोई एसा दस्तावेज मिला है जिसपर दवाइयों का हिसाब किताब लिखा जाता हो। बता दें कि शिकायत में यह भी कहा गया था कि डॉक्टर मनीश खुराना नवे अपने क्लीनिक में दवाइयों को स्टॉक करके रखा हुआ है।

    रेड दौरान मौके पर नहीं मिले डॉ. मुनीष 

    लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस द्वारा मामले की सूचना दी गई और मौके से ना तो कोई अवैध दवाई बरामद हुई और ना ही मौके पर डॉ. मुनीष खुराना मौजूद रहे। अनुपमा कालिया से डा मुनीष को लेकर मीडिया ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह कुछ देर में क्लीनिक में पहुंच रहे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर मनीष के क्लीनिक में जो कुछ दवाइयां मिली भी हैं उन्हें वह अपनी प्रैक्टिस के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इतनी दवाइयां वह अपने क्लीनिक पर आपातकाल के लिए रख सकते हैं।

    चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई थी रेड

    वहीं दूसरी ओर एसएचओ कमलजीत सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट के आधार उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर अनुपमा कालिया को सूचना दी थी। मौके पर डॉ. मुनीष के लाइसेंस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। चंडीगढ़ से मिली सूचना के बाद डॉ. मुनीष का मौके पर ना मिलना और उनके क्लीनिक से कुछ भी बरामद ना होना और पुलिस प्रशासन का अभी इस मामले को लेकर खुलकर मीडिया को मामले की पूरी जानकारी ना देना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।  

  • पंजाबः नशे के खिलाफ एक्शन में सरकार, चौकी के 17 पुलिसकर्मियों का तबादला, एएसआई Suspended

    पंजाबः नशे के खिलाफ एक्शन में सरकार, चौकी के 17 पुलिसकर्मियों का तबादला, एएसआई Suspended

    संगरूरः पंजाब में सीएम मान और डीजीपी गौरव यादव द्वारा नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम को लेक पुलिस प्रशासन एक्शन के मूड में दिखाई दे रहा है। नशे के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए एसएसपी मंदीप सिंह सिद्धू ने सुनाम नवी अनाज मंडी पुलिस चौकी के खिलाफ कार्रवाई की है। एसएसपी सिद्धू ने चौकी की ढीली कारगुजारी को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करते हुए चौकी पर तैनात सभी 17 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है।

    इस अवसर पर एसएसपी सिद्धू ने कहा कि चौकी का पूरा चौकी का पूरा स्टाफ बदल दिया गया है और एक एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी सिद्धू ने कहा कि पुलिस नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस का इरादा कटिबद्ध है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • पंजाब: सुनील जाखड़ को भाजपा ने सौंपी पहली जिम्मेदारी, इस कमेटी में किया शामिल

    पंजाब: सुनील जाखड़ को भाजपा ने सौंपी पहली जिम्मेदारी, इस कमेटी में किया शामिल

    चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व पीपीसीसी अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पहली बार पार्टी ने जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा हाईकमान ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के कायकर्ताओं की पिटाई की जांच को लेकर एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें सुनील जाखड़ को भी शामिल किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरुण सिंह ने बताया कि पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

    राज्यसभा सांसद बृजलाल की अध्यक्षता वाली समिति में सांसद राज्यवर्धन राठौर, सांसद अपराजिता सारंगी, सांसद समीर उरांव और पूर्व सांसद सुनील जाखड़ सदस्य होंगे। समिति हिंसा स्थल का दौरा करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी। पार्टी ने हिंसा की निंदा की है और इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अरुण सिंह ने कहा है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में कार्यकर्ताओं की निर्ममता से पिटाई जैसी हिंसक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करती है तथा पश्चिम बंगाल सरकार से मांग करती है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करे।

    गौरतलब है कि भाजपा के राज्य सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नबन्ना चलो अभियान’ के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं। दूसरी ओर पंजाब में कांग्रेस के विधानसभा चुनाव हारने के बाद सुनील जाखड़ ने कांग्रेस आलाकमान पर आरोप लगाया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटाए जाने के बाद नए सीएम की नियुक्ति के मुद्दे पर पंजाब के एक खास नेता की बात सुनी गई थी। सुनील जाखड़ ने अंबिका सोनी का नाम लेते हुए सोनिया गांधी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि कांग्रेस ने सुनील जाखड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी और उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। पंजाब कांग्रेस ने उन्हें 2 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। इस सारे घटनाक्रम के बाद जाखड़ ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया था।

  • कंज्यूमर कमीशन ने Yes Bank को जुर्माना देने के दिए आदेश, जाने मामला 

    कंज्यूमर कमीशन ने Yes Bank को जुर्माना देने के दिए आदेश, जाने मामला 

    चंडीगढ़ः पहली बार अकेले अमेरिका गई 17 साल की लड़की को यस बैंक की गलती से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बैंक द्वारा जारी किया गया डेबिट कार्ड विदेश में काम नहीं करता था। ऐसे में चंडीगढ़ में बैठी मां को विदेश में फंसी अपनी बेटी के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए भटकना पड़ा। चंडीगढ़ कंज्यूमर कमीशन ने बैंक पर सेवा में लापरवाही और अनुचित कारोबारी व्यवहार में लिप्त होने का आरोप लगाया है।  

    शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और शोषण के कारण बैंक को हर्जाने के रूप में 5000 रुपये और अदालती खर्च के रूप में 5000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने कहा कि पहली बार अपनी बेटी को अकेले विदेश भेजने वाली मां बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में लापरवाही नहीं कर सकती। साथ ही, उसने बैंक को यह नहीं बताया होगा कि कार्ड अमेरिका में काम नहीं कर रहा है।

    ऐसे में बैंक को उचित सेवा नहीं देने पर हर्जाना देने को कहा गया है। सेक्टर-9डी, चंडीगढ़ निवासी 17 वर्षीय जाह्नवी कपूर और उनकी मां मालविका कपूर ने अपने एमडी और ब्रांच मैनेजर के जरिए सेक्टर-9सी स्थित यस बैंक शाखा को पार्टी बनाया।

  • पंजाबः सीएम मान का दफ्तर घेरने पहुंचे NSUI के छात्र, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, कईं जख्मी

    पंजाबः सीएम मान का दफ्तर घेरने पहुंचे NSUI के छात्र, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, कईं जख्मी

    चंडीगढ़: बेरोजागरी से परेशान युवाओं का पंजाब सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। वहीं आज चंडीगढ़ में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान एनएसयूआई की ओर से सरकार के खिलाफ हल्ला बोला और सीएम मान के ऑफिस का घेराव करने की कोशिश की गई। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें छोड़ी गई। 

    एनएसयूआई के नवनियुक्त प्रधान ईशरप्रीत ने कहा कि सीएम भगवंत मान ने पहले अग्निवीर प्रस्ताव पास किया था और गत दिन ट्वीट किया कि वह उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार ने तो पंजाब विधानसभा का मूल्य ही खत्म कर दिया है। इस दौरान ईशरप्रीत ने कहा कि वह सीएम भगवंत मान से बेनती की कि नौजवानों का भविष्य और जवानी खराब न होने दे।

    उन्होंने कहा कि वह भी देश के नागरिक है। सीएम मान उनके साथ धक्का न करें। स्टूडेंट्स यूनियन ने कहा कि उन्हें रोजगार चाहिए न कि डंडे। प्रधान ने कहा कि रोजगार की मांग को लेकर बच्चे दूर-दूर से आए हैं। इतनी पढ़ाई करने के बाद भी उन्हें डंडे मिले हैं। सीएम मान कहते थे विदेश के बच्चे उनके पंजाब में आएंगे परंतु वह पहले अपने पंजाब के बच्चे को तो संभाल लें। ईशरप्रीत ने कहा कि बेरोजगारी मुहिम जारी रहेगी। अगर उनके साथ धक्का किया गया तो वे हर जिले में डीसी दफ्तर के आगे अर्थिया लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे।

  • पंजाबः गुरुद्वारा साहिब में 2 गुटों में जमकर चले लात घूंसे, उतरी पगड़ियां

    पंजाबः गुरुद्वारा साहिब में 2 गुटों में जमकर चले लात घूंसे, उतरी पगड़ियां

    फरीदकोट: पंजाब के फरीदकोट से बड़ी ख़बर सामने आई है। गुरुद्वारा साहिब में दो गुटों में जमकर लात घूंसे चलने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधकों में प्रधानगी को लेकर विवाद हुआ है। दोनों गुटों में विवाद इतना बढ़ गया कि लात घूंसे के बाद एक-दूसरे पर कृपाणों से हमला करने लगे।

    घटना दौरान कई सिखों की दस्तारों की बेअदबी भी की गई। बहस उस समय झगड़े में बदल गई, जब अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा चल रही थी, वर्तमान कमेटी के सदस्यों और गुरुद्वारा साहिब की पूर्व कमेटी के बीच संघर्ष हुआ, जो जल्द ही लड़ाई में बदल गया। इस घटना में एक दम्पत्ति के घायल होने की भी सूचना मिली है। इस दौरान गुरुद्वारा की मर्यादा का भी कोई ध्यान नहीं रखा गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल, घटना को लेकर और विवरण जुटाया जा रहा है।

  • जालंधरः  डीसीपी नरेश डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट ने इरादा-ए-कत्ल में किया तलब

    जालंधरः  डीसीपी नरेश डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट ने इरादा-ए-कत्ल में किया तलब

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): होशियारपुर के बहुचर्चित होटल रॉयल प्लाजा मामले में तब बड़ा धमाका हुआ जब होशियारपुर की एक अदालत ने विवादास्पद पुलिस अधिकारी और जालंधर के मौजूदा डीसीपी नरेश डोगरा और उसके करीबी साथियों को इरादा-ए-कत्ल की धारा-307 के तहत तलब किया गया है और इसके बाद अब नरेश डोगरा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। गौरतलब है कि साल 2019 में होटल रॉयल प्लाजा में मारपीट हुई थी जिसमें नरेश डोगरा का नाम सामने आया था।

    अदालत द्वारा दिए गए फैसले के संदर्भ में यह खुलासा हुआ है कि 03 जनवरी 2019 को होटल के मालिक विश्वनाथ बंटी को रात करीब सवा नौ बजे होटल से एक फोन आया, जिसमें होटल के मैनेजर ने बताया कि उस समय फिल्लौर पुलिस अकादमी में तैनात कमांडेंट नरेश डोगरा अपने साथियों सहित जिनमे होटल का एक अन्य पाटनर विवेक कोंशल, नायब तहसीलदार मंजीत सिंह, शिवी डोगरा, हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह सहित करीब 10-15 अज्ञात शामिल हैं। मैनेजर ने बताया कि यह लोग होटल पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद उसी समय विश्वनाथ बंटी, अजय राणा, नवाब हुसैन और बाबू के साथ होटल पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जब उन्होंने नरेश डोगरा से इस बारे में बात करनी चाही तो उन्होंने विशवानाथ बंटी पर हमला कर दिया और इसी बीच नरेश डोगरा , विवेक कौशल और मनजीत सिंह लड़ाई में ललकारे मारे और कहा कि आज बंटी को मारना है और इसी समय हरनाम सिंह ने बंटी की तरफ एक रिवॉल्वर से गोली चलाई, जो अजय राणा की जांघ में लगी और पार हो गई। इस घटना में नवाब हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गया।

    अदालत के आदेश में यह भी कहा गया कि जब अजय राणा को गंभीर हालत में होशियारपुर के सिविल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया तो पता चला कि नरेश डोगरा और उसके साथी पहले ही सिविल अस्पताल होशियारपुर पहुंच चुके थे और इस बीच अजय राणा, नवाब हुसैन को जालंधर के जोहल अस्पताल में ले जाया गया और वहा पर 6 जनवरी तक उसका इलाज चला और बाद में अजय राणा को होशियारपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई

    होशियारपुर के अतिरिक्त मुखय न्यायिक मैजिस्ट्रेट रूपिंदर सिंह द्वारा 14 सितंबर 2022 को दिए गए फैसले की कापी 15 सितंबर को अपलोड की गई है, जिससे खुलासा हुआ है कि होशियारपुर पुलिस ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है और कहा गया है कि नरेश डोगरा जो उस समय एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी था ने विशवानाथ बंटी और उनके साथियों को मुलजिम बनाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद विश्वनाथ बंटी, अजय राणा, नवाब हुसैन और कई अन्य लोगों पर आईपीसी की धारा 307, 323, 341, 379-बी, 186, 353, 332, 427, 148, 149, 120-बी व 25/27/54/59, आमर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जबकि विश्वनाथ बंटी गुट की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर आईपीसी की धारा-323, 506, 149, थाने के रोजनामचे में सिर्फ डीडीआर ही काटी गई थी।

    दायर करनी पड़ी थी सिविल कंपलेट

    पुलिस ने जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो नवाब हुसैन की ओर से उनके वकील एचएस सैनी, एडवोकेट नवीन जैरथ और एडवोकेट गुरवीर सिंह चौटाला की ओर से कोर्ट में सिवल शिकायत दर्ज कराई गई। जिसकी सुनवाई करीब तीन साल तक चली, हालांकि कोविड के कारण, सुनवाई में लगभग एक साल की देरी हुई और अदालत ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर में तैनात डीसीपी नरेश डोगरा, होटल रॉयल प्लाजा के पार्टनर विवेक कौशल, नायब तहसीलदार (सेवानिवृत्त) मंजीत सिंह, शिवी डोगरा और हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह को आईपीसी की धारा-307, 506, 341, 447, 323, 148, 149, 25/27 /54/59 आमर्स एक्ट के तहत संमन जारी करते हुए 15 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

    डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

    इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद डीसीपी नरेश डोगरा, विवेक कौशल, शिवी डोगरा, मंजीत सिंह और हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह को 15 नवंबर से पहले हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी। दरअसल, मामला 307 का है, इसलिए इस मामले में अग्रिम जमानत मिल पाना इतना आसान नहीं है क्योंकि गोली और 307 के मामले में अदालतें हमेशा सख्त रुख अपनाती हैं। गौरतलब है कि जब पुलिस किसी मामले की सुनवाई नहीं करती है तो पीड़ित के पास सीधे अदालत जाने का विकल्प होता है और इन्हीं विकल्पों के तहत मामला यहां तक पहुंचा है। 

  • जालंधरः शिव नगर सहित कई इलाकों में खुफिया जानकारी पर चला सर्च अभियान

    जालंधरः शिव नगर सहित कई इलाकों में खुफिया जानकारी पर चला सर्च अभियान

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): पंजाब में सीएम भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में शनिवार को गैंगस्टरों और ड्रग पेडलरों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया है। इसी के तहत जालंधर नार्थ हलके के शिव नगर में एडीजीपी वेलफेयर पंजाब प्रवीण कुमार सिन्हा की अगुवाई में पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू, डीसीपी सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन नरेश डोगरा ने टीम के साथ इलाके में सर्च की गई। उन्होंने कहा कि सर्च अभी जारी है, पुलिस किसको पकड़ने आई थी उसकी लिस्ट है जिन पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।

    लोकल लेवल पर क्या-क्या बरामद हुआ इसकी डीजीपी इसकी जानकारी देंगे। सर्च के दौरान एडीजीपी प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि पंजाब भर में चुनिंदा एरिया में की गई सर्च इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक की गई है, जिसमें घरों को सर्च कर रहे हैं ताकि क्राइम फ्री पंजाब बना सकें। सर्च ऑपरेशन का उद्देश्य नशे पर लगाम, गैंगस्टरों का सफाया और क्राइम फ्री पंजाब बनाना है जिसके लिए नशे की चेन तोड़ना बहुत जरूरी है। 

    इस दौरान पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू ने कहा कि शिवनगर का इलाका काफी दिनों से रडार पर था, क्योंकि यहां पर रहने वालों का रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं था जो अन्य इलाकों में वारदात को अंजाम देकर गायब हो जाते थे। यह स्पेशल ऑपरेशन था इसके अलावा कमिश्नरेट पुलिस समय-समय पर ऑपरेशन चलाती रहती है।

    वही देहात में एसएसपी स्वर्णदीप सिंह संधू की अगवाई में एसपी हेडक्वार्टर मनजीत कौर ने नकोदर के गांव शंकर और एसपी इन्वेस्टिगेशन सर्वजीत सिंह बाहिया ने पुलिसकर्मियों की टीम के साथ फिल्लौर के गांव सेल्किया और समराली में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। एसएसपी स्वर्णदीप सिंह संधू ने कहा कि कपूरथला बॉर्डर से सटे नकोदर के गांव शंकर में तस्करों और गैंगस्टरों के आने की सूचना थी इसके बाद स्पेशल ऑपरेशन के लिए इसे चुना गया था। जबकि फिल्लौर के दोनों गांवों में लंबे समय से नशा तस्करी की शिकायत मिल रही थी।