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  • पंजाबः टिप्पर से फेट लगने से युवक की मौत, सड़क पर परिजनों ने  लगाया धरना

    पंजाबः टिप्पर से फेट लगने से युवक की मौत, सड़क पर परिजनों ने लगाया धरना

    लुधियानाः पंजाब के लुधियाना जिले में टिप्पर से फेट लगने पर युवक की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मंगली गांव के पास बीते दिन रात को 24 साल के हरविंदर सिंह की टिप्पर से फेट लगने पर मौत हो गई थी। मृतक हरविंदर सिंह नंगड़ी गांव का रहने वाला है। हरविंदर के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया था। लेकिन आज परिजनों की तरफ से राहों रोड पर चुंगी के पास धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

    पुलिस ने चालक खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाई

    परिजनों का आरोप है कि हादसा टिप्पर के साथ हुआ था मगर पुलिस इसे नहीं मान रही है। पुलिस ने टिप्पर संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते ही उन्हें मजबूरन धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। 

    परिजन बोले, कार्रवाई करने पर ही करेंगे हरविंदर का संस्कार

    अगर सुनवाई नहीं हुई तो वह शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करेंगे और तब तक संस्कार नहीं किया जाएगा। यह तब तक जारी रहेगा जब तक टिपर संचालक और मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो जाता है। गाैरतलब है कि शहर में तेज रफ्तार का कहर जारी है। आए दिन हाे रहे हादसाें के खिलाफ पुलिस ने पहले अभियान भी चलाया था, लेकिन अब फिर यह सुस्त पड़ गया है।

  • पंजाबः डेरे की दीवार पर लिखे मिले खालिस्तानी नारे

    पंजाबः डेरे की दीवार पर लिखे मिले खालिस्तानी नारे

    बठिंडा: पंजाब के बठिंडा जिले में खालिस्तानी नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। डेरा सच्चा सौदा सिरसा के बठिंडा के गांव सलाबतपुरा स्थित हेडक्वार्टर की दीवार पर खालिस्तानी के नारे लिखे गए हैं। सिख फॉर जस्टिस ने यह नारे लिखे हैं। इनमें एसएफजे ने डेरा मुखी से श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी का बदला लेने की धमकी दी है। इसका पता चलते ही बठिंडा पुलिस वहां पहुंची।

    सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस

    सुबह होते ही इन नारों को स्याही से मिटा दिया गया। जिसके बाद मौके से सबूत जुटाकर आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बठिंडा के एसएसपी जे. एलेनचेजियन ने कहा कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    दीवारों पर खालिस्तानी नारे और धमकी लिखी गई

    अहम बात यह है कि डेरा सलाबतपुरा में पंजाब पुलिस की तैनाती है। इसके बावजूद खालिस्तानी नारे और धमकी लिखी गई। वहां तैनात पुलिस वालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि डेरे के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिनमें पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    3 राज्यों की सरकार को दी गई धमकी

    सिख फॉर जस्टिस ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को भी धमकी दी है। जिसमें डेरा मुखी को सपोर्ट न करने की बात कही गई है। एसएफजे का चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू पहले भी सरकारों और मुख्यमंत्रियों को धमकी देता रहा है।

  • पंजाबः गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में कोर्ट का आया फैसला, हिरासत में भेजे 9 डेरा प्रेमी

    पंजाबः गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में कोर्ट का आया फैसला, हिरासत में भेजे 9 डेरा प्रेमी

    मोगाः पंजाब से बड़ी ख़बर सामने आई है। मोगा की एक अदालत ने आज 7 साल पुराने हिंसा व आगजनी के मामले में गिरफ्तार 9 डेरा प्रेमियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आरोपियों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरबिंदर सिंह जोहल की अदालत में पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें फरीदकोट केंद्रीय कारागार भेजा गया।

    सीबीआई को नहीं मिली आरोपितों का रिमांड

    आरोपितों में महिंदरपाल सिंह बिट्टू, निशान सिंह, संदीप कुमार, बलजीत सिंह, रणदीप सिंह नेला, उसका भाई पवनदीप सिंह, रणजीत सिंह, अजायब सिंह और निर्मल सिंह शामिल हैं। सभी सिरसा के सच्चा सौदा डेरा के सदस्य हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई इन आरोपितों की 2015 के बेअदबी प्रकरण में रिमांड मांगने वाली थी हालांकि आज ऐसा नहीं हुआ।

    पुलिस छावनी में तब्दील की गई कोर्ट

    बता दें कि, इससे पहले अदालत परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। दोनों गेट बंद कर पुलिस तैनात कर दी गई थी। पहली बार वकील व उनके स्टाफ को भी अदालत परिसर में पैदल ही प्रवेश दिया गया, गाड़ियां बाहर पार्किंग में पार्क कराई गई। हालांकि मूल पार्किंग अदालत परिसर के अंदर है, वहां पर गाड़ियों को प्रवेश नहीं दिया गया। खुद एसएसपी गुलनीत खुराना ने सुबह करीब 9 बजे अदालत परिसर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

  • इस देश में पीएम पर बढ़ा इस्तीफे का दवाब, क्या आज छोड़ देंगे पद?

    इस देश में पीएम पर बढ़ा इस्तीफे का दवाब, क्या आज छोड़ देंगे पद?

    महाराष्ट्र में कुछ दिन पहले जैसा हाल सीएम उद्धव ठाकरे का हुआ था, अब वैसा ही ब्रिटेन में हो रहा है। जिस तरह से उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई थी, वैसी ही बगावत बोरिस जॉनसन की अपनी ही कंजर्वेटिव पार्टी में भी शुरू हो गई है। अब तक चार कैबिनेट मंत्री समेत 40 से ज्यादा मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब ऐसे में जिस तरह से उद्धव सरकार पर संकट आ गया था, वैसा ही संकट बोरिस जॉनसन की सरकार पर भी आ गया है।

    वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दिया इस्तीफा

    लेकिन बोरिस जॉनसन की सरकार पर आए इस संकट की शुरुआत वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के इस्तीफे से हुई। दोनों ने 5 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि बोरिस जॉनसन की लीडरशिप पर उन्हें भरोसा नहीं है। ऋषि सुनक ने अपने इस्तीफे में कहा था कि लोग सरकार से उम्मीद करते हैं कि वो ठीक तरह से काम करेगी। वहीं, साजिद जाविद ने कहा था कि सरकार राष्ट्र हित में काम नहीं कर रही है। दोनों ने ये इस्तीफा बोरिस जॉनसन से माफी मांगने के बाद दिया था। हालांकि, दोनों अब भी सरकार में बने हुए हैं।

    बगावत के बाद बोरिस जॉनसन पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव  

    ऋषि सुनक और साजिद जाविद के बाद एक और कैबिनेट मंत्री साइमन हार्ट ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके अलावा एक और कैबिनेट मंत्री ब्रैंडन लुईस ने भी इस्तीफा दे दिया है। बगावत होने के बाद बोरिस जॉनसन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। विपक्ष ने उनसे इस्तीफा देने की मांग की है। हालांकि, इसके बावजूद जॉनसन इस्तीफा देने के मूड में नहीं है। जॉनसन का कहना है कि उन्हें वोटर्स ने चुना था। 

    जॉनसन की बढ़ सकती हैं मुश्किलें 

    माना जा रहा है कि मंत्रियों के इस्तीफे का सिलसिला थमने वाला नहीं है। कई मंत्री और सांसद ऋषि सुनक की राह पकड़ सकते हैं। ऐसा होता है तो जॉनसन की मुश्किलें बढ़ सकतीं हैं। हो सकता है कि जिस तरह थेरेसा मे (पूर्व प्रधानमंत्री) को अपनी ही पार्टी में वोटिंग का सामना करना पड़ा था, वैसा ही जॉनसन को भी करना पड़ सकता है। हालांकि, थेरेसा मे वोटिंग में जीत गई थीं।

    Yougov के सर्वे में 69% लोगों ने क्या कहा

    40 से ज्यादा मंत्रियों के बाद जॉनसन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। उनकी ही पार्टी के लोग उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल सकते हैं। हाल ही में हुए Yougov के सर्वे में 69% लोगों ने कहा था कि जॉनसन को अपना पद छोड़ देना चाहिए।

    चूंकि जॉनसन पर उनकी ही पार्टी का भरोसा नहीं रहा है और एक के बाद एक लोग इस्तीफा देते जा रहे हैं, तो अब वो खुद ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। हालांकि, जॉनसन कह चुके हैं कि उन्हें लोगों ने चुना है।

    विपक्ष कर रही पीएम से इस्तीफे की मांग 

    विपक्षी लेबर पार्टी प्रधानमंत्री जॉनसन से इस्तीफा तो मांग रही है, लेकिन खुलकर सामने नहीं आई है। लेबर पार्टी प्रधानमंत्री को सदन में विश्वास मत साबित करने के लिए मजबूर कर सकती है।

  • 500-1000 के लाखों रुपए के पुराने नोटों के साथ डॉक्टर गिरफ्तार

    500-1000 के लाखों रुपए के पुराने नोटों के साथ डॉक्टर गिरफ्तार

    राजधानी दिल्ली से बड़ी ख़बर सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने लक्ष्मी नगर क्षेत्र में 500-1000 रुपये के नोटों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से 62 लाख रुपये के पुराने नोट मिले हैं। आरोपी की पहचान डॉ. एजाज अहमद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस शख्स के पास से 62 लाख रुपए की पुरानी करेंसी मिली है। हैरानी की बात यह है इस शख्स ने 62 लाख रुपए की पुरानी करेंसी को 14 लाख रुपए की नई करेंसी से खरीदा है। पुलिस की पूछताछ में इस शख्स ने बताया कि उसने ये पुराने नोट कई जगह से इकट्ठे किए हैं और ये करीब 20 लाख रुपए में इन नोटों को बेच देता।

    आरोपी से दिल्ली पुलिस कर रही पूछताछ 

    दिल्ली के शकरपुर थाना की पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। लेकिन मामला संदिग्ध लगने पर देर रात इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और आईबी की टीम को बुलाया गया। अब तमाम टीम इस शख्स से पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है की पुरानी करेंसी को किस तरीके से मार्केट में बेचता था और इसका खरीददार कौन है? फिलहाल दिल्ली पुलिस दोपहर में शख्स को कोर्ट के अंदर पेश करेगी।

    4 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए गए थे

    बता दें कि बीते जनवरी महीने में इसी तरह की खबर उत्तराखंड में सामने आई थी। तब उत्तराखंड पुलिस को एक ऑपरेशन के दौरान पुरानी करेंसी का जखीरा पकड़ने में बड़ी सफलता हाथ लगी थी। इस दौरान करीब चार करोड़ के पुराने नोटों को बरामद किया गया था। इसके साथ ही निशानदेही पर हरिद्वार में छापेमारी की गई थी, इसमें करीब 25 से 30 करोड़ के पुराने नोट पाए जाने की भी आशंका जताई जा रही थी। नोटों की बरामदगी के मामले में हरिद्वार के अलावा यूपी के अमरोहा का भी कनेक्शन भी सामने आ रहा था। इस मामले में सात आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था। बताया गया था कि उत्तराखंड एसटीएफ को पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने वाले गैंग की जानकारी मिली थी। इस पर उन्होंने जाल फैला दिया। सटीक मुखबिरी के चलते गैंग को दबोच लिया गया। इस दौरान 4 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए गए थे।

  • पंजाबः कपड़े के फैक्टरी संचालक पर केस दर्ज, जानें मामला

    पंजाबः कपड़े के फैक्टरी संचालक पर केस दर्ज, जानें मामला

    लुधियानाः पंजाब के लुधियाना से बड़ी ख़बर सामने आई है। जिले के गिल रोड पर स्थित एक फैक्टरी संचालक पर आपराधिक दर्ज किया गया है। यह मामला कपड़े के बड़े ब्रांड मोंटी कार्लो कंपनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। दरअसल, मोंटी कार्लो कंपनी का आरोप है कि यह फैक्टरी संचालक उनकी कंपनी के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर रहा था।

    मैनेजर सुमित अग्रवाल ने दर्ज करवाई शिकायत

    मोंटी कार्लो फैशन लिम इंडस्ट्री एरिया ए के मैनेजर सुमित अग्रवाल ने पुलिस को इसको लेकर शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि गिल रोड स्थित कपड़ा बनाने वाली फैक्टरी के संचालक बिना ट्रेडमार्क लिए अपने सामान के ऊपर उनकी कंपनी का टैग लगा रहे हैं। इस पर पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद एमएस गुड प्राइज गिल रोड फर्म पर आपराधिक मामला दर्ज किया है।

    आरोपी पाए जाने पर कंपनी संचालक को करेंगे गिरफ्तारः एएसआई जगपाल

    मामले के जांच अधिकारी एएसआई जगपाल सिंह ने बताया कि कंपनी की तरफ से कुछ सबूत के साथ शिकायत दी गई थी, जिसके बाद ही मामला दर्ज किया गया है। हम यह पता लगा रहे हैं कि कंपनी के मालिक कौन हैं। हम इस मामले में आरोपी पाए जाने वाले कंपनी संचालक को गिरफ्तार भी करेंगे।

  • पंजाब: शादी के बंधन में बंधे सीएम मान और डॉ. गुरप्रीत कौर, देखें तस्वीरें

    पंजाब: शादी के बंधन में बंधे सीएम मान और डॉ. गुरप्रीत कौर, देखें तस्वीरें

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान की शादी की रस्में अब शुरू हो चुकी हैं। सीएम मान की एक और तस्वीर सामने आई है जिसमें वह आनंद कारज के लिए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ आप सुप्रीमो व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, सासंद राघव चड्ढा भी दिखाई दे रहे हैं। सीएम मान के चेहरे पर शादी की पूरी खुशी भी दिखाई दे रही है। इस तस्वीर को राघव चड्ढा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। जिसमें उन्होंने लिखा ,’ मान साहब को लाख-लाख बधाईयां’।  बता दें कि सीएम मान और  डॉ गुरप्रीत कौर की शादी घर पर ही होगी। इसमें सिर्फ खास मेहमान ही शामिल होंगे।

    लाड़ा बने मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर सामने आई है जिसमें वह पगड़ी पर कलगी सजाए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पीले रंग की पगड़ी पहनी हुई है। इसके साथ उन्होंने पीले ही रंग कुर्ता पायजामा पहना हुआ है। सीएम मान की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हो रही है। पंजाब वासी कबसे उनके लाड़ा बनने की झलक देखने को बेताब थे। 

    सीएम मान और डॉ गुरप्रीत कौर की आनंद कारज की एक तस्वीर सामने आई है। हालांकि इसमें उनका चेहरा तो नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं कुछ ही देर में लावां फेरे की रस्म भी शुरू हो जाएगी। जिसके बाद सीएम मान और गुरप्रीत कौर हमेशा-हमेशा के लिए एक दूसरे के साथी बन जाएंगे। 

    मुख्यमंत्री मान और उनकी होने वाली पत्नी डॉ गुरप्रीत कौर की तस्वीर सामने आई है। दोनों बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहे हैं। सीएम मान ने जहां पीली पगड़ी में नजर आ रहे हैं वहीं उनकी होने वाली पत्नी लाल जोड़े में बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही हैं। 

    पिता की सारी रस्में अदा करेंगे अरविंद केजरीवाल

    आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शादी में पहुंच गए है। वह पिता की सारी रस्में अदा करेंगे। इस बात की जानकारी राघव चड्ढा ने दी। केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते कहा, “आज बहुत खुशी का दिन है कि मेरे छोटे भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री विवाह के बंधन में बंध रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करते हूं की उनको सुखी वैवाहिक जीवन दें।

  • पंजाबः मशहूर मिठाई कारोबारी के घर आयकर विभाग की दबिश

    अमृतसर: पंजाब से बड़ी ख़बर सामने आई है। हाल ही में जालंधर में आयकर विभाग की ओर से कुछ दुकानों और स्टोर पर छापेमारी की गई। अब ताजा मामला अमृतसर से सामने आ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक मशहूर मिठाई कारोबारी बंसल स्वीट्स शॉप पर सुबह सरकारी अधिकारियों द्वारा दबिश दी गई। फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स विभाग ने बांसल स्वीट्स के घर और शॉप पर जाकर पूछताछ कर रही है।

    बंसल स्वीट्स के घर और शॉप की विभाग की दबिश

    यह छापेमारी बंसल स्वीट्स के घर मकबूल रोड अमृतसर और उनकी दुकान लॉरेंस रोड अमृतसर में की गई है। सुबह से ही बंसल परिवार को घर से बाहर नहीं आने दिया जा रहा और न ही किसी को घर के अंदर जाने दिया जा रहा है। सुबह ही उनके घर अधिकारियों द्वारा धावा बोला गया है। 

    चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी है बांसल स्वीट्स की शॉप

    सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग द्वारा यह दबिश दी गई है। बंसल स्वीट्स की बात करें तो अमृतसर के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी इनकी कई ब्रांच हैं और लोग इनकी मिठाइयों को खूब पसंद करते हैं। जिस कारण इनका करोड़ों का कारोबार है जिसके चलते आज आयकर विभाग द्वारा धावा बोलते हुए दबिश दी गई है।

  • पंजाबः रिश्वत के मामले में फर्जी वसीका नवीस रिश्तेदार सहित गिरफ्तार

    पंजाबः रिश्वत के मामले में फर्जी वसीका नवीस रिश्तेदार सहित गिरफ्तार

    लुधियानाः पंजाब के सीएम भगवंत मान सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए एंटी करप्शन एक्शन लाइन नंबर जारी किए थे। जिसके बाद लगातार रिश्वत के मामले सामने आ रहे है। वहीं अब ताजा मामला लुधियाना से सामने आया है। विजीलेंस विभाग ईओडब्लयू विंग ने रजिस्ट्रार कार्यालय से पावर आफ अटार्नी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए वसीका नवीस और उसके रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। विजीलेंस विभाग के एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि शहर के निवासी एक व्यक्ति ने उन्हें शिकायत दी थी कि वह रजिस्ट्रार कार्यालय से अपनी दादी के नाम की पावर आफ अटार्नी निकलवानी चाहता था और इसके लिए वह लगातार रजिस्ट्रार वेस्ट के कार्यालय में चक्कर लगा रहा था। 

    आरोपी ने 15 हजार मांगे, 8 हजार रुपए में हुई बात तय

    डीसी कार्यालय के पास ही वसीका नवीस का बोर्ड लगाकर बैठे अजिंदर सिंह और उसके जीजा सतिंदरपाल सिंह से उसका संपर्क हुआ तो उसने इस काम के लिए उससे 15 हजार रुपये की मांग की थी और बात 8000 रुपए में तय हो गई थी। मगर वह रिश्वत नहीं देनी चाहता था ओर उसने इसके लिए विजीलेंस विभाग को सूचित किया था। 

    विजीलेंस विभाग ने ट्रैप लगाकर अजिंदर और सतिंदरपाल को किया काबू

    विजीलेंस विभाग के डीएसपी करमजीत सिंह, सब इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एएसआई जगरूप सिंह ने ट्रैप लगाकर अजिंदर सिंह और सतिंदरपाल सिंह को रंगे हाथ काबू किया है। मांगने पर भी वह वसीका नवीस का अपना लाइसेंस विजीलेंस विभाग को नहीं दिखा सका है। पुलिस ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। विजीलेंस विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि उसके साथ रजिस्ट्रार कार्यालय के कौन-कौन लोग मिले हुए हैं। 

    डीएसपी करमजीत सिंह के अनुसार वह डीसी कार्यालय से उसके लाइसेंस संबंधी जानकारी ली जाएगी। गाैरतलब है कि पंजाब में सत्ता संभालने के बाद आम आदमी पार्टी ने करप्शन के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत कई कर्मचारियाें काे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है।

  • ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र की कुल आमदनी 60 लाख, रेड पड़ी तो मिले 8 करोड़ रुपए

    ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र की कुल आमदनी 60 लाख, रेड पड़ी तो मिले 8 करोड़ रुपए

    बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना-5 के ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के पास 8 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी है। जिसे इन्होंने खुद, पत्नी, मां, साला और भाई के नाम पर खरीद रखा है। सबसे अधिक प्रॉपर्टी ड्रग इंस्पेक्टर के नाम पर ही पाई गई है। सभी प्रॉपर्टी के कागजात जितेंद्र कुमार के घर से ही बरामद हुए हैं। इस बात का खुलासा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की अब तक की जांच में हुआ है।

    27 में से 21 प्रॉपर्टी की हो चुकी रजिस्ट्री 

    भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी की टीम ने 25 जून को पटना में सुल्तानगंज स्थित ड्रग इंस्पेक्टर के घर पर छापेमारी की थी। उस दौरान कुल 27 प्रॉपर्टी के पेपर निगरानी के हाथ लगे। इसमें 8 फ्लैट हैं, बाकी जमीन। निगरानी ने एक-एक करके सारे पेपर को खंगाला। जिसमें चौंकाने वाली बात सामने आई। 27 में से 21 प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो चुकी है।

    इसमें तीन राज्य, बिहार, यूपी और दिल्ली के 7 शहरों में कुल 11 प्रॉपर्टी अकेले ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के नाम पर मिली। जो पटना में दानापुर, सुल्तानगंज, जहानाबाद में मखदुमपुर, गया, बोध गया, उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर और दिल्ली में है।

    12 प्रॉपर्टी साले और भाई समेत दूसरे रिश्तेदारों के नाम

    जितेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी निभा देवी के नाम पर भी दो प्रॉपर्टी खरीद रखी है। इसमें एक पटना के दानापुर में तो दूसरी झारखंड की राजधानी रांची में है। इसी तरह इन्होंने अपनी मां संपूर्णा देवी के नाम पर पटना और गया में प्रॉपर्टी खरीद रखा है। निगरानी मुख्यालय के अनुसार 27 में से 12 प्रॉपर्टी ऐसे हैं, जिसे जितेंद्र के भाई, साला और दूसरे रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा गया है। इनमें कई की रजिस्ट्री हो चुकी है। जबकि, कुछ प्रॉपर्टी का एग्रीमेंट पेपर है। अब सवाल यह है कि रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए प्रॉपर्टी का पेपर ड्रग इंस्पेक्टर ने अपने पास क्यों रखा था? इस प्वाइंट पर निगरानी की टीम जांच कर रही है।

    अकाउंट में 16 लाख, लेकिन बीमा पर 19 लाख का इंवेस्ट

    ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के काले कारानामों की पड़ताल लगातार जारी है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने उनके बैंक अकाउंट्स को खंगाला है। जिसमें कुल 16 लाख रुपया कैश जमा मिला है। इसी तरह एलआईसी और दूसरी कंपनियों में कराए गए बीमा पॉलिसी की भी जांच हुई। जिसमें करीब 19 लाख रुपए का इंवेस्टमेंट मिला। दरअसल, छापेमारी के दौरान जितेंद्र कुमार के घर से अलग-अलग बैंकों के 8 अकाउंट और बीमा कंपनियों 10 पॉलिसियों के कागजात मिले थे। जिन्हें छापेमारी के बाद खंगाला गया।

    सरकार को झांसे में रखा

    जितेंद्र कुमार साल 2012 में बिहार सरकार की नौकरी में आए थे। अब तक इनकी नौकरी को करीब 10 साल हो चुका है। सैलरी के रूप में इनकी कुल कमाई 60 लाख रुपए ही है। मगर, जब निगरानी का छापा पड़ा तो कुल 160 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति का पता चला। छापेमारी के दरम्यान ही टीम ने इनके घर से 4 करोड़, 11 लाख 79 हजार 700 रुपया कैश बरामद किया था। इसके अलावा 36.48 लाख रुपए से अधिक के कीमत की करीब पौने किलो सोना, 1.66 लाख रुपए से अधिक के कीमत की तीन किलो चांदी बरामद हुई थी।

    अब सवाल ये है कि इनके पास इतनी संपत्ति आई कहां से? सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्ति का डिटेल राज्य सरकार को देना पड़ता है। जब इनकी कुंडली को खंगाला गया तो सरकार के साथ किए गए फर्जीवाड़े का भी पता चला। इन्होंने राज्य सरकार को भी झांसे में रखा। करोड़ों की संपत्तियों की जानकारी को छीपा कर रखा।