Home Breaking News America में नहीं खत्म हो रहे Drone Attack, Marco Rubio-Pete Hegseth के बेस पर हुआ हमला

America में नहीं खत्म हो रहे Drone Attack, Marco Rubio-Pete Hegseth के बेस पर हुआ हमला

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America में नहीं खत्म हो रहे Drone Attack, Marco Rubio-Pete Hegseth के बेस पर हुआ हमला

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जंग जारी है। अमेरिका और इजरायल की सेनाएं ईरान के शहरों, सैन्य ठिकानों और ऑयल फील्ड्स पर बम के रुप में तबाही बरसाती जा रही है। ईरान युद्ध के बीच अब एक ऐसी घटना हुई है जिसे लेकर खाड़ी देशों से बहुत दूर अमेरिका में भी हड़कंप मच गया है। अमेरिका सेना हाई अलर्ट पर आ गई है। अमेरिका के एक आर्मी बेस पर ड्रोन मंडराता दिखा है। यह ड्रोन जिस आर्मी बेस पर मंडरा रहा था। उस बेस पर तब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दो मजबूत और प्रभावशाली चेहरे मौजूद थे। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पेटे हेगसेथ तब उसी बेस पर मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को वाशिंगटन स्थित आर्मी बेस पोर्ट मैकनेयर के ऊपर ड्रोन मंडराते देखे गए। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के आवास इसी आर्मी बेस में है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर भी विचार विमर्श किया है। मार्को रुबियो और हेगसेथ को किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाए।

हालांकि इन्हें शिफ्ट किया गया या नहीं। इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की गतिविधियों के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया है। उन्होंने इसके पीछे सुरक्षा कारणों को वजह बताया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि सुरक्षा कारणों से पीट हेगसेथ की गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं कर सकता।

उन्होंने इस तरह की गतिविधियों की रिपोर्टिंग को भी गैर जिम्मेदाराना बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, आर्मी बेस पर ड्रोन देखे जाने के बाद व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक भी हुई है। व्हाइट हाउस में इस बैठक के बाद अमेरिकी सेना के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह कदम ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।

अमेरिका ने अपने कई आर्मी बेस की सुरक्षा बढ़ाकर एफपीकॉन चार्ली कर दिया है। यह अलर्ट का यह स्तर होता है। इसे आतंकी हमले की आशंका पर लागू किया जाता है। इसके साथ ही दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी कूटनीतिक मिशनों के लिए भी वैश्विक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

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