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  • मुख्यमंत्री ने 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50.20 लाख लाभार्थियों के खातों में जारी किए 1,582.14 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री ने 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50.20 लाख लाभार्थियों के खातों में जारी किए 1,582.14 करोड़ रुपये

    चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को विभिन्न 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50 लाख 20 हजार 442 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1 हजार 582 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि जारी की। जारी की गई राशि में महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है। मुख्यमंत्री द्वारा जारी की गई राशि में ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दयालु योजना, हर घर-हर गृहिणी योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार समाज के प्रत्येक पात्र नागरिक को आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

    ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त जारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त जारी की गई है। इसके तहत 9 लाख 98 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के खातों में 209 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इसे मिलाकर अब तक 9 किस्तों में 1 हजार 832 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि गत 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ किया गया था। चालू वित्त वर्ष के बजट में इस योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    34.83 लाख लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 34 लाख 83 हजार लाभार्थियों के खातों में सीधे 1 हजार 121 करोड़ 39 लाख रुपये की राशि भेजी गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि सरकारी सहायता प्रत्येक जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

    दयालु योजना के तहत 3,295 परिवारों को आर्थिक सहायता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 3 हजार 295 परिवारों को 125.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर से प्रदेश में कुत्ते के काटने, आवारा पशुओं जैसे गाय, सांड, बैल, गधे, कुत्ते, नीलगाय और भैंस आदि के हमले से हुई आकस्मिक मृत्यु, दिव्यांगता अथवा चोट लगने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दयालु योजना-2 लागू की गई है।

    हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत मई माह की सब्सिडी जारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख 16 हजार बहनों के बैंक खातों में मई माह की 18 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20,165 लाभार्थियों को सहायता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20 हजार 165 पात्र लाभार्थियों के खातों में मकान निर्माण के लिए 107 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना के तहत अब तक 827 करोड़ 22 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में 76 हजार 466 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 41 हजार 260 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 35 हजार 206 मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
  • Punjab News: नशा छुड़ाऊ केंद्र में मचा हड़कंप, 25 से 30 मरीजों को पुलिस ने किया राउंडअप

    Punjab News: नशा छुड़ाऊ केंद्र में मचा हड़कंप, 25 से 30 मरीजों को पुलिस ने किया राउंडअप

    लुधियानाः समराला के सिविल अस्पताल में नशा छोड़ने की दवा लेने आए 20 से 25 मरीजों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया। नशा छोड़ने के इच्छुक या उनके माता-पिता नशा छुड़ाऊ केंद्रों में नशा छुड़ाने की दवा लेने के लिए आते है, जिसे अक्सर जीभ के नीचे रखने वाली गोली कहा जाता है, जिसे मरीज काफी समय से रहे हैं।

    लेकिन आज उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब भारी संख्या में आए पुलिसकर्मियों ने सरकारी अस्पताल में दवा लेने वाले और बाहर एक निजी नशा छुड़ाऊ केंद्र में दवा लेने के लिए खड़े लाइनों में लोगों को हिरासत में ले लिया। इस घटना की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। बच्चों को नशा छोड़ने की दवा लेने वालों के माता-पिता, सगे-संबंधी पुलिस स्टेशन में जमा होने शुरू हो गए।

    उनका आरोप है कि बिना कारण के पुलिस बच्चों को हिरासत में ले गई और जब वह थाने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों का कहना था कि उन्हें पूछताछ के लिए सीआईए स्टाफ भेज दिया गया है। नशा छुड़ाऊ केंद्र की इंचार्ज डॉक्टर नवदीप कौर मांगट ने कहा कि उन्हें भी आज अचानक पता लगा कि बाहर दवा लेने लाइनों में खड़े मरीजों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उधर, स्थानीय डीएसपी प्रीतम पाल सिंह का कहना है कि उन्हें शक है कि यह नशा छोड़ने की दवा लेने वाले बाहर जाकर दवा बेचते हैं। इसलिए पुलिस इस मामले की पूछताछ कर रही है और जो लोग बेगुनाह होंगे उन्हें बाकायदा रिहा कर दिया जाएगा।

  • इस वर्ष के अंत तक सभी चिकित्सा महाविद्यालय का होगा उन्नयनः मुख्यमंत्री

    इस वर्ष के अंत तक सभी चिकित्सा महाविद्यालय का होगा उन्नयनः मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को इस वर्ष के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हजारों पदों पर भर्ती की है। उन्होंने कहा कि एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही है।

    सुक्खू ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर तथा अटल इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशियलिटी आयुर्विज्ञान चमियाणा (एआईएमएसएस) में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है तथा टांडा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त पैरामेडिकल श्रेणियों के 162 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों मंे अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाया जाएगा तथा प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी, शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में लेक्चर थिएटर के निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को अत्याधुनिक आधारभूत अधोसंरचना और विश्वस्तरीय तकनीक से स्तरोन्नत किया जा रहा है।

    CM सुक्खू ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेश के लोगों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

  • Punjab News: धार्मिक स्थल पीरखाना में 2 गुटों में झड़प, कई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: धार्मिक स्थल पीरखाना में 2 गुटों में झड़प, कई घायल, देखें वीडियो

    मलोटः शहर के सबसे बड़े धार्मिक स्थल अग्रवाल पीरखाना में दो गुटों में झड़प हो गई। इस हाथापाई में कई लोग घायल हो गए। इस घटना की सीसीटीवी काफी वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पीरखाने की गद्दी को लेकर 2 परिवारों में हाथापाई हुई। दोनों पक्षों के 5 लोग घायल हुए है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई। पुलिस द्वारा मामले की बारीकी से जांच कर रही है। घटना में एक घायल की हालत को देखते हुए उसे फरीदकोट रेफर कर दिया गया। एक पक्ष के संजीव गर्ग (हैप्पी), अमनदीप गर्ग, रेखा गर्ग और आयुष गर्ग ने आरोप लगाया कि वे दर्शन करने के लिए अग्रवाल पीरखाना गए हुए थे। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। रेखा गर्ग ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और थप्पड़ मारे गए और उसका दुपट्टा भी खींचा गया। इस घटना में घायल होने के बाद चारों जनों को सरकारी अस्पताल मलोट में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती केशव ने आरोप लगाया कि पीरखाना में लंगर प्रथा शुरू किए जाने को लेकर दूसरा पक्ष उनसे रंजिश रखता था। उसने कहा कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके पारिवारिक सदस्यों के साथ मारपीट की। जब वह झगड़ा छुड़ाने के लिए आगे आया तो उस पर भी हमला कर दिया गया, जिससे उसकी उंगली पर चोट लगी। केशव ने महिला के साथ मारपीट करने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों का जवाब पीरखाना कमेटी ही दे सकती है। उसने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उधर पुलिस का कहना है कि अग्रवाल पीरखाना मलोट में दो परिवारों के बीच हुए विवाद के कारण यह झगड़ा हुआ। दोनों पक्षों के घायल अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से एक व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए फरीदकोट रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।  
  • Punjab News: Satluj फिल्म को लेकर सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन

    Punjab News: Satluj फिल्म को लेकर सिख जत्थेबंदियों का प्रदर्शन

    फगवाड़ाः फिल्म ‘सतलुज’ के समर्थन में लगातार सिखों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, विभिन्न सिख जत्थेबंदियों द्वारा ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म ‘सतलुज’ हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फिल्म को जल्द से जल्द ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाए। जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि फिल्म में सिखों पर हुए अत्याचारों और घटनाओं को दर्शाया गया है, जिन्हें लोगों तक पहुंचना चाहिए।

    उनका आरोप है कि फिल्म को प्रसारण से रोककर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म से मांग की कि फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए, ताकि आम लोग इसे देख सकें और इतिहास से जुड़े तथ्यों को जान सकें। संगठन ने आरोप लगाया कि 1947 के बंटवारे से लेकर वर्तमान तक की सरकारों ने पंजाबी समुदाय और देश पर कथित रूप से जुल्म किए हैं।

    उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने लाखों बेगुनाह नौजवानों, माताओं, बहनों और बुजुर्गों की हत्या की। संगठनों ने कहा कि जब भी किसी ने सच सामने लाने की कोशिश की, उसे या तो गायब कर दिया गया या झूठे आरोपों में जेल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि ‘सतलुज’ फिल्म को 4 साल तक रिलीज नहीं होने दिया गया, क्योंकि यह पंजाबी सिखों पर हुए अत्याचारों को दुनिया के सामने लाती है और पिछली सरकारों के चेहरे बेनकाब करती है।

     

  • Punjab News: आवारा पशु आने से फॉर्च्यूनर हुई हादसे का शिकार, जिम संचालक सहित 2 की मौत

    Punjab News: आवारा पशु आने से फॉर्च्यूनर हुई हादसे का शिकार, जिम संचालक सहित 2 की मौत

    मोहालीः लालड़ू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते आईटीआई चौक के पास भीषण सड़क हादसे में 2 लोगों को मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली जा रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार के सामने अचानक आवारा पशु आने के कारण यह हादसा हुआ। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। मृतकों की पहचान 23 वर्षीय मनजोत सिंह और रवि निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनजोत सिंह जिम संचालक है और रवि कार चला रहा था।

    हालांकि हादसे में कार में सवार 2 अन्य लोग सुरक्षित बच गए। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। मृतक जिम संचालक मनजोत सिंह के पिता अमरपाल सिंह (निवासी बीआरएस नगर, लुधियाना) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा मनजोत गुरुवार रात करीब 11:45 बजे अपने दोस्त आकाश वर्मा, सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे और चालक रवि कुमार के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह जब गाड़ी लालड़ू के आईटीआई चौक के पास पहुंची, तो अचानक एक आवारा पशु सामने आ गया।

    उसे बचाने के प्रयास में चालक रवि कुमार ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें मनजोत सिंह और चालक रवि कुमार की मौत की खबर मिली। कार में सवार मनजोत के दोस्त आकाश वर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जबकि सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। मृतक मनजोत सिंह के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी और इसमें किसी भी व्यक्ति की कोई लापरवाही नहीं थी। उन्होंने किसी के भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार किया है। वहीं पुलिस ने मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

     

  • Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    चंडीगढ़- हरियाणा में टेली-ईसीजी सेवा दिल के मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यह योजना धरातल पर कितनी कारगर साबित हो रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के कुछ ही समय के भीतर अब तक राज्य भर में 2,688 मरीजों को यह सेवा प्रदान की जा चुकी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस त्वरित जांच प्रणाली के माध्यम से मात्र सवा महीने में 131 बेहद गंभीर (क्रिटिकल) मामलों की समय रहते पहचान की गई, जिससे उन्हें तुरंत उचित इलाज मिल सका और उनकी जान बचाई जा सकी। आपको बता दें कि इस दूरदर्शी स्वास्थ्य सेवा का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से 29 मई 2026 को किया था , इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी उपस्थित थी। इस योजना के तहत राज्य के कुल 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को कवर किया गया है। इनमें 71 जिला नागरिक अस्पताल एवं उप-मंडल नागरिक अस्पताल, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और 408 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शामिल हैं। इस सेवा के चालू होने से अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को उनके घर के नजदीक ही विशेषज्ञ हृदय रोग निदान की सुविधा मिलने लगी है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और इलाज में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा। हरियाणा सरकार की इस पहल को राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगी संजीवनी, मौतों में आएगी एक-तिहाई कमी

    चिकित्सा विज्ञान में दिल का दौरा पड़ने के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है, जिसमें तुरंत इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। यह टेली-ईसीजी सेवा इसी ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) के कारण होने वाली अकाल मौतों में एक-तिहाई (1/3) तक की कमी लाना है। विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट की रिपोर्टिंग और परामर्श समय पर मिलने से मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

    मात्र 89 रुपये में ईसीजी के साथ 10 मिनट में मिल रही विशेषज्ञ रिपोर्ट

    इस पूरी सेवा को बेहद किफायती और तीव्र बनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति ईसीजी की दर मात्र 89 रुपये निर्धारित की गई है। इस न्यूनतम राशि में न केवल ईसीजी का संचालन शामिल है, बल्कि टेली-रिपोर्टिंग तकनीक के माध्यम से मात्र 10 मिनट के भीतर विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) द्वारा ईसीजी की व्याख्या और रिपोर्ट प्रदान करना भी सुनिश्चित किया गया है। इस परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (RoP) 2026-27 के तहत मंजूरी दी जा चुकी है।

    राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी होंगे

    प्रदेश में जिला नागरिक अस्पतालों , उप-मंडल अस्पतालों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कुल संख्या 192 है जिनमें प्रति केंद्र औसतन 100 ईसीजी प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे सालाना 2,30,400 ईसीजी होंगे। इस पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 408 है जहां पर प्रति केंद्र औसतन 20 ईसीजी प्रति माह होने की उम्मीद है, जिससे सालाना 97,920 ईसीजी होंगे। इस पर करीब 87.14 लाख रुपये का खर्च आएगा। कुल मिलाकर राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी किए जाने का अनुमान है।

    टेली-ईसीजी ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी : आरती सिंह राव

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस योजना की सफलता और भविष्य के रोडमैप पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि टेली-ईसीजी सेवा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और आने वाले समय में यह तकनीक हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी।

    स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशीलता से उपजी योजना: एक दुखद घटना ने बदली प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था

    इस क्रांतिकारी टेली-ईसीजी सेवा की शुरुआत के पीछे प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की गहरी मानवीय संवेदना और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही जुड़ी है। दरअसल, कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में एक अत्यंत दुखद मामला आया था, जहाँ एक उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्र (SDH) में दिल के दौरे से पीड़ित एक मरीज समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ बैठा। उस केंद्र पर ईसीजी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मरीज के दिल की वास्तविक स्थिति और हार्ट अटैक के अंदेशे का समय रहते पता नहीं चल सका। यदि वहां ईसीजी की व्यवस्था होती, तो रिपोर्ट के आधार पर मरीज को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर ही तुरंत किसी बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में रेफर कर उसकी जान बचाई जा सकती थी। एक आम नागरिक की इस तरह ईसीजी न होने के कारण हुई अकाल मृत्यु की खबर ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को अंदर तक झकझोर दिया और वे बेहद भावुक हो उठीं। उन्होंने इस त्रासदी को केवल एक घटना के रूप में नहीं देखा, बल्कि तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक हर स्तर पर ईसीजी की अनिवार्य सुविधा शुरू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री की इसी संवेदनशीलता, दूरदर्शी सोच और तत्परता का नतीजा है कि आज हरियाणा के 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवा धरातल पर उतर चुकी है, जो अब तक 131 से अधिक गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो चुकी है।
  • नीलधारा में स्टंट करना पड़ा भारी, नदी के फंसी थार, देखें वीडियो

    नीलधारा में स्टंट करना पड़ा भारी, नदी के फंसी थार, देखें वीडियो

    बैरागी कैंपः हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में बैरागी कैंप स्थित नीलधारा में थार एसयूवी से स्टंट करना युवकों को भारी पड़ गया। दरअसल, युवक थार को गंगा के उथले हिस्से से नदी में उतारकर स्टंट कर रहे थे। तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं होने पर वाहन बीच धारा में फंस गया और उसमें पानी भरने लगा। मिली जानकारी के अनुसार घटना के दौरान थार में दो युवक सवार थे।

    वाहन फंसने पर दोनों ने मदद के लिए शोर मचाया। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर कनखल प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

    क्रेन की मदद से थार को गंगा से बाहर निकाला गया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर स्टंटबाजी और सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में थार नंबर UP36AA0707 को सीज कर दिया। कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने लोगों से गंगा तटों और सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी से बचने की अपील की है।

     

     

  • IIT के कैंपस में भरा पानी, छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में चलाई नाव, वीडियो वायरल

    IIT के कैंपस में भरा पानी, छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में चलाई नाव, वीडियो वायरल

    रुड़कीः हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश का असर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के परिसर में भी देखने को मिला। मूसलधार बारिश के चलते आईआईटी कैंपस में जगह-जगह भारी जलभराव हो गया। हालांकि, इस जलभराव के बीच आईआईटी के छात्र-छात्राओं का एक अनोखा और मजेदार अंदाज भी सामने आया। बारिश के कारण संस्थान का हॉकी मैदान, गेट नंबर 10, विज्ञान भवन और कई छात्रावास में सड़कें पानी में डूब गईं।

    इसी बीच एक गर्ल्स हॉस्टल के परिसर में इतना पानी जमा हो गया कि वहां जलभराव ने छोटे तालाब का रूप ले लिया। इसी बीच छात्रों ने भरे पानी में नाव उतार दी और हॉस्टल के बाहर बोटिंग कर बारिश का आनंद लिया। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हरिद्वार जिले में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थिति बनी। इसका असर IIT रुड़की परिसर में भी देखने को मिला। कैंपस में पानी भरने के बाद छात्रों ने एक नाव की व्यवस्था की और छात्रावास के बाहर जमा पानी में उसे चलाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद अन्य छात्र भी बारिश का आनंद लेते नजर आए।

    इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वायरल वीडियो पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स छात्रों की इंजीनियरिंग सोच और जुगाड़ की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि IIT रुड़की में अब इंजीनियरिंग के साथ-साथ बोटिंग की भी प्रैक्टिकल क्लास शुरू हो गई है। वीडियो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बना, बल्कि उसने कैंपस में जलभराव की स्थिति भी सामने रखी। मानसून की पहली बारिश में परिसर के कई हिस्सों में पानी भर गया था। छात्रों ने इसी स्थिति को सकारात्मक अंदाज में लेते हुए उसे यादगार अनुभव में बदल दिया।

     

  • Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    अमृतसरः गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से कनाडा के सूरी शहर भेजे जाने के मामले को लेकर ‘आवाज़-ए-कौम’ संगठन के नेताओं ने आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार साहिब को मांग पत्र सौंपा। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त धार्मिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से विदेश भेजना सिख मर्यादा और सिद्धांतों के विपरीत है।

    उन्होंने दावा किया कि इस घटना के कारण सिख कौम में भारी रोष पाया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से शिकायत करके मांग की है कि इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब के फैसलों को सर्वोच्च मानती है, इसलिए इस मामले में सख्त रुख अपनाना समय की जरूरत है। हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि सूरी में 200 से अधिक स्वरूप भेजे गए हैं, जबकि वहां इतनी संख्या में स्वरूपों की आवश्यकता नहीं थी।

    उन्होंने कहा कि सूरी के प्रमुख गुरुद्वारों में पहले ही बड़ी संख्या में गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप मौजूद हैं और स्थानीय संगत द्वारा भी इस मामले पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक कंटेनरों में समुद्री रास्ते सफर के दौरान पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुख-आसन और सेवा सिख मर्यादा के अनुसार होनी चाहिए, न कि उन्हें आम माल की तरह कंटेनरों में भेजा जाए। आवाज़-ए-कौम के नेताओं ने कहा कि वे इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त हस्तक्षेप की उम्मीद करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को अंत तक उठाता रहेगा।