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  • बेसहारा वृद्धों की आवाज़ बनकर सामने आया ‘भलाई मंच’, देखें वीडियो

    बेसहारा वृद्धों की आवाज़ बनकर सामने आया ‘भलाई मंच’, देखें वीडियो

    चंडीगढ़/प्रवेशः पीड़त माता-पिता भलाई मंच (रजि.), पटियाला के पदाधिकारी द्वारा आज एक मंच बनाया गया। जिसमें परेशान और निःसहाय माता-पिता को अपने साथ जोड़ने का काम करेगी। हमारी संस्था बेसहारा बुजुर्गों के लिए काम कर रही है, जो अपने बच्चों के अपमान, जलालत अनादर और अपने से अलग करना जैसे कृत्य से पीड़ित हैं, वह भी उस समय जब माता-पिता ‘ पृौढ अबस्था  में होते है।

    चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संस्था के प्रधान सतीश कुमार ने बताया कि हमारी संस्था अपने वृद्धावस्था में हमारे वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों, समस्याओं और संघर्षों पर चर्चा करना चाहते हैं, हम उन मुद्दों को आपके माध्यम से आम जनता और सरकार के ध्यान में लाना चाहते हैं। ताकि अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करें। “पीड़त माता-पिता भलाई मंच” ने पृौढ अबस्था के माता-पिता जो वृद्धाश्रम में अपने बच्चो द्वारा ठुकराए जाने के कारण रह रहे है उन की आवाज बनकर सरकार तक पंहुचाना चाहते है।

    सतीश कुमार ने बताया कि हमारी कोशिश रहेगी कि कोई भी बुजुर्ग वृद्धाश्रम में न जाए। इस बारे में सरकार से अपील करते हैं कि बुजुर्गों की प्रताड़ना वाले केस में कठोर कानून बनाए जाए ताकि वृद्धों के साथ अन्याय न हो सके। उन्होंने बताया की हमारी संस्था ने इस संदर्भ में एक ज्ञापन ग्रह मंत्रालय भारत सरकार, कानून मंत्री भारत सरकार, हरियाणा के मुख्यमंत्री आदि को सौंपा गया है। बहुत ही जल्द संस्था द्वारा इसी को लेकर एक धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।

  • पंजाबः मजीठिया ने आप पर साधा निशाना, कहा- न जेल में लॉ ऑर्डर है और न ही जेल के बाहर, देखें वीडियो

    पंजाबः मजीठिया ने आप पर साधा निशाना, कहा- न जेल में लॉ ऑर्डर है और न ही जेल के बाहर, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा है। आज उन्होंने प्रेस वार्ता दौरान कहा कि जब से ‘आप’ सरकार आई है पंजाब में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। थाने में कब्जा करने के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को थाने ले जाकर बेअदबी की गई।

    वहीं बीते दिन सिद्धू मूसेवाला के हत्थारों की जेल में हत्या हो गई। उन्होंने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में न तो जेल में लॉ ऑर्डर है और न ही जेल के बाहर। बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया ने जब सिद्धू मूसेवाला को मरवाया तो उसकी सारी प्लानिंग जेल में हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की हालात बहुत ही खराब हो गई है, कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सीएम मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में वारदातें हो रही हैं और सीएम साहब दिल्ली जाकर बैठे हुए हैं।

    पंजाब में दिल्ली की पॉलिसी चलाई जा रही है। वहीं अमित रतन के केस को लेकर उन्होंने कहा कि उसके ऊपर केस दर्ज थे फिर भी आप पार्टी ने उसे टिकट दी। अमित रतन को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। वहीं केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मजीठिया ने कहा, दिल्ली में शराब का घोटाला हुआ, बड़ा मुनाफा कुछ लोगों को पहुंचाया गया। राकेश चौधरी पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है। 

  • आस्था का प्रतीक ऊना ज़िला का बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी मेला शुरू

    आस्था का प्रतीक ऊना ज़िला का बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी मेला शुरू

    चरणगंगा में स्नान कर दैहिक व दैवीय प्रकोपों से मिलती है मुक्ति

    हर वर्ष श्रद्धा के साथ माथा टेकने पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु 

    ऊना / सुशील पंडित : उत्तर भारत में सुविख्यात बाबा बड़भाग सिंह की तपोस्थली मैड़ी में लोगों की आस्था का प्रतीक सुप्रसिद्ध मैड़ी मेला/ होला मुहल्ला मेला इस वर्ष 27 फरवरी से 10 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। प्रेतात्माओं से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध इस मेले में लाखों की तादाद में बाहरी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली इत्यादि से श्रद्धालु आते हैं। इस मेले से सम्बन्धित कई लोक मान्यताएं प्रचलित हैं। कहते हैं कि यह पवित्र स्थान सोढी संत बाबा वड़भाग सिंह (1716-1762) की तपोस्थली है। 300 वर्ष पूर्व बाबा राम सिंह के सुपुत्र संत बाबा वड़भाग सिंह करतारपुर पंजाब से आकर यहां बसे थे। अहमद शाह अब्दाली के 13वें हमले से क्षुब्ध होकर बाबा जी को मजबूरन करतारपुर छोड़कर पहाड़ों की ओर जाना पड़ा। जब बाबा जी नैहरी गांव के समीप दर्शनी खड्ड के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अब्दाली की अफगान फौजें उनका पीछा करते हुए उनके काफी नजदीक आ गई हैं। इस पर बाबा जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए अफगान फौज को वापिस खदेड़ दिया। 
    कहा जाता है कि उस समय मैड़ी गांव में दूर-दूर तक कोई बस्ती नहीं थी। यदि कोई व्यक्ति गलती से इस स्थान में प्रवेश करता, उसे प्रेतात्मा अपने कब्जे में लेकर उन्हें तरह-तरह की यातनाएं देकर प्रताड़ित करती थी या पागल व बीमार बनाकर अपने वश में कर लेती थी। इस स्थान पर बाबा बड़भाग सिंह जी ने घोर तपस्या की। प्रेतात्मा ने उन्हें भी तंग करके अपने वश में करने का प्रयास किया लेकिन उन्हंे वश में करने के लिए सफल नहीं हो पाईं। प्रेतात्मा द्वारा बार-बार बाबा जी की तपस्या को भंग व अवरूद्ध करने के परिणामस्वरुप बाबा जी व प्रेत आत्मा में जोरदार लड़ाई शुरु हो गई। इस भंयकर लड़ाई में बाबा जी ने प्रेतात्मा को हरा दिया और पिंजरे में कैद कर दिया। प्रेतात्मा द्वारा बाबा जी से स्वतंत्र करने की प्रार्थना की तब बाबा जी ने प्रेतात्मा को इस शर्त पर स्वतंत्र किया कि वह प्रेतात्माओं से ग्रसित लोगों का इलाज करे और पुनः तपस्या में लीन हो गए।
    एक अन्य मान्यता के अनुसार एक बार बाबा बड़भाग सिंह की आत्मा शरीर को त्याग कर स्वर्गलोक चली गई और काफी दिनों तक उनका शरीर बिना आत्मा के पड़ा रहा। बाबाजी ने अपने परिवारजनांे को ऐसी अवस्था में किसी भी प्रकार के डर से दूर रहने के लिए कहा था। लेकिन परिवारजनों ने उनके शरीर का अंमित संस्कार कर दिया। जब बाबाजी की आत्मा स्वर्गलोक से वापिस आई तो शरीर न पाकर वापिस चली गई। परिवार बाबाजी की मौत से काफी दुःखी रहता था। कहा जाता है कि एक दिन बाबाजी ने पत्नी को स्वप्न में इस रहस्यमयी मौत से दुःखी न होने के लिए कहा। बाबाजी ने कहा कि वह इस शर्त पर रात्रि को आकर ठहरा करेंगे कि वह इस रहस्य को छिपाकर रखेंगी और कहा कि वह अपने घर में हर रोज़ गोबर का लेपन करेगी और जब तक लेपन सूखेगा नहीं तब तक वह उनके पास ही ठहरेंगे। यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहा। लेकिन उनकी पत्नी इस रहस्य को ज्यादा दिन तक छिपा नहीं पाई। एक दिन गर्मियों के मौसम में उसने गोबर में कोई तरल पदार्थ को मिला कर लेपन किया। उस रोज़ बाबाजी काफी समय तक अपनी पत्नी संग रहे। जब प्रातः तक गोबर नहीं सूखा तो इस रहस्य का पता चल गया। फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि यह उसने बहुत गलत कार्य किया है, अब वह रात को कभी नहीं आया करेंगे। वह बहुत दुःखी हुईं तथा इस बात के लिए बाबाजी से क्षमा प्रार्थना भी की। तब बाबाजी ने हर वर्ष होली के दिन पत्नी के साथ रहने का वादा किया। तब से लेकर आज तक होली के दिन बाबाजी मैड़ी में निवास करते हैं और प्रेतात्माओं से सताए हुए लोगों को प्रेतात्माओं से मुक्ति दिलाते हैं। 
    मैड़ी से एक किलोमीटर दूर चरणगंगा है, जिसका भी अपना एक विशेष महत्व है। मान्यता है कि जब बाबा बड़भाग सिंह बाल्यकाल में ही अध्यात्म को समर्पित होकर पीड़ित मानवता की सेवा को ही सर्वोपरि मानते थे। एक दिन बाबाजी घूमते हुए मैड़ी गांव में स्थित दर्शनी खड्ड जिसे वर्तमान में चरणगंगा के नाम से जाना जाता है, वहंा पहुंचे और यहां स्नान करने के उपरान्त मैड़ी में एक बैरी वृक्ष के नीचे अन्र्तध्यान हो गये। मैड़ी का यह स्थान बिल्कुल वीरान था, दूर-दूर तक कोई बस्ती नहीं थी। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में नाहर सिंह नामक एक पिशाच का प्रभुत्व था तथा नाहर सिंह द्वारा बाबाजी को परेशान करने के बाबजूद भी बाबाजी ने इसी स्थान पर घोर तपस्या की। एक दिन बाबाजी व नाहर सिंह का आमना-सामना हुआ तो अपनी घोर तपस्या के कारण नाहर सिंह को बैरी वृक्ष के नीचे पिंजरे में बंद कर लिया। नाहर सिंह ने स्वतन्त्र होने के लिए बाबाजी से प्रार्थना की। जिसपर बाबाजी ने उन्हें इस शर्त पर रिहा किया कि वह अब इसी स्थान पर मानसिक रूप से बीमार व प्रेतात्माओं से ग्रसित लोगों का उपचार कर ठीक करेंगे और साथ ही निसंतान लोगों को फलने-फूलने का आशीर्वाद देंगे। यह बैरी का पेड़ आज भी वहंा मौजूद है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आकर माथा टेकते हैं। चरणगंगा के पानी को चमत्कारिक माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से हर प्रकार के चर्मरोग एवं दैविक रोगों का विनाश होता है। 
    एक अन्य लोकमान्यता के अनुसार इस स्थान पर एक बहुत बड़ा पिशाच रहता था, जो मायावी शक्तियों से भरपूर होने के कारण स्थानीय लोगों को बहुत परेशान करता था। क्षेत्र के मानसिक और शारीरिक रोगों से पीड़ित लोग उस पिशाच की हर इच्छा को पूरी करते थे। एक दिन बाबा बड़भाग सिंह इस गांव में आए तो लोगों ने उन्हें उस शक्तिशाली पिशाच के बारे में बताया और कहा कि वह उन्हंे तंग करके जान से मार देगा। बाबाजी उसी रात मंजी पर अकेले लेटकर उस पिशाच का इंतजार करने लगे। आधी रात होने पर पिशाच उन्हें डराने लगा। कभी प्रकट होता तो कभी अदृश्य हो जाता, तो कभी बाबाजी के साथ छेड़खानी करता। बाबाजी ने उसे शक्ति परीक्षण के ललकारा तो पिशाच अपनी मायावी शक्तियों से बाबाजी को मंजी सहित उठाने का प्रयास करने लगा। लेकिन वह सफल न हो पाया। अंत में पिशाच को बाबाजी की असीम दिव्य शक्तियों का आभास हो गया और उसने बाबाजी के समक्ष समर्पण कर दिया। बाबाजी ने उसको कल्याण कर उसे सद्मार्ग अपनाने को कहा। वर्तमान में मंजी साहिब मुख्य डेरा से थोड़ा हटकर दक्षिण की ओर है, जहां पर मुख्य रूप से मानसिक रोगी चमत्कारिक ढंग से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं। होली के दिन यहां झंडा निशान साहिब चढ़ाया जाता है। इस गुरूद्वारे में अनेकों श्रद्धालु माथा टेकने के लिए समूचे उत्तर भारत-पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से आते हैं।   मैड़ी मेला में आने वाले श्रद्धालु बाबा बड़भाग सिंह व चरणगंगा के बाद दो अन्य धार्मिक स्थलों कुज्जासर तथा वीर नाहर सिंह में माथा टेकते हैं तथा होली की रात को डेरा बाबा बड़भाग सिंह में प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। 
  • पंजाबः अमृत परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ जल स्वच्छ मन का किया गया शुभारंभ 

    पंजाबः अमृत परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ जल स्वच्छ मन का किया गया शुभारंभ 

    पठानकोट/अनमोलः संत निरंकारी मिशन द्वारा अमृत महोत्सव के अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राज पिता के पावन सानिध्य में 26 फरवरी को अमृत परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ जल स्वच्छ मन का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल सरंक्षण तथा इसके बचाव हेतु अपनाई जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाना एवं उन्हें क्रियावन्ति रूप देना है। इस परियोजना का मुख्य बिंदु जल निगम की स्वच्छता एवं स्थानीय जनता के बीच जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना है।

    बाबा हरदेव सिंह द्वारा समाज कल्याण हेतु जीवन पर्यंत अनेक कार्य किए गए। जिसमें (स्वच्छता अभियान ) (पौधारोपण अभियान) का आरंम्भ प्रमुख है और उन्हीं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष संत निरंकारी मिशन के द्वारा निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज जी के निर्देशन में संपूर्ण भारत वर्ष के लगभग 1000 स्थानों के 730 शहरों 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशाल रूप से (अमृत परियोजना) का आयोजन किया गया।

    इस परियोजना में निरंकारी मिशन के लगभग एक लाख 50 हजार स्वयंसेवक अपने सहयोग द्वारा जल संरक्षण और जल निकाओं आदि में अपनी सेवाएं निभाई। जानकारी देते हुए संत निरंकारी मिशन ब्रांच सुजानपुर के मुखी महात्मा ने बताया कि सुजानपुर के पुल नंबर 4 नहर किनारे और पुल नंबर 5 पर भी जोनल इंचार्ज महात्मा मनोहर लाल शर्मा की अध्यक्षता में अमृत परियोजना और सफाई अभियान के तहत सेवादल के भाइयों, बहनों और साध संगत के भाइयों, बहनों ने अपना-अपना योगदान दिया। इस अवसर पर सुजान पुर मिंसिपल कमेटी की (प्रधान अनुराधा बाली ), सेवादल के संचालक महात्मा संतोख राज, शिक्षक महात्मा सरदारी लाल, शह शिक्षक तिलक राज, महात्मा ओम प्रकाश और महात्मा अमरजीत, एवं संचालिका बहन मंजू शर्मा उपस्थित हुए।

  • उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का प्रवास कार्यक्रम

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का प्रवास कार्यक्रम

    ऊना/ सुशील पंडित : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मंगलवार 28 फरवरी को राजकीय काॅलेज बीटन में आयोजित होने वाले वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बत्तौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। यह जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उप मुख्यमंत्री 1 मार्च को प्रातः 7.30 बजे ऊना से शिमला के लिए रवाना होंगे।

  • उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का प्रवास कार्यक्रम

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का प्रवास कार्यक्रम

    ऊना/ सुशील पंडित : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मंगलवार 28 फरवरी को राजकीय काॅलेज बीटन में आयोजित होने वाले वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बत्तौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। यह जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उप मुख्यमंत्री 1 मार्च को प्रातः 7.30 बजे ऊना से शिमला के लिए रवाना होंगे।

  • गोदाम में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की 3 गाड़ियां, देखें वीडियो

    गोदाम में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की 3 गाड़ियां, देखें वीडियो

    चंडीगढ़/प्रवेशः सेक्टर-26 में फोटो फ्रेम्स से संबंधित सामान के एक गोदाम में अचानक आग लग गई। यह गोदाम एससीओ नंबर 10 के बेसमेंट में स्थित है। वहीं आग लगने की सूचना मिलते ही फायर बिर्गेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। बता दें कि, धुंए का गुबार ज्यादा होने के चलते फायर कर्मियों को आग बुझाने में जद्दोजहद का सामना करना पड़ा। आग बुझाने के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।

    गोदाम के ऊपर ज्वेलरी की दुकान का रहा बचाव

    गनीमत रही कि आग ऊपर तक नहीं फैली। दरअसल, गोदाम के ऊपर ज्वेलरी की दुकान भी है। जिससे और ज्यादा भारी नुकसान हो सकता था। लेकिन आग लगने से गोदाम में काफी सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, गोदाम में नुकसान की स्पष्ट जानकारी नहीं है। जांच के बाद नुकसान की जानकारी सामने आ पाएगी। गोदाम के मालिक प्रमोद ने बताया कि, आग पूर्ण रूप से बुझने के बाद ही नुकसान की सही स्थिति सामने आ पाएगी। प्रमोद सेक्टर-18 में रहते हैं और सेक्टर-26 में फोटो फ्रेम्स का उनका गोदाम है। 

    घटना दौरान गोदम में 2 लोग थे मौजूद

    जानकारी के अनुसार, जिस वक्त आग लगी उस वक्त गोदाम में दो लोगों की मौजूदगी थी। हालांकि, दोनों लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते दोनों बाहर निकल आए थे।

  • होशियारपुर : वाल्मीकि समाज की बेटी को गलत शब्दावली बोले जाने पर SSP को दी शिकायत

    होशियारपुर : वाल्मीकि समाज की बेटी को गलत शब्दावली बोले जाने पर SSP को दी शिकायत

    होशियारपुर/अनिकेत: आज लेखराज मट्टू टाइगर फोर्स जिला प्रधान के नेतृत्व में एक दरखास्त एसएसपी होशियारपुर के ध्यान में लाई गई। जिसमें वाल्मीकि समाज की बेटी को गलत शब्दावली बोली गई है। जिसमें विशेष तौर पर पंजाब प्रधान सूरज मट्टू, भारतीय मानव कल्याण महासमिति, दोआबा प्रधान अनिल पट्टी, पंजाब प्रधान करन जोता वह समूह वाल्मीकि समाज जत्थेबंधिया भी विशेष तौर पर पहुंचे।

    इस मौके पर सूरज मट्टू ने वाल्मीकि समाज पर टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए आग्रह किया। इस मौके पर कन्हैया मट्टू वाइस प्रेसिडेंट, करना हंस मीडिया प्रभारी बेनीवाल , नितिन अटवाल भी हाजर थे।

  • अपने शरीर को फिट और स्वस्थ रखना है तो दौड़ का हिस्सा अवश्य बनें

    अपने शरीर को फिट और स्वस्थ रखना है तो दौड़ का हिस्सा अवश्य बनें

    चंडीगढ़/प्रवेशः राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनएमआईएमएस चंडीगढ़ द्वारा एक अनोखा कार्यक्रम नरसी मोंजी हाफ मैराथन का आयोजन 5 मार्च को करने जा रहा है। यह मैराथन से शुरू होकर समाप्त होगी। इस मैराथन का उद्घाटन चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल द्वारा की जाएगा और इस मैराथन को चंडीगढ़ प्रशासन के सौशल वेलफेयर विभाग की सचिव नितिका पवार हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी। 

    आज एक पत्रकार वार्ता के दौरान इस मैराथन सभी प्रतिभागियों को दी जाने वाली टी शर्ट भी लॉन्च की गया। एनएमआईएमएस चंडीगढ़ की कैंपस निदेशक प्रो. डा. जसकिरन कौर ने बताया कि  नारी सशक्तिकरण को लिए महिला दिवस पर खास तौर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ।

  • एसजेवीएन को किया जाएगा CBIP अवार्ड से पुरस्कृत 

    एसजेवीएन को किया जाएगा CBIP अवार्ड से पुरस्कृत 

    चंडीगढ़/प्रवेशः एसजेवीएन ने जलविद्युत क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ निष्पादन करने वाली यूटिलिटी के लिए केंद्रीय सिंचाई और विद्युत बोर्ड से सीबीआईपी अवार्ड प्राप्त की घोषणा की है। यह पुरस्कार आगामी 3 मार्च को नई दिल्ली में सीबीआईपी दिवस के अवसर पर माननीय केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय मंत्री, आरके सिंह द्वारा प्रदान किया जाएगा।

    नन्द लाल शर्मा ने चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अवगत कराया कि यह अवार्ड हिमाचल प्रदेश में 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन और 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन, जैसे मेगा हाइड्रो पावर स्टेशनों का सफलतापूर्वक निष्पादन और प्रचालन कर राष्ट्र निर्माण में एसजेवीएन के सर्वोत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मान में दिया जा रहा है। रामपुर जलविद्युत स्टेशन को भारत के सबसे बड़े जलविद्युत स्टेशन नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन के टेंडम में सफलतापूर्वक प्रचालित किया जा रहा है।

    नन्द लाल शर्मा ने कहा कि नवीनतम तकनीकों का उपयोग करते हुए वार्षिक संयंत्र रख रखाव शेड्यूल का सावधानीपूर्वक अनुपालन करने के परिणामस्वरूप, दोनों विद्युत स्टेशनों ने गत तीन वर्षों के दौरान 8490 मिलियन यूनिट की संयुक्त डिजाइन विद्युत की तुलना में 9000 मिलियन यूनिट से अधिक का विद्युत उत्पादन किया है। जबकि संयंत्र उपलब्धता फैक्टर भी इस दौरान 105% से अधिक रहा। एसजेवीएन एनजेएचपीएस में स्थापित स्टेट-ऑफ-आर्ट इन सीटू हार्ड कोटिंग सुविधा में विभिन्न जलमग्न परियोजना घटकों की हाई वेलोसिटी ऑक्सी फ्यूल (एचवीओएफ) हार्ड कोटिंग भी कर रहा है। यह एक अनूठी पहल है जिसे एसजेवीएन द्वारा भारत में पहली बार स्थापित किया है।

    नन्द लाल शर्मा ने आगे बताया कि यह अवार्ड परियोजना क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश राज्य में इन विद्युत स्टेशनों द्वारा किए गए पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक योगदान को भी मान्यता देता है। रामपुर एचपीएस भारत में किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन द्वारा स्वच्छ विकास तंत्र के रूप में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के साथ पंजीकृत सबसे बड़ा जलिवद्युत स्टेशन है।

    नन्द लाल शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में विद्युत स्टेशनों ने कुशल सिल्ट प्रबंधन, मशीन की रखरखाव अवधि का अनुकूलन, व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन, अग्रिम चेतावनी प्रणाली की स्थापना आदि में उच्चतम मानक बनाए रखा है। इससे विद्युत गृह वर्ष दर वर्ष विद्युत उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

    एसजेवीएन ने हाइड्रो, थर्मल, सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्रों, पावर ट्रांसमिशन और पावर ट्रेडिंग में विस्तार और विविधीकरण किया है। कंपनी भारतीय विद्युत परिदृश्य में एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत इकाई के रूप में उभरी है। वर्तमान में, एसजेवीएन का परियोजना पोर्टफोलियो लगभग 46,879 मेगावाट है और वर्ष 2040 तक 50,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने के साझा विजन को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।