- पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को बिना अनुदान कर्मचारियों की जायज मांगों को प्राथमिकता पर सुलझाने का निर्देश दिया।
- कैबिनेट उपसमिति की बैठक में कई कर्मचारी यूनियनों ने अपनी समस्याओं को सामने रखा।
- शिक्षा विभाग से कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को जल्द हल करने की अपील की गई।
चंडीगढ़, 7 नवंबर 2024: पंजाब सरकार के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि बिना अनुदान कर्मचारियों (एडेड स्कूल) की जायज मांगों को प्राथमिकता पर हल किया जाए। कैबिनेट उपसमिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने बुधवार को कई कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक की, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगें और मुद्दे प्रस्तुत किए। कैबिनेट उपसमिति की बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए कि कर्मचारियों की मांगों का ध्यान रखते हुए त्वरित समाधान निकाला जाए। बैठक में दफ्तर कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा विचाराधीन है, और उन्होंने इस मामले में 2018 और 2022 में शिक्षकों के नियमितीकरण की तर्ज पर निर्णय लेने की बात कही। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग वेतन विसंगति की समस्या को भी जल्द सुलझाने के लिए उचित कदम उठाए।