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  • पंजाबी गायक मूसेवाला हत्याकांड में हुआ चौकाने वाला खुलासा, इस कारण बदला था प्लान

    चंडीगढ़ः पंजाबी दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर जहां माता-पिता इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है। वहीं मूसेवाला कत्ल को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे है। 2 साल पहले हुई मूसेवाला की हत्या को लेकर अब फिर नया खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार मूसेवाला को मारने से पहले आरोपियों ने सुनसान जगह पर एके 47 चलाकर देखी थी। आरोपियों ने ग्रेनेड लांचर भी चलाने का प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हुए तो उसे पैक करके रख दिया। वहीं आरोपियों ने पहले मूसेवाला को मारने के लिए पुलिसकर्मी बनकर जाने की भी प्लानिंग की थी, दो लड़कियां न मिलने पर इस प्लान को बदला गया था।

    हत्याकांड के एक आरोपी केशव पुत्र लालचंद निवासी आवा बस्ती बठिंडा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मूसेवाला की हत्या से पहले प्रियवर्त फौजी, दीपक मुंडी समेत अन्य सभी आरोपियों ने डबवाली के गांव सकता खेड़ा के खेतों में सुनसान जगह पर एके 47 समेत सभी पिस्टलों को चलाकर चेक किया था। इसके अलावा आरोपी प्रियवर्त फौजी एवं दीपक मुंडी ने ग्रेनेड लांचर चलाकर चेक करने का प्रयास किया था। जब आरोपियों से ग्रेनेड नहीं चला तो फौजी ने उसे पैक करके रख दिया था। सूत्रों ने बताया कि गायक मूसेवाला के साथ भारी पुलिस सुरक्षा रहती थी, जिस कारण गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने गैंगस्टरों को बड़ी संख्या में पिस्टल और एके 47 दी थी। साथ में उसने योजना बनाई थी कि मूसेवाला को मारने के लिए गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के शूटर मनप्रीत सिंह मन्ना और जगरूप रूपा समेत तीन अन्य युवक फर्जी पुलिसकर्मी बनकर मूसेवाला के घर जाएंगे। 

    इस प्लान के लिए गैंगस्टरों ने पुलिस की वर्दी भी खरीद ली थी, लेकिन वह फिट नहीं आई और वर्दी का आधा सामान आरोपियों के पास नहीं था। सूत्रों ने बताया कि जब इस योजना को पूरा करने के लिए एक युवक वर्दी पहनकर पुलिस की पगड़ी बांध रहा था तो उसने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से बात की थी। आरोपी ने कहा था…उस्ताद तुमने जो दो लड़कियों को योजना में शामिल करने के लिए कहा था, वो तो यहां पर नहीं हैं। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने दो लड़कियों को उक्त योजना में शामिल किया था, जिनको फर्जी पुलिसकर्मियों के साथ पत्रकार बनकर मूसेवाला के घर के अंदर दाखिल होना था और मूसेवाला की हत्या कर देनी थी। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की वर्दी का सामान पूरा नहीं हुआ और दो लड़कियां नहीं मिलीं तो इस योजना को गोल्डी बराड़ ने कैंसल कर दिया था।
     
    इसके बाद जब मूसेवाला की पुलिस सुरक्षा हटा दी गई तो गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने आरोपी केशव को फोन करके कहा था कि अब मूसेवाला के साथ पुलिस सुरक्षा नहीं है, तुम फतेहाबाद जाकर सभी साथियों को मानसा लाओ। इसके बाद केशव बाइक पर फतेहाबाद गया और अपने सभी साथियों को साथ मानसा लेकर आया था। आरोपी ने अपनी बाइक आगे लगाई जबकि दूसरे साथी उसके पीछे गाड़ियां लेकर पहुंचे थे। सूत्रों ने बताया कि जब फर्जी पुलिस वाले बनकर लड़कियों को बतौर पत्रकार योजना में शामिल कर मूसेवाला की हत्या करने की योजना बनाई गई तो रात को सभी आरोपी डबवाली के गांव सकता खेड़ा के खेतों में सुनसान जगह पर एक कमरे में रुके थे। वहां पर सभी आरोपियों ने अपने-अपने पिस्टल एवं एके 47 को चलाकर चेक किया था।

    हथियार चलाकर चेक करने के बाद अगले दिन सुबह पांच बजे सभी आरोपी खेतों से निकलकर मानसा की ओर चल पड़े थे। केशव द्वारा पुलिस को बताए अनुसार जब सभी आरोपी खेतों से निकलकर मानसा की तरफ चले थे तो स्कार्पियो में तीन पंजाबी लड़के और शूटर मनप्रीत सिंह मन्ना और जगरूप रूपा भी थे जबकि दूसरी बोलेरो गाड़ी में प्रियवर्त फौजी, केशव, दीपक मुंडी, कशिश उर्फ कुलदीप और अंकित सवार थे। दोनों गाड़ियां डबवाली से ही अलग हो गई थी। क्योंकि स्कार्पियो गाड़ी सवार लड़के पुलिस की वर्दी का सामान पूरा करने के लिए सामान लेने का कहकर चले गए थे।

  • विदेश में हमलावारों ने भारतीय छात्र पर किया हमला, देखें वीडियो

    वाशिंगटन: अमेरिका के शिकागो में एक भारतीय छात्र पर हमला हुआ है। चार लोगों ने छात्र को निशाना बनाया, जिसमें उसे काफी चोटें आई हैं। हैदराबाद का रहने वाला ये छात्र अमेरिका में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहा है। पीड़ित की पहचान सैयद मजाहिर अली के रूप में हुई है। लैंगर हौज में रह रहा मजाहिर अमेरिका के इंडियाना वेस्लेयन विश्वविद्यालय का छात्र है। चार लोगों ने मजाहिर पर हमला किया और उसका फोन छीन लिया। मजाहिर पर हमले की कुछ वीडियो फुटेज भी सामने आई हैं, जिनमें उसके चेहरे से खून बहते हुए देखा जा सकता है।

    अमेरिका में भारतीय मूल के छात्रों पर बीते कुछ समय में लगातार एक के बाद हमले देखने को मिले हैं। मजाहिर पर शिकागो में उसके घर के पास ही चार हथियारबंद लोगों ने हमला किया। एक वीडियो में अली ने बताया है कि जब वह हाथ में खाने का पैकेट लेकर घर लौट रहा था तो चार लोगों ने उस पर हमला किया। घटना के सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि अली का कैंपबेल एवेन्यू स्थित घर के पास मंगलवार को उसका हमलावरों ने पीछा किया था।

    हमलावर अली का पीछा करते हुए उस पर झपट पड़े। मारपीट के बाद अली के माथे, नाक और मुंह से खून बहते देखा जा सकता है। मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। खान ने अमेरिकी पुलिस का ध्यान इस पर दिलाते हुए ऐसी घटनाओं को रोकने की बात कही है। साथ ही भारतीय दूतावास से भी मदद की गुहार लगाई गई है। उन्होंने अमेरिका में भारतीयों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है।

  • ਪੰਜਾਬ : ‘ਸਰਕਾਰ ਆਪ ਕੇ ਦੁਆਰ’ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਹੋਈ ਸ਼ੁਰਆਤ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਕੋਟਕਪੂਰਾ : ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਬੂਹੇ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਦੇਣ ਦੀ ਮੁਹਿਮ ‘ਸਰਕਾਰ ਆਪ ਕੇ ਦੁਆਰ’ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਪਿੰਡ ਵਾਂਦਰ ਜਟਾਣਾ ਵਿਖੇ ਕੈੰਪ ਵਿੱਚ ਵਿਨੀਤ ਕੁਮਾਰ ਡੀ ਸੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਨੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਸੁਣੀਆਂ ਅਤੇ ਤੁਰੰਤ

    ਸਮਾਧਾਨ ਕਰਵਾਇਆ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਇਸ ਮੁਹਿਮ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਆਪਣੇ ਕੰਮ ਕਰਵਾਏ ਗਏ। ਉਹਨਾਂ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇਸ ਮੁਹਿਮ ਸਰਕਾਰ ਆਪਕੇ ਦੁਆਰ ਦੀ ਸਲਾਗਾਂ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਕੈਂਪ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਲੱਗਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਹੱਥੋ ਹੱਥੀ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਜਿਹੇ ਕੈੰਪ ਹੋਰ ਲਾਗਵਾਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।

  • ਪੰਜਾਬ : ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਨੇ ਕੱਢਿਆ ਟਰੈਕਟਰ ਮਾਰਚ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਤਰਨਤਾਰਨ : ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜੋਨ ਵਲਟੋਹਾ ਵਲੋਂ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆ ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਹੱਕੀ ਮੰਗਾ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਟਰੈਕਟਰ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਆਗੂ ਮੇਹਰ ਸਿੰਘ ਤਲਵੰਡੀ ਅਤੇ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦੁਬਲੀ ਡਾ. ਹਰਭਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ। ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਰੀੜ੍ਹ ਦੀ ਹੱਡੀ ਹਨ। ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਪ੍ਰਤੀ 13 ਫਰਵਰੀ ਨੂੰ ਦਿੱਲੀ ਨੂੰ ਕੂਚ ਕਰਨਗੇ। ਇਹਨਾਂ ਵੱਡੀਆਂ ਕਾਫ਼ਲਿਆਂ ਰੋਕਣਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵੱਸ ਦੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਰਹੇਗੀ। ਕਿਓਂਕਿ ਇਤਹਾਸ ਗਵਾਹ ਹੈ, ਆਪਣੇ ਹੱਕ ਲੈਣ ਲਈ, ਜੱਦੋਂ ਵੀ ਲੋਕ ਲਹਿਰਾਂ ਚੱਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਹਾਰ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਿਆ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਈ ਹੈ।

    ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮਸਲੇ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਪਹਿਲਾਂ ਦਿੱਲੀ ਵਿਚ ਧਰਨਾ ਦੇ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਸਰਕਾਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾ ਮੰਨਣ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦੇਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆ ਮੰਗਾ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਨਹੀ ਕਰ ਰਹੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਹਾਜ਼ਰ ਆਤਮਾ ਸਿੰਘ, ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਧਰਮ ਸਿੰਘ, ਦਲਬੀਰ ਸਿੰਘ, ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਪੂਰਨ ਸਿੰਘ, ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ, ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਦੇਵ ਸਿੰਘ, ਬਿਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਭਪਿ੍ਰਦ ਸਿੰਘ, ਨਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ, ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ, ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸੰਗਤਾਂ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

  • कुवैत से नाव में समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचे 3 भारतीय

    नई दिल्ली : मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर कुवैत की एक संदिग्ध बोट को मुंबई पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने अरब सागर से पकड़ा है। बोट में 3 लोग थे, लेकिन तीनों भारतीय हैं और तमिलनाडु के रहने वाले हैं बोट को गेटवे पर खड़ा कर दिया गया है और उसकी जांच की गई है पुलिस के मुताबिक कन्याकुमारी जिले के तीन तमिल मछुआरे कोलाबा पुलिस स्टेशन की हिरासत में हैंउनकी पहचान एंटनी, निडिसो डिटो और विजय एंटनी के रूप में की गई है मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है मछुआरों ने पूछताछ में कहा कि बकाया और वेतन का भुगतान नहीं करने पर उन्होंने अपने मालिक की बोट चुरा ली थीवे एक मछली पकड़ने वाली कंपनी में काम करते थे, जिसमें उन्होंने मालिक और नियोक्ता पर अत्याचार और शोषण का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उन्हें नियमित रूप से पीटा जाता था और समय पर खाना भी नहीं दिया जाता था। उनके पासपोर्ट भी छीन लिए गए, इसलिए उन्होंने मालिक की बोट चुरा ली। एक अधिकारी ने कहा वे 12 दिनों से बिना रुके नौकायन कर रहे हैं।

    जब हमने उन्हें देखा, तो उन्होंने तीन, चार दिनों से खाना नहीं खाया था। क्योंकि उनका राशन खत्म हो गया था। हमें अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन नाव को हटा दिया गया है और ताज होटल के पास सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। कोलाबा पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा सौभाग्य से वे मछुआरे हथियार और विस्फोटक सामग्री नहीं ले जा रहे थे। लेकिन क्या होता अगर यह 26/11 के हमलों की पुनरावृत्ति हो सकती थी। ऐसी सुरक्षा चूक के लिए कौन जिम्मेदार होता? इतनी लंबी दूरी से मुंबई की ओर जाने वाली नाव पर किसी का ध्यान नहीं गया? वर्तमान में बोट गेटवे ऑफ इंडिया पर सुरक्षित रूप से खड़ी है। कुवैती नाव गेटवे ऑफ इंडिया पर अरब सागर के माध्यम से भारतीय तटों तक पहुंचने में कैसे कामयाब रही?

  • पंजाबः संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौ+त, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    लुधियानाः साहनेवाल के इलाके सतगुरु नगर से बड़ी खबर सामने आई है। जहां बीते दिन संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत हो गई। मृतिका की पहचान 26 वर्षीय अर्चना के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बीते दिन महिला ने किसी कारण गुस्से में अपनी 2 महीने की बच्ची की गाल पर थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद उसके पति ने उसे डांटा। पति के साथ उसकी काफी बहस-बाजी भी हुई थी। वहीं मायके परिवार ने बेटी की मौत को लेकर परिवार पर गंभीर आरोप लगाए है।

    दरअसल, बीते दिन विवाहिता का शव उसके कमरे में पंखे से चुनरी के साथ बंधा लटका मिला। घटना का पता तब चला जब मृतका का देवर रोहन स्कूल से आकर उसे बुलाने के लिए कमरे में पहुंचा, जहां उसने अपनी भाभी के शव को पंखे के साथ लटकते हुए देखा। जिसने तुरंत अपने भाई व पुलिस को सूचित किया। रोहन ने इलाके के लोगों में शोर मचाया और खुद ही फंदे की रस्सी काटी। महिला के मायके परिवार को देर रात पुलिस ने सूचित कर दिया है। इस घटना को लेकर कहा जा रहा है कि महिला के चेहरे पर चोट के निशान है। वहीं देर रात ससुराल पक्ष ने अर्चना का शव सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया।मिली जानकारी के अनुसार मृतक महिला के घर घरेलू कलह रहता था।

    आज सुबह नोएडा से मृतक अर्चना के मायके परिवार के सदस्य सिविल अस्पताल पहुंचे हैं। मायका परिवार को शक है कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई है। मारपीट के बाद उनकी बेटी को मौत के घाट उतारा है। फिलहाल पोस्टमॉर्टम के बाद अर्चना के मरने के कारण साफ हो पाएंगे। वहीं थाना साहनेवाल के जांच अधिकारी एएसआई राममूर्ति ने बताया कि मृतका अर्चना का पति सनी कुमार मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता है। वह रोजाना की तरह मंगलवार की सुबह काम पर गया था। जहां उसे शाम करीब 6 बजे उसके छोटे भाई ने फोन कर बताया कि उसकी पत्नी अर्चना ने पंखे के साथ फंदा लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पोर्स्टमाटम की रिपोर्ट के बाद ही कुछ पता चल पाएगा। 

  • किसान करेंगे कूच, धारा 144 लागू

    नई दिल्ली : नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानों के बड़े विरोध प्रदर्शन से के मद्देनजर गौतम बुद्ध नगर पुलिस प्रशासन ने 7 और 8 फरवरी को जिले में धारा 144 लागू किया है। पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की हैजिसमें किसानों के ट्रैक्टर मार्च निकालने को लेकर यात्रियों को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुछ मार्गों पर डायवर्जन के प्रति आगाह किया गया है बता दें कि किसान संगठन दिसंबर 2023 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत अपनी जमीनों के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा और भूखंड देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं

    किसान समूहों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ाने के लिए 7 फरवरी को ‘किसान महापंचायत’ बुलाया है और 8 को राजधानी दिल्ली में संसद तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है अतिरिक्त डीसीपी हृदेश कठेरिया ने कहा, ‘किसानों द्वारा 7 फरवरी को महापंचायत आयोजित करने और 8 फरवरी को दिल्ली में संसद तक मार्च निकालने के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं इस अवधि के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा कुछ अन्य प्रदर्शन कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं इसे देखते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है

    किसानों के विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 7 और 8 फरवरी को धारा 144 लागू किया है इसके तहत 5 से अधिक लोगों के एकसाथ जमा होने, धार्मिक और राजनीतिक सहित अन्य किसी भी प्रकार के जुलूसों पर रोक रहेगी ट्रैफिक पुलिस ने दादरी, तिलपता, सूरजपुर, सिरसा, रामपुर-फतेहपुर और ग्रेटर नोएडा के अन्य मार्गों पर डायवर्जन के बारे में पब्लिक को आगाह किया है एक एडवाइजरी में ट्रैफिक पुलिस ने कहा यात्री 7 और 8 फरवरी को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें यातायात संबंधी जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क करें

  • कांग्रेस नेता रावत के दर्जनभर ठिकानों पर ED की छापेमारी

    देहरादून: उत्‍तराखंड कांग्रेस के नेता हरक सिंह रावत के देहरादून से लेकर दिल्‍ली-एनसीआर तक एक दर्जन ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि ईडी ने ये कार्रवाई कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में हुए पेड़ों के अवैध कटान और अवैध निर्माण मामले को लेकर की है। हरक सिंह रावत के अलावा कुछ अन्‍य लोगों के यहां भी छापा मारा गया है। पिछले साल अगस्‍त में विजिलेंस विभाग ने भी रावत के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    लोकसभा चुनाव से पहले बुधवार को ईडी की छापेमारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरत सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ा दी है। इस प्रकरण में पिछले साल विजिलेंस ने इस मामले में एक डीएफओ को जेल भी भेजा गया था। तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह रावत और इस प्रकरण में संलिप्त कुछ फॉरेस्ट अधिकारियों के आवासों पर भी ईडी सर्च ऑपरेशन चला रही है। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के दिल्‍ली में डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास, कॉलेज और अन्य संस्थाओं पर ईडी ने सुबह से ही डेरा जमाया हुआ है।

    बता दें कि हरक सिंह रावत कांग्रेस से पहले बीजेपी में थे। 2022 में पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनको बीजेपी से निकाल दिया गया था। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे पहले उन्‍होंने 2016 में वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के खिलाफ बगावत करते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया था।

  • पंजाबः कनाडा स्थित आतंकी लंडा और रिंदा के 3 गुर्गे गिरफ्तार

    चंडीगढ़ः पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कनाडा स्थित आतंकी लखबीर लंडा और पाकिस्तान स्थित आतंकी हरविंदर रिंदा के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जोबनजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह और कुलविंदर सिंह के रूप में हुई है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किये गये हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। जोबनजीत यूएपीए, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आईटी एक्ट अपराधों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस गिरफ्तारी के बाद जानकारी भी दी। 

  • जालंधर : PGI अस्पताल के बाहर महिला ने किया हंगामा, देखें वीडियो

    जालंधर : देर रात के वक्त लिंक रोड पर स्थित पीजीआई अस्पताल के बाहर एक महिला द्वारा हंगामा करने का मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा उनके मरीज को रेफर नहीं किया जा रहा है। महिला ने कहा कि डॉक्टर उस पर पैसे देने के बाद रेफर करने का दबाव बना रहे हैं। मगर उनके मरीज की हालत ठीक नहीं है। हालांकि अस्पताल के डॉक्टर ने सभी आरोपों को गलत बताया है। पीड़ित संगीता शर्मा निवासी शेर सिंह कॉलोनी ने बताया कि उनकी बहन गीता शर्मा को कुछ दिन पहले उक्त अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। 

    यही नहीं डॉक्टरों ने उनकी बहन के सभी टेस्ट तक करवा दिए गए। मगर फिर भी कुछ हाथ नहीं लगा। महिला ने आरोप लगाए हैं कि 80 प्रतिशत पैसे दे दिए गए थे, 20 प्रतिशत पैसे उन्होंने बाद में देने की बात कही। तब भी स्टाफ द्वारा उक्त मरीज को ले जाने नहीं दिया जा रहा था। देर रात हंगामे के बाद मरीज को डिस्चार्ज किया गया।