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  • Vegetarian होकर कहीं आप भी तो नहीं खा रहे Non Vegetarian वाले फूड्स?

    Vegetarian होकर कहीं आप भी तो नहीं खा रहे Non Vegetarian वाले फूड्स?

    सेहत: जो लोग वेजिटेरियन होते हैं वो अक्सर ऐसी चीजें खाने से परहेज करते हैं जिसमें नॉन वेज का थोड़ा सा भी टुकड़ा हो। इस तरह के लोग अंडा तक भी खाना पसंद नहीं करते पर आपको यहां यह जानकर हैरानी होगी कि कुछ इस तरह के फूड आइटम्स भी होते हैं जिन्हें आप खाकर शायद बड़ी गलती कर रहे हैं। अगर आप भी वेजिटेरियंस है तो आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताते हैं जो नॉन वेज की कैटेगरी में आते हैं।

    सैलेड ड्रेसिंग

    क्या आपको ड्रेसिंग किए हुए सैलेड/सलाद खाना पसंद है? यदि हां तो आपको यह जानकर निराशा होगी कि वो कलरफुल और मसालेदार ड्रेसिंग कई बार नॉनवेज भी हो सकती है क्योंकि ड्रेसिंग में कई बार अंडे मिलाए जाते हैं।

    पैकेज्ड ऑरेंज जूस

    ऑरेंज जूस में विटामिन और मिनरल्स पाया जाता है। यह दिल को हेल्दी रखता है हालांकि पैक्ड ऑरेंज जूस में इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मौजूद होता है जो मछली के तेल से मिलता है। इसके अलावा इनमें विटामिन-सी भी होता है जो लैनोलिन से मिलता है। लैनोलिन भेड़ के ऊन के रेश में मौजूद एक नैचुरल ऑयल है।

    चीनी

    चीनी प्राकृतिक तौर पर सफेद नहीं होती। इसको सफेद बनाने के लिए हड्डे के चूरे का इस्तेमाल करके आर्टिफिशियली तौर पर पॉलिश किया जाता है।

    च्यूइंग गम

    इसमें जिलेटिन होता है। ये जिलेटिन पिग्स और गायों की स्किन, टेंडन, लिगामेंट्स और हड्डियों से आता है। ऐसे में यदि आपको च्यूइंग खाने की आदत है तो इसको तुरंत छोड़ दें।

    चीज

    बड़े शौक से चीज खाने वाले सभी वेजिटेरियंस के लिए एक शॉकिंग न्यूज है। चीज की भी कुछ वैराइटी में रेनेट नाम का एंजाइम होता है। यह एंजाइम जानवरों के गैस्ट्रोइनटेस्टिनल ट्रैक्ट से मिलता है।
  • Punjab News: Inspector पर बरसे विधायक Sherry Kalsi, किया निलंबित, देखें वीडियो

    Punjab News: Inspector पर बरसे विधायक Sherry Kalsi, किया निलंबित, देखें वीडियो

    बटालाः पंजाब में भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए। जहां, लोगों के घरों में पानी घुस गया। वहीं दूसरी ओर कई एकड़ खेत भी पानी की चपेट में आने से तबाह हो गए हैं। लोगों की मदद के लिए अब प्रशासनिक अधिकारी इलाकों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी के तहत बटाला के विधायक शैरी कलसी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्हे कुछ खामियां भी मिलीं। इस दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण सैनेटरी इंस्पेक्टर विकास वासुदेव को बटाला नगर निगम ने निलंबित कर दिया।

    वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने सैनेटरी इंस्पेक्टर को एप्लिकेशन भी दी थी कि इस रोड पर कूड़ा जमा है और इसे हटाया जाए, परन्तु वह हर बार कोताबी बरतते रहे और समस्या को हल नहीं करवाया था जिसके बाद विधायक कलसी मौके पर इंस्पेक्टर पर बरस पड़े और उन्हें ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के लिए डांट लगाई और निगम से कार्रवाई करने की बात कही।

    विधायक शैरी कलसी ने कहा कि अगर हमारे शहर के लोग ही सुखी नहीं होंगे तो वह उस पर कार्रवाई करेंगे जो इसके लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि सभी साधन होने के बावजूद अगर कोई काम न हो रहा हो तो इसमें अधिकारी की ही नियत में खोट होती है और ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार लोगों को सुविधा देने के लिए प्रयासरत है और शहर को विकास की ओर लेकर जाना सरकार की पहली पहल है।

  • बिगड़े हालात, Attari Border जलमग्न, Pakistani Punjab में लाखों लोग बेघर, देखें वीडियो

    बिगड़े हालात, Attari Border जलमग्न, Pakistani Punjab में लाखों लोग बेघर, देखें वीडियो

    लाहौरः जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उतराखंड, पंजाब के साथ-साथ पाकिस्तान में बाढ़ के कारण हालात बिगड़ गए है। मानसून की बारिश ने भारत और पाकिस्तान, दोनों तरफ हालात बेहद खराब कर दिए हैं। अटारी-वाघा बॉर्डर पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे आवाजाही थम गई है और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। वाघा बॉर्डर से आई तस्वीरों में पूरा इलाका पानी में डूबा नजर आ रहा है, जिससे सीमा पर आवाजाही ठप हो गई है और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है।

    भारत के गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जैसे जिलों से लेकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत तक नदियां उफान पर हैं। धूसी बांध टूटने और करतारपुर कॉरिडोर के आसपास पानी भरने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं, वहीं दोनों तरफ हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 210,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। वहां बाढ़ और बारिश से गांव डूब रहे हैं और तेज बहाव का पानी भारतीय सीमा की ओर भी आ रहा है, जिससे सीमा से सटे इलाकों की स्थिति और खराब हो गई है।

    करतारपुर कॉरिडोर के पुल के नीचे तेज धारा में बहता पानी दोनों तरफ के लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। पंजाब प्रांत में बाढ़ से पैदा हुई तबाही से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को औपचारिक तौर पर सेना को बुला लिया है। इसके लिए गृह मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। मुल्क का सबसे बड़ा प्रांत पंजाब इस वक्त भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। इस साल अब तक पाकिस्तान में मानसूनी बारिश और बाढ़ से 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सेना के जवानों को सरगोधा, लाहौर, ओकारा, फैसलाबाद, सियालकोट, नारोवाल और कसूर जिलों में भी तैनात किया जाएगा।

  • Punjab News: लोगों के रेस्क्यू के लिए सेना ने पानी में उतारा ATOR N1200, देखें वीडियो

    Punjab News: लोगों के रेस्क्यू के लिए सेना ने पानी में उतारा ATOR N1200, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब में बाढ़ बचाव को लेकर भारतीय फौज ने अपने अत्याधुनिक वाहन उतारे है। सीमावर्ती कस्बा अजनाला के रामदास क्षेत्र में रावी नदी का पानी घुसने के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन आज सुबह 4 बजे से लगातार जारी है। वहीं बाढ़ प्रभावित जिले में भारतीय सेना ने फंसे हुए निवासियों को निकालने के लिए ATOR N1200 – (ATV) तैनात किया है।

    यह विशेष वाहन गहरे पानी और उबड़-खाबड़ इलाकों, दोनों में काम कर सकता है। जिससे बचाव कार्य तेज़ और सुरक्षित हो जाता है। उपायुक्त के समन्वय में काम कर रही सेना की टीमें लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। पिछले दिन जिन लोगों ने घर छोड़ने से इंकार कर दिया था और बाढ़ के पानी में फंसे हुए थे, उन्हें आज सेना, बीएसएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    डीसी साक्षी साहनी की ओर से भी वीरवार सुबह 4:00 बजे ही प्रभावित गांव में जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए चल रहे काम में अपनी भी मदद दी। डीसी ने बताया कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में 40 के करीब गांव प्रभावित हुए हैं। जिनमें कई लोग फंसे हुए हैं। लेकिन रेस्क्यू टीम लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में लगी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से भी लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किया जा रहे हैं।

    प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था, मेडिकल सुविधा और सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ के आधुनिक वाहन, जो 5-5 फीट पानी में भी आसानी से चल सकते हैं, और उन्नत नौकाओं की मदद से राहत कार्य अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। अजनाला में बाढ़ प्रभावित गांवों की गिनती 15 से बढ़कर 25 हो गई है। यहां रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

    बता दें कि पंजाब में बारिश और डैमों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण 7 जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं। पानी में बहने से माधोपुर में 2, गुरदासपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पठानकोट में गुर्जर परिवार के 4 लोग लापता है। सबसे खराब हालात पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का में हैं। यहां के करीब 150 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हो चुके हैं। कई इलाकों में 5 से 7 फुट तक पानी है। फिरोजपुर में 2000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर राहत कैंपों में पहुंचाया गया।

  • सरकारी स्कूलों से ज्यादा Private Schools में है पढ़ाई का खर्चा, Survey में हुआ खुलासा

    सरकारी स्कूलों से ज्यादा Private Schools में है पढ़ाई का खर्चा, Survey में हुआ खुलासा

    नई दिल्ली: आज के समय में हर माता-पिता यही चाहते हैं कि बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाएं क्योंकि सरकारी स्कूलों से लोगों का विश्वास कम हो रहा है। लोगों का मानना है कि जो सुविधाएं उनको प्राइवेट स्कूलों में मिलती है वो सरकारी में मिल नहीं सकती परंतु प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए परिवार का खर्चा काफी हो जाता है।

    सरकारी स्कूल की तुलना में प्राइवेट में ज्यादा पैसा

    शिक्षा पर होने वाले खर्चे को पता करने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मॉड्यूल सर्वे एजुकेशन 2025 किया गया। इस सर्वे के लिए 52,085 परिवारों और 57,742 छात्रों को पूरा देशभर में कंप्यूटर की मदद से इंटरव्यू लिया गया। किए गए इस सरकारी सर्वे में यह पता चला है कि प्राइवेट स्कूलों में माता-पिता जितने भी पैसे लगा रहे हैं वो सरकारी स्कूलों की तुलना में बहुत ज्यादा है।

    प्राइवेट स्कूलों में 95.7% छात्र कोर्स की देते हैं फीस

    देश भर में ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल में 66% नामांकन है वहीं शहरों में 30.1% नामांकन दर्ज है। यदि हम पूरे देश के सरकारी स्कूलों की करें तो 55.9% नामांकन सरकारी स्कूलों में दर्ज है परंतु इसमें से सिर्फ 26.7% छात्र ही स्कूलों में कोर्स की फीस देते हैं वहीं सरकार की तुलना में प्राइवेट स्कूलों में 95.7% छात्र कोर्स की फीस दे रहे हैं। इस सर्वे से यह पता चलता है कि प्राइवेट स्कूलों का खर्चा काफी बढ़ चुका है। यदि इस साल की बात करें तो साल का सरकारी स्कूलों में लगने वाला औसतन खर्चा 2 हजार 863 रुपये है वहीं प्राइवेट स्कूलों में इसका औसत 25 हजार रुपये है। यह सरकारी स्कूलों में होने वाले के खर्चे से करीबन 8.8 गुना ज्यादा है। शहरी क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों के कोर्स की फीस का औसत 15,143 रुपये है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कोर्स फीस का औसत 3,979 रुपये है। यह खर्चा यहीं खत्म नहीं होता इसमें किताबों के खर्चे और स्टेशनरी के खर्चे का कुल औसत 2002 रुपये है। इसके अलावा कोचिंग में काफी खर्चा लगता है। इस साल अब तक 27% बच्चे ऐसे हैं जो कोचिंग ले चुके हैं या कुछ अभी भी ले रहे हैं। कोचिंग के मामले में शहरी क्षेत्रों के छात्र, ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में आगे हैं। शहरों में प्राइवेट कोचिंग पर लगने वाले खर्चे का औसत 3,988 रुपये है वहीं ग्रामीण इलाकों में यह 1,739 रुपये है। शहरों में 12वीं कक्षा की कोचिंग की फीस बढ़कर 9950 रुपये तक जा चुकी है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह फीस 4548 रुपये तक पहुंच गई है।

    प्राइवेट स्कूलों मेें बढ़ रहा खर्चा

    मंत्रालय ने इस सर्वे को अनुमानित बताया है। इसमें उन्होंने गलती की संभावना भी बताई है परंतु सर्वे से यह जरुर पता चला है कि प्राइवेट स्कूलों का खर्चा समय के साथ बढ़ता जा रहा है और इस खर्चे का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।
  • Punjab में 2500 करोड़ रुपए Invest करेगा Vardhman Special Steel, देखें वीडियो

    Punjab में 2500 करोड़ रुपए Invest करेगा Vardhman Special Steel, देखें वीडियो

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा का आया बयान

    चंडीगढ़ः कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने चंडीगढ़ में प्रैस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वर्धमान स्पेशल स्टील द्वारा पंजाब में लगाए जा रहे प्लांट को लेकर जानकारी दी। इस दौरान उनके साथ वर्धमान स्पेशल स्टील कमेटी के वाइस चेयरमैन सचित जैन और प्रिंसीपल सैक्रेटरी कमल यादव भी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने बताया कि वर्धमान स्पेशल स्टील पंजाब में 2500 करोड़ रुपए की इनवेस्टमेंट करने जा रहे है। यह प्लांट पंजाब के लुधियाना में खोला जाएगा जिसकी जगह भी निश्चित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें कई राज्यों से प्लांट लगवाने की ऑफर थी, लेकिन इनके बोर्ड की तरफ से कहा गया कि वह पंजाब में ही यह प्लांट लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जो पंजाब में इनवेस्टरों को सुविधा दी जाती है, वह किसी और स्टेट में नहीं दी जाती। इंडस्ट्री के कई बड़े इनवेस्टर की पहली पसंद पंजाब ही है, क्योंकि जो एक बार पंजाब में इंडस्ट्री लगा ले वो किसी और स्टेट में नहीं जाती। पंजाब में इनवेस्टरों की मुश्किलों को भी पहल के आधार पर हल किया जाता है। टाटा स्टील से सचित जैन ने कहा कि स्पेशल स्टील को लेकर शुरुआत किए जा रहे हाइब्जिज्मे की ऑटोमोबाइल के लिए इस्तेमाल होता है और टोयोटा ग्रुप की अपनी स्टील कंपनी है जो पार्टनर है जिसमे 500 करोड़ खर्च होंगे जिसमें भारत में यह पहला प्लांट होगा जो जैपनीज नोहाऊ कंपनी के साथ काम करेगा। यह ग्रीन फ्रील प्लांट होगा जो शुरुआत में जैपनीज नोहाऊ के साथ शुरुआत करेगा। यह जैपनीज ग्राहकों के लिए मैगनेट की तरह काम करेगा और इसी के साथ यह भारतीय ग्राहकों को भी अपनी और आकर्षित करेगा। यह शुरुआत में पहला ऐसा स्टील प्लांट होगा जिसमें कार्बनफुट प्रिंट बहुत कम होगा।गुणवत्ता में बेहद खास इस प्लांट की में बिजली खपत भी कम होगी। जापान में इस तरह का कोई नया प्लांट नहीं लगा है। वहीं मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि ट्रम्प टैरिफ ने हमारे कुछ सेक्टर हिलाये हुए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि ये मसला जल्द हल हो जायेगा। साथ ही भारतीय इतने कैपिबल है कि अन्य जगहों पर अपनी मार्किट बना ही लेंगे। कोविड इसका उदाहरण है। short टर्म में इसका कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा।
  • Punjab News: Reel बनाना पड़ा महंगा, गोली लगने से नाबालिग की मौत

    Punjab News: Reel बनाना पड़ा महंगा, गोली लगने से नाबालिग की मौत

    बरनालाः देश भर में युवाओं में रील बनाने का क्रेज है। युवा पीढ़ी रील के व्यूज के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। यहां तक की वह जान की भी परवाह नहीं करते और जान जोखिम में डालकर कुछ व्यूज पाने के लिए रील बनाने लग जाते है। ऐसा ही एक मामला बनूड़ से सामने आया है। जहां जंगपुरा में रील बनाने के चक्कर में नाबालिग की मौत हो गई। 15 साल के नाबालिग की गोली लगने से मौत हुई है।

    मृतक की पहचान प्रिंसपॉल सिंह के रूप में हुई है। प्रिंसपॉल सिंह लाइसेंसी रिवॉल्वर से रील बना रहा था कि अचानक रिवॉल्वर से गोली चल गई। मिली जानकारी के अनुसार प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और अपने दोस्तों से मिलने के लिए गांव जांसले आया था। 11 दोस्त एक साथ बैठकर खेल रहे थे। उसके दोस्त के पिता के पास घर में लाइसेंसी पिस्तौल थी, लेकिन पिता घर पर नहीं थे।

    वे सभी उस पिस्तौल से खेल रहे थे कि अचानक प्रिंस के सिर में गोली लग गई। उसे तुरंत ज्ञान सागर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अपने इकलौते बेटे के शव को देखकर माता-पिता फूट-फूट कर रो पड़े। मृतक प्रिंस राजपुरा के एक सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता था। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

  • इमारत गिरने से 15 की मौत, Rescue जारी, बिल्डर काबू, देखें वीडियो

    इमारत गिरने से 15 की मौत, Rescue जारी, बिल्डर काबू, देखें वीडियो

    पालघरः महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में रमाबाई अपार्टमेंट की 4 मंजिला इमारत का हिस्सा ढहने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 घायल हैं और 2 लोग लापता हैं। इमारत को पहले से ‘बेहद खतरनाक’ घोषित किया गया था और इसके निर्माण को अवैध बताया गया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। इमारत के मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

    शुरुआत में संकरी गलियों के कारण बचाव दलों को हाथों से मलबा हटाना पड़ा, लेकिन अब जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से काम तेजी से किया जा रहा है। NDRF की दो टीमें मौके पर मौजूद हैं और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। रमाबाई अपार्टमेंट का निर्माण वर्ष 2012 में हुआ था और वसई-विरार नगर निगम ने इसे पहले ही ‘बेहद खतरनाक’ घोषित कर रखा था। इसके बावजूद इमारत में लोग रह रहे थे। नगर निगम की शिकायत पर पुलिस ने इमारत के बिल्डर को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमारत बिना वैध अनुमति के बनाई गई थी।

    हादसे के बाद आसपास की चॉलों को खाली करा दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरे घटनास्थल की निगरानी कर रहे हैं। पालघर की कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि मलबे के नीचे अभी और लोगों के दबे होने की संभावना है। वसई-विरार नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर गिल्सन गोंसाल्वेस ने बताया कि इलाके की तंगी के चलते शुरुआती घंटों में राहत कार्य मुश्किल था, लेकिन अब भारी मशीनों से रेस्क्यू तेज कर दिया गया है।

  • पड़ोसी राज्य में रावी ने मचाई तबाही, तिनके की तरह नदी में बहे घर, देखें वीडियो

    पड़ोसी राज्य में रावी ने मचाई तबाही, तिनके की तरह नदी में बहे घर, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रावी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश के चलते नदी में आई बाढ़ से जिले के होली उपमंडल में स्थित सलून गांव में भारी तबाही मच गई है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के कम से कम 9 घर रावी नदी में समा चुके हैं, जबकि बाकी बचे मकानों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे रावी नदी का उफान गांव के किनारे बने घरों को एक-एक कर अपनी चपेट में लेता जा रहा है। मकान ताश के पत्तों की तरह ढहते दिखाई दिए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा हो गया है।

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सलून गांव अब लगभग अस्तित्वहीन होने की कगार पर है। बाढ़ के चलते मिट्टी का कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि जमीन खिसकती जा रही है और घरों की नींव धंस रही है। स्थानीय लोगों को तात्कालिक रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन गांव में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

  • विवादों में फंसे Punjabi Singer Guru Randhawa, कोर्ट ने जारी किए समन

    विवादों में फंसे Punjabi Singer Guru Randhawa, कोर्ट ने जारी किए समन

    समराला: पंजाबी गायक गुरु रंधावा नए गाने को लेकर विवादों में फंस गए है। गायक को समराला की अदालत ने 2 सितंबर को पेश होने के लिए समन जारी किए है। दरअसल, यह कार्रवाई उनके हाल ही में रिलीज़ हुए गाने ‘सिरा’ में कथित आपत्तिजनक बोल के खिलाफ एक शिकायत के बाद की गई है।
    Read in English: 

    Guru Randhawa Faces Legal Heat as Samrala Court Issues Summons

    एडवोकेट गुरवीर सिंह ढिल्लों के अनुसार, समराला के राजदीप सिंह मान ने शिकायत दर्ज करवाई है। याचिकाकर्ता ने गाने की एक पंक्ति “जम्यां नु गुढ़ती च मलिता अफ़ीम ऐ” पर आपत्ति जताई है। उन्होंने तर्क दिया कि “गुढ़ती” शब्द का प्रयोग अपमानजनक है, क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में इस शब्द का विशेष महत्व है।

    एडवोकेट ढिल्लों ने बताया कि गायक को पहले एक कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसमें गीत को हटाने या उसके बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की गई थी। मामला सुलझ न पाने पर, मामला अदालत में ले जाया गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें समन जारी किया गया। गायक को अब 2 सितंबर को समराला अदालत में पेश होना है, जहाँ मामले की सुनवाई होगी। इस विवाद ने सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलताओं के अनुरूप गीत चुनने में कलाकारों की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।