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  • अनुराग जैन बने नीति आयोग के नए CEO, जानिए कौन हैं MP के पूर्व मुख्य सचिव और कितना पढ़े-लिखे हैं

    अनुराग जैन बने नीति आयोग के नए CEO, जानिए कौन हैं MP के पूर्व मुख्य सचिव और कितना पढ़े-लिखे हैं

    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। बुधवार को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। आधिकारिक आदेश के अनुसार, अनुराग जैन दो वर्ष के कार्यकाल के लिए नीति आयोग के CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह इस पद पर उन्हीं नियमों और शर्तों के तहत कार्य करेंगे, जो उनके पूर्ववर्ती CEO पर लागू थीं। 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को करीब चार दशक के प्रशासनिक अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है। उन्होंने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रशासन, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाई है।

    कई अहम पदों पर दे चुके हैं सेवाएं

    अनुराग जैन ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) में सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध निदेशक (MD) रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री के सचिव और विभिन्न प्रशासनिक विभागों में भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में उनका अनुभव उन्हें देश के अनुभवी अधिकारियों में शामिल करता है।

    नीति आयोग में निभाएंगे अहम भूमिका

    नीति आयोग देश का प्रमुख सार्वजनिक नीति (Public Policy) थिंक टैंक है, जो केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ विकास योजनाओं को दिशा देने का काम करता है। नए CEO के रूप में अनुराग जैन सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को मजबूत करने, साक्ष्य आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने और केंद्र सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। उनसे देश के विभिन्न क्षेत्रों में नीति निर्माण और विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।

    अनुराग जैन की शिक्षा और शुरुआती जीवन

    अनुराग जैन का जन्म 11 अगस्त 1965 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे। उन्होंने वर्ष 1986 में आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की और अपने बैच में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। वर्ष 1988 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए। बाद में उन्होंने अमेरिका की सिरैक्यूज यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन (Public Administration) में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की।

    मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव थे अनुराग जैन

    नीति आयोग का CEO बनने से पहले अनुराग जैन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके केंद्र में जाने के बाद राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। अशोक बर्णवाल ने माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक करने के साथ-साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की है। अब अनुराग जैन राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के प्रशासन की कमान संभालेंगे। अनुराग जैन की नियुक्ति को केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति माना जा रहा है। उनके व्यापक अनुभव और नीति निर्माण की समझ से नीति आयोग के कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • लुधियाना में Students की Cold War में लड़की ने चलाया ब्लेड, हालात गंभीर लगे टांके, देखें वीडियो

    लुधियाना में Students की Cold War में लड़की ने चलाया ब्लेड, हालात गंभीर लगे टांके, देखें वीडियो

    लुधियाना : शहर के किचलू नगर में स्थित बीवीएम (BVM) स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 15 साल के छात्र पर उसके ही दोस्त छात्रा के द्वारा ब्लेड से हमला किया गया। इस हमले में छात्रा का दायां गला बुरी तरह से कट चुका है। इसके बाद गंभीर हालत में उसको अस्पताल ले जाया गया है। इसके चेहरे पर 23 टांके लगाए गए हैं।

    पीड़ित छात्र के पिता विकास के अनुसार, दोनों के बीच में बातचीत को लेकर झगड़ा था। उनके बेेटे ने छात्रा से बात नहीं करता था। छात्रा लगातार उससे बात करने का दबाव बना रही थी परंतु छात्र मना कर रहा था। इसी बात से नाराज हुआ छात्रा ने इस वारदात को अंजाम दे दिया है। बता दें कि घटना वाले दिन छात्र छुट्टी के समय अपने छोटे भाई और बहन का इंतजार कर रहा था। उस दौरान छात्रा उसके पास आई और बाहर बुलाने लगी है। छात्र ने बाहर जाने से साफ मना कर दिया परंतु छात्रा उसे दोबारा बुलाती रही। छात्रों की बातों में उलझाकर खड़ी बसों के पीछे ले गई। वहां पर पहुंचते ही छात्रा ने अचानक से धारदार ब्लेड निकालकर छात्र के चेहरे पर दे मारा।

    इसके बाद वो मौके से फरार हो गई। घटना के तुरंत बाद खून से लथपथ छात्र को देखकर स्कूल के शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए। शिक्षक फौरन उसको डीएमसी अस्पताल में लेकर पहुंचे वहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रशासन सीसीटीवी फुटेज देने में मना कर रहा था। फुटेज में छात्रा के द्वारा छात्र को बुलाकर ले जाने की बात साफ दिख रही है। इस पूरे मामले में परिवार की शिकायत पर पीएयू थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया है। वहीं पुलिस आगे की कार्रवाई भी कर रही है।

  • NEET Paper लीक मामले में हरियाणा कांग्रेस में रोष, बीजेपी कार्यालय का किया घेराव, देखें वीडियो

    NEET Paper लीक मामले में हरियाणा कांग्रेस में रोष, बीजेपी कार्यालय का किया घेराव, देखें वीडियो

    पंचकूला: दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट परीक्षा के पेपर लीक हुए मामले में प्रदर्शन कर युवाओं पर लाठी चार्ज मामले में सियासत गरमा गई है। जिसके चलते कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पीएम निवास स्थान के बाहर प्रदर्शन करने को लेकर भी हिरासत में लिया गया था। ऐसे में इस रोष के चलते हरियाणा कांग्रेस के द्वारा बीजेपी कार्यालय का घेराव किया गया है।

    इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र की अध्यक्षता में कांग्रेस के कई विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के द्वारा बैरिकेड लांघने की कोशिश भी की गई। जिसके चलते पुलिस ने सभी प्रत्याशी कार्यों को हिरासत में ले लिया है। यह प्रदर्शन कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र की अध्यक्षता में किया गया। इसमें पंचकूला से विधायक चंद्र मोहन बिश्नोई सहित कांग्रेस के अन्य विधायक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस के द्वारा बैरिकेडिंग कर प्रदर्शन कार्यों को रोका गया है। इस दौरान प्रदर्शनकार्यों और पुलिस के बीच में धक्का मुक्की भी देखने को मिली है।

    कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के द्वारा नीट परीक्षा को लेकर धरने पर बैठे हुए युवाओं पर लाठीचार्ज करने और युवाओं की आवाज उठाने वाले राहुल गांधी को डिटेन करने को लेकर अब उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग की है। इस मौके पर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा बैरिगेट पर चढ़ने की कोशिश की है। इस दौरान पुलिस के द्वारा प्रदेश प्रभारी संजय दत्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।

  • मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत

    मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत

    संत कबीर कुटीर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से किया संवाद

    कहा: समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि वर्तमान को शब्द देते हैं और भविष्य के इतिहास को आकार देते हैं। समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना का दर्पण बन जाती है। पत्रकारिता केवल कलम या स्याही से नहीं चलती, बल्कि समाज के विश्वास, जनमत और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी से संचालित होती है। मुख्यमंत्री बुधवार को संत कबीर कुटीर पर सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज में संवाद निरंतर, सार्थक और जीवंत बना रहे। इसमें पत्रकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में हैं। महर्षि नारद को विश्व का पहला संदेशवाहक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य, संतुलन और समाज कल्याण का संदेश पहुंचाना था। स्वतंत्रता आंदोलन में भी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह जैसे महान नेताओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्र चेतना को जागृत किया। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में सूचना कुछ ही क्षणों में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि सूचना कितनी तेजी से फैली, बल्कि यह है कि वह कितनी सत्य और प्रमाणिक है। अनुभवी और जिम्मेदार पत्रकार ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं। आलोचना लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन वह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। समाज को केवल ब्रेकिंग न्यूज नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, समाधान और प्रेरणादायक उदाहरणों की भी आवश्यकता है। पत्रकारिता जब सत्य, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ती है, तब वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है। हरियाणा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन दी जा रही है। पत्रकारों के लिए समूह बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे लाखों परिवारों को निशुल्क उपचार का लाभ मिला है। शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन बुनियाद और सुपर-100 जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों के बच्चों को नई उड़ान दी है। हाल ही में सुपर-100 के अनेक विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी तथा नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में बहुत कम मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं और शेष जिलों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। जिला अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ समाज में विश्वास और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष, जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाते हुए लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे। इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ के चेयरमैन एआर पराशर, प्रधान जगतार सिंह संधू, जनरल सेकेट्ररी केवल भारती, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी भारती, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।    
  • गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

    गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

    कहा , किसानों को बेहतर बाजार और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्किट (आईआईएचएम) गनौर परियोजना राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, इससे किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा। राणा आज चंडीगढ़ में हरियाणा राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड, गन्नौर की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टीकल्चर मार्केट से संबंधित मुख्यतः 6 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गन्नौर मंडी आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों की पहली पसंद बनेगी। इसे किसानों और व्यापारियों के लिए एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और आसपास के राज्यों के किसानों को उनकी फल, सब्जी और बागवानी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म करना है। राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होने के कारण यहाँ न केवल आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और सुलभ लॉजिस्टिक्स के ज़रिए देश-विदेश के बड़े व्यापारी सीधे किसानों से जुड़ सकेंगे। 67 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने और इसी माह बिजनेस प्लान आवंटित होने के साथ ही यह मार्केट जल्द ही एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में उभरेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। कृषि मंत्री ने शेष बचे कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, मीटिंग में शेड नंबर 14 और फॉल्स सीलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई। कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट को सुचारू और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने हेतु निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिसे इसी माह के भीतर आवंटित कर दिया जाएगा। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक ,निगम के प्रबंध निदेशक अनीश यादव, मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह, वित्त विभाग के स्पेशल सचिव मनोज कुमार और चीफ इंजीनियर मोहिंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  
  • ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं

    ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं

    हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के ‘गृह नगर’ (होम टाउन) और ‘स्थायी पता’ के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों। निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा। सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है। इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।  
  • एलपीयू का ‘एडु रेव्लयूशन’ आर्किटेक्चर और प्लानिंग के छात्रों को ग्लोबल पहचान, इंडस्ट्री का अनुभव और इंटरनेशनल मौके देकर बेहतर बनाता है

    एलपीयू का ‘एडु रेव्लयूशन’ आर्किटेक्चर और प्लानिंग के छात्रों को ग्लोबल पहचान, इंडस्ट्री का अनुभव और इंटरनेशनल मौके देकर बेहतर बनाता है

    ग्लोबल एक्सचेंज प्रोग्राम और इंटरनेशनल इंटर्नशिप से लेकर इंडस्ट्री से जुड़ने और एआई-आधारित डिज़ाइन प्रतियोगिताओं तक, एलपीयू के आर्किटेक्चर और प्लानिंग के छात्र क्लासरूम से आगे बढ़कर अपना करियर बना रहे हैं

    जालंधर(Ens): भारत में स्मार्ट सिटीज़ मिशन, अमृत 2.0 और पीएम गतिशक्ति जैसी पहलों के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व तेज़ी आ रही है। ऐसे में आर्किटेक्ट और प्लानर की भूमिका सिर्फ़ इमारतें डिज़ाइन करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब वे टिकाऊ, टेक्नोलॉजी-युक्त और लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर शहरी जगहें बना रहे हैं। इंडस्ट्री की बदलती ज़रूरतों को देखते हुए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर और बैचलर ऑफ़ प्लानिंग प्रोग्राम उपलब्ध है। ये प्रोग्राम छात्रों को तेज़ी से बदलते ‘बिल्ट एनवायरनमेंट’ सेक्टर में करियर के लिए तैयार करते हैं। इन प्रोग्राम में मज़बूत एकेडमिक आधार के साथ-साथ प्रैक्टिकल लर्निंग भी शामिल है, जिसमें स्टूडियो-आधारित टीचिंग, डिज़ाइन वर्कशॉप, लाइव प्रोजेक्ट, साइट विज़िट, इंडस्ट्री से बातचीत और कंसल्टेंसी असाइनमेंट जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। एडवांस्ड डिज़ाइन स्टूडियो, डिजिटल फैब्रिकेशन सुविधाओं, एआई-आधारित डिज़ाइन टूल्स और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग, ज्योग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम और कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की मदद से छात्र आर्किटेक्चरल डिज़ाइन, टिकाऊ प्लानिंग और शहरी विकास में महारत हासिल करते हैं। एलपीयू के एडु- रेव्लूशन फ्रेमवर्क के तहत चलाए जाने वाले इस स्कूल में क्लासरूम लर्निंग को लाइव प्रोजेक्ट, रिसर्च, प्रोफेशनल इंटर्नशिप, इंटरनेशनल अनुभव और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सहयोग के साथ जोड़ा जाता है। वे शहरी मोबिलिटी, सार्वजनिक जगहों, लैंडस्केप प्लानिंग, सस्टेनेबिलिटी और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट जैसे विषयों पर काम करते हैं, जिससे वे रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल, ट्रांसपोर्टेशन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में करियर के लिए तैयार होते हैं। इस ग्लोबल नज़रिए को और मज़बूत करते हुए, आर्किटेक्चर के पाँच छात्रों ने पूरी तरह से फंडेड स्कॉलरशिप के तहत रूस की यूराल फेडरल यूनिवर्सिटी में प्रतिष्ठित समर स्कूल प्रोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। छात्रों ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ़ तस्मानिया में सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया है। साथ ही, यह स्कूल स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ अल्काला जैसे संस्थानों से आने वाले इंटरनेशनल एक्सचेंज छात्रों का स्वागत करके अलग-अलग संस्कृतियों वाले सीखने का माहौल बनाता रहता है। प्लानिंग डिपार्टमेंट ने अपने खास ‘1+1 इंडस्ट्री-एकेडेमिया इंटीग्रेटेड लर्निंग प्रोग्राम’ के ज़रिए इंडस्ट्री के लिए तैयारी को और बेहतर बनाया है। इस प्रोग्राम के तहत, 2025–27 बैच के एम.टेक अर्बन प्लानिंग के नौ छात्र एक साल की इंडस्ट्री ट्रेनिंग (इंडस्ट्री इमर्शन) कर रहे हैं। तीन छात्र वीके सुप्रीम, जयपुर के साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं, जबकि छह छात्र टिला कंसल्टेंट्स, मोहाली से जुड़े हैं और कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, मोहाली और आगरा जैसे शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में मदद कर रहे हैं। हर छात्र को ₹30,000 का मासिक स्टाइपेंड मिलता है और साथ ही उन्हें कीमती प्रोफेशनल अनुभव भी मिलता है। इस प्रोग्राम का इंटरनेशनल दायरा मिलकर किए जाने वाले इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स के ज़रिए और भी बढ़ा है; अफ्रीका के ग्यारह छात्र अभी स्टेसालिट सिस्टम्स लिमिटेड, कोलकाता के साथ ऑनलाइन इंटर्नशिप कर रहे हैं। इस पहल के हिस्से के तौर पर, वे बिहार के पाँच शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में योगदान दे रहे हैं। साथ ही, वे इंटरनेशनल और अलग-अलग कल्चर वाली टीमों के साथ मिलकर काम करते हुए बड़े पैमाने पर अर्बन प्लानिंग का प्रैक्टिकल अनुभव भी हासिल कर रहे हैं। अभी बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर, इंटीग्रेटेड बी.प्लान.–एम.प्लेन., और एम.टेक अर्बन प्लानिंग प्रोग्राम्स में एडमिशन खुले हैं। ये प्रोग्राम आर्किटेक्ट और प्लानर बनने के इच्छुक लोगों को ऐसे माहौल में सीखने का मौका देते हैं जहाँ एकेडेमिक एक्सीलेंस के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़ाव, इनोवेशन और ग्लोबल एक्सपोज़र भी मिलता है।
  • राज्यपाल ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ की समीक्षा की: टीबी उन्मूलन की दिशा में हिमाचल की प्रगति की सराहना

    राज्यपाल ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ की समीक्षा की: टीबी उन्मूलन की दिशा में हिमाचल की प्रगति की सराहना

    राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले टीबी मुक्त हिमाचल बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोकभवन में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राज्य की नवाचार पहलों, सामुदायिक सहभागिता और जनकेंद्रित दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले क्षय रोग उन्मूलन के उद्देश्य की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश के उप-मिशन निदेशक एवं राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरिया ने राज्य में कार्यक्रम के तहत संचालित की जा रही गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। प्रदेश में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए गए निरंतर एवं प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष, 2024 में टीबी के 15,455 मामलों की तुलना में वर्ष, 2025 में टीबी के मामले 14,636 रह गए। बैठक में राज्यपाल को अवगत करवाया गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 24 मार्च, 2026 को 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ का शुभारंभ किया था। अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश में 5,147 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई, जिनमें से 2,547 गांवों (49 प्रतिशत) को आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से पहले ही कवर किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से उच्च जोखिम समूहों के लगभग 1.85 लाख लोगों की एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक से जांच की गई है। इससे टीबी की समय पर पहचान और शीघ्र उपचार सुनिश्चित हो रहा है। राज्यपाल को जानकारी दी गई कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत पहल के तहत वर्ष, 2023 में 731 ग्राम पंचायतों, वर्ष, 2024 में 823 ग्राम पंचायतों तथा वर्ष, 2025 में 1,052 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जो रोग उन्मूलन की दिशा में निरन्तर हो रही प्रगति को दर्शाता है। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से उच्च जोखिम वाले गांवों एवं शहरी वार्डों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इन शिविरों में टीबी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और एनीमिया की निःशुल्क जांच के साथ-साथ एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 26 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें तथा सभी विकास खंडों में 119 आधुनिक एनएएटी डायग्नोस्टिक मशीनों के माध्यम से टीबी की त्वरित जांच और मरीजों का शीघ्र उपचार संभव हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि क्षय रोग का उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह एक जनआंदोलन है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता नितांत आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों में जनप्रतिनिधियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले लोगों को समय पर टीबी जांच, खासकर छाती के एक्स-रे के लिए प्रेरित करने हेतु जागरूकता अभियान और अधिक प्रभावी बनाए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों, सक्रिय जनसहभागिता और समय पर रोग की पहचान से हिमाचल प्रदेश शीघ्र ही टीबी मुक्त राज्य बनने का लक्ष्य हासिल करेगा। बैठक में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एल.आर. शर्मा तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य सलाहकार डॉ. निशांत सोनी भी उपस्थित थे।
  • S.I. R 2026: सी.ई.ओ. पंजाब द्वारा घर-घर गणना चरण को समय से पहले पूरा करने के लिए ई.आर.ओज़. का सम्मान

    S.I. R 2026: सी.ई.ओ. पंजाब द्वारा घर-घर गणना चरण को समय से पहले पूरा करने के लिए ई.आर.ओज़. का सम्मान

    चंडीगढ़: निर्वाचन प्रबंधन में उत्कृष्टता को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब अनिंदिता मित्रा ने आज निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) 2026 के घर-घर गणना चरण को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने में उनके असाधारण समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।

    यह महत्वपूर्ण उपलब्धि, निर्वाचन प्रक्रिया में शुद्धता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है। गुरविंदर सिंह जौहल के नेतृत्व में धरमकोट विधान सभा क्षेत्र (जिला मोगा), घर-घर गणना अभ्यास को पूरा करने वाला राज्य का पहला क्षेत्र बनकर उभरा। इसके बाद सुनील फोगाट, आई.ए.एस., बलाचौर (जिला एस.बी.एस. नगर); तरसेम चंद, पी.सी.एस., दिर्घबा (जिला संगरूर); गगनदीप, पी.सी.एस., निहाल सिंह वाला (जिला मोगा); अमरीक सिंह सिद्धू, पी.सी.एस., बाघा पुराना (जिला मोगा); सतविंदर पाल रणीके, पी.सी.एस., मोगा (जिला मोगा); इसमत विजय सिंह, पी.सी.एस., धूरी (जिला संगरूर) और विपन भंडारी, पी.सी.एस., बंगा (जिला एस.बी.एस. नगर) शामिल हैं।

    जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ, एईआरओज़, सुपरवाइजरों और बीएलओज़ के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए मित्रा ने कहा कि यह मील का पत्थर उनके सामूहिक समर्पण और मिशन-आधारित कार्य को दर्शाता है। इस अवसर पर बोलते हुए सी.ई.ओ. ने अधिकारियों की उनके अथक प्रयासों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस चरण का सफलतापूर्वक पूरा होना मजबूत और पूर्णतः डिजिटाइज़्ड मतदाता सूची बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल नागरिकों को सशक्त बनाया जा रहा है, बल्कि मतदान की प्रक्रिया में उनका विश्वास भी बढ़ा है।

    सी.ई.ओ. ने सभी जिलों से एस.आई.आर.-2026 के आगामी चरणों में इसी प्रकार समर्पण के साथ कार्य करते रहने की अपील की। उन्होंने पंजाब के मतदाताओं से भी अपील की कि जिन्होंने अभी तक संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों को अपने गणना फॉर्म जमा नहीं करवाए हैं, वे 3 अगस्त (अंतिम तिथि) से पहले ऐसा करना सुनिश्चित करें ताकि उनके नाम 13 अगस्त, 2026 को प्रकाशित होने वाली मसौदा मतदाता सूचियों में शामिल किए जा सकें।

     

  • पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधान सभा में 40 से अधिक फलदार पौधे लगाए

    पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधान सभा में 40 से अधिक फलदार पौधे लगाए

    पंजाब की समृद्धि को पुन: बहाल करने और राज्य को हरा-भरा बनाने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए : स्पीकर कुलतार सिंह संधवां

    चंडीगढ़: पर्यावरणीय स्थिरता और हरियाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब विधान सभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने आज पंजाब विधान सभा परिसर में फलदार पौधे लगाए। इस अवसर पर बोलते हुए स्पीकर संधवां ने बताया कि पंजाब विधान सभा में अब तक 40 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह पंजाब को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और पौधे लगाने का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

    स्पीकर संधवां ने कहा, “यदि हम प्रकृति से प्रेम करेंगे, तो प्रकृति भी हमें वही प्रेम वापस करेगी।” उन्होंने वर्तमान समय में नियमित रूप से पौधे लगाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ‘ग्रीन पंजाब’ बनाने के लिए अब सभी को मिलकर काम करने का समय आ गया है। स्पीकर ने आगे कहा कि सतत पर्यावरण को बढ़ावा देना समय की प्रमुख आवश्यकता है। आज अधिक से अधिक पेड़ लगाकर, हम आने वाली पीढ़ियों और सदियों को एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के तहत सुरक्षित रख सकते हैं।

    उन्होंने पंजाब के लोगों से गुरबानी की मुख्य शिक्षाओं और सिख गुरुओं द्वारा दिखाए गए ऐतिहासिक मार्ग से गहरी आध्यात्मिक दिशा लेकर व्यापक पर्यावरण आंदोलन शुरू करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने आगे कहा कि सच्ची दिव्यता प्रकृति में निवास करती है। प्रत्येक मानव, पशु, पौधा और पेड़ सर्वशक्तिमान की जीवंत अभिव्यक्ति है।

    राज्य में घटते जा रहे पर्यावरणीय संतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पीकर ने बताया कि पंजाब का वन क्षेत्र घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है, जिसके लिए तत्काल सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाली और वनस्पति की कमी सामाजिक बुराइयों के बढ़ने से जुड़ी हुई है, जो शांति और समृद्धि को नष्ट करती है। प्रकृति की कद्र और संरक्षण पूरे समुदाय के लिए दिव्य कृपा, समृद्धि और आशीर्वाद सुनिश्चित करता है।

    स. संधवां ने बताया कि हमें छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब जी से दिशा लेने की आवश्यकता है, जिन्होंने स्वयं बाग लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यदि हम पंजाब को पुनः रंगीन और जीवंत बनाना चाहते हैं, तो हमें सबसे पहले राज्य को हरा-भरा पंजाब बनाना होगा। उन्होंने समस्त पंजाबियों से अपील की, “जहां भी और जब भी अवसर मिले, आओ सभी एकजुट होकर पेड़ लगाएं।” उन्होंने आगे अपील की कि सभी नागरिक प्रकृति से जुड़ी अपनी पारंपरिक मान्यताओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि पंजाबी सतत पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं, जहाँ प्रकृति फले-फूलेगी और आने वाली पीढ़ियां पेड़ों के तहत क्षेत्र को बढ़ाकर समृद्ध होंगी।