पंचकूलाः सेक्टर-8 स्थित एक मकान में करीब 10 माह पहले हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाख रुपये मूल्य की चोरीशुदा संपत्ति बरामद की है। बरामदगी में करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण एवं बर्तन तथा 15 लाख रुपये नकद शामिल हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देशानुसार जिले में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा लंबित मामलों के शीघ्र खुलासे के लिए सभी थाना, चौकी और क्राइम यूनिटों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-8 निवासी व्यक्ति अपने परिवार के साथ रिश्तेदार के घर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि मकान के पीछे का गेट खुला हुआ था, कमरों के दरवाजे और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे तथा सोने-चांदी के आभूषण, कीमती सामान और नकदी चोरी हो चुकी थी। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-7 में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पता चला कि थाना सेक्टर-5 पंचकूला में दर्ज एक अन्य चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुशील कुमार उर्फ निप्पल तथा विरेन्द्र कुमार ने पूछताछ के दौरान सेक्टर-8 की इस चोरी की वारदात भी स्वीकार की थी। इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 को सौंपा गया, जहां गहन पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर करीब 35 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई जिसमें सोना-चांदी के गहने व बर्तन के अलावा 15 लाख कैश भी है। जांच में सामने आया कि आरोपी विरेन्द्र कुमार के खिलाफ पहले से करीब 13 चोरी के मामले दर्ज हैं, जबकि सुशील कुमार उर्फ निप्पल के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और चोरी की कई वारदातों में संलिप्त रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। पंचकूला पुलिस प्रत्येक अपराध की गहनता से जांच कर रही है और अपराधियों को हर हाल में गिरफ्तार कर कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा। जिले में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।





वर्तमान सीजन में एमआईएस के तहत सेब खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी। सेब उत्पादकों को पोर्टल पर आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी देकर पंजीकरण करवाना होगा। इसके साथ ही वे अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। खरीद और भुगतान की स्थिति से संबंधित जानकारी उत्पादकों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने खरीद सीजन के दौरान सभी संग्रहण केंद्रों (कलेक्शन सेंटर) पर उत्पादकों की सहायता के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है ताकि बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके। हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, बागवानी सचिव सी. पॉलरासु, निदेशक डिजिटल प्रौद्यागिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, बागवानी निदेशक सतीश कुमार तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।





