चंडीगढ़: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का घर-घर गणना चरण इस समय पूरे पंजाब में जारी है और यह 3 अगस्त तक चलेगा। इस प्रक्रिया को और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 19 जुलाई (रविवार), 2026 को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि मतदाता अपने गणना प्रपत्र भरकर वहीं जमा कर सकें।
राज्य के मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा, “यदि आपने अभी तक अपना गणना प्रपत्र नहीं भरा है, तो तुरंत अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करें अथवा इस विशेष शिविर के दौरान अपने निकटतम मतदान केंद्र पर जाकर प्रपत्र भरें और जमा करें। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम 13 अगस्त, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल हो, यह सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने आगे बताया कि इस विशेष शिविर के दौरान सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे और मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने तथा जमा कराने की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।








नगर निगम के कमिश्नर सत्येन्द्र दुहन की मेल पर धमकी भरा मैसेज आया है, जिसके बाद से निगम कर्मचारी डरे हुए है। पूरे निगम कार्यालय को खाली करवा दिया है। वहीं, निगम के साथ ही मॉडल स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद सभी बच्चों की स्कूल से छुट्टी करके खाली करवाया गया है। फिलहाल धमकी की सत्यता की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हैं। नगर निगम मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बताया कि कमिश्नर सत्येंद्र दुहन की मेल पर एक मैसेज खालिस्तान के नाम से आया हुआ है, जिसमें नगर निगम और मॉडल स्कूल को उड़ाने की बात कही गई है।
इस मामले में डीसी और एसपी से बात करके बिल्डिंग को खाली करवा दिया है। स्कूल की भी छुट्टी करवाई गई है। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बताया कि एसपी गौरव राजपुरोहित ने अपनी एजेंसी को जांच के लिए लगा दिया है। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। एसपी का कहना है कि फेक मेल है। लेकिन सावधानी के तौर पर बिल्डिंग को खाली करवाकर रंगशाला में कर्मचारियों को शिफ्ट किया गया है। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बताया कि अभी तक कोई दिक्कत नजर नहीं आ रही है। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। वह खुद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव प्रसारण कार्यक्रम में बैठे हुए थे, जब उन्हें इसके बारे में पता चला। वह कार्यक्रम को छोड़कर आए हैं और स्थिति का जायजा लिया है।