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  • Punjab News: पीएम मोदी के पंजाब दौरे का किसान जत्थेबंदियों ने किया विरोध, फूंका पुतला, देखें वीडियो

    Punjab News: पीएम मोदी के पंजाब दौरे का किसान जत्थेबंदियों ने किया विरोध, फूंका पुतला, देखें वीडियो

    मोगाः किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 4 किसान जत्थेबंदियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब आगमन का विरोध करते शुक्रवार को मोगा के डीसी कार्यालय के बाहर नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर अपना रोष जाहिर किया। इस मौके पर किसान नेता अपनी मांगों को पूरा करने तक मोदी के पंजाब दौरे को गलत करार देते नजर आए।

    मीडिया से बातचीत में किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो रेलवे का निजीकरण करने आ रहे हैं, उन्हें यह निजीकरण करने का कोई हक नहीं है। किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों का समूचा कर्ज माफ करने, बंदी सिंहों को रिहा करने की मांग के साथ अपनी अन्य मांगों को भी दोहराया। किसान नेताओं ने अमेरिका के साथ भारत द्वारा की जा रही ट्रेड डील को किसने के हित में न बताते कहा कि यह किसानों को उनकी जमीनों से बाहर करने की डील है। जिसे किसी भी कीमत पर नहीं लागू होने दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों ने कहा कि नरेंद्र मोदी किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने देते हैं, तो उन्हें भी पंजाब आने का कोई हक नहीं है।

     

  • Jalandhar में PM Modi के दौरे पहले यूथ कांग्रेस प्रधान को पुलिस ने किया नजरबंद, देखें वीडियो

    Jalandhar में PM Modi के दौरे पहले यूथ कांग्रेस प्रधान को पुलिस ने किया नजरबंद, देखें वीडियो

    होशियारपुरः देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जालंधर दौरे पर आ रहे है। दोपहर 4 बजे वह कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे और स्टेशन का उद्धाघटन करेंगे। पीएम मोदी के दौरे से पहले पुलिस द्वारा अलर्ट जारी कर दिया है और कैंट रेलवे स्टेशन के पास भारी सुरक्षा तैनात की गई है। वहीं पीएम मोदी के दौरे से पहले पुलिस द्वारा होशियारपुर जिला यूथ कांग्रेस के प्रधान को घर में नजरबंद कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह पुलिस जिला प्रधान इशांत उर्फ ननू को पुलिस ने नजरबंद कर दिया गया।

    खबर है कि पुलिस ने होशियारपुर में इशांत ओहरी को उनके घर से निकलने से रोक लगा दी है। ईशांत ओहरी का कहना है कि यह कदम संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। उनके अनुसार, पंजाब यूथ कांग्रेस को आज जालंधर में विरोध प्रदर्शन करना था; इसे रोकने के लिए उन्हें नज़रबंद कर दिया गया है और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। अब तक, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

     

  • मगरमच्छ का खौफनाक हमलाः बच्चे का पैर जबड़े में दबा जिंदा खाया, देखें कैसे तड़पता रहा सुनील

    मगरमच्छ का खौफनाक हमलाः बच्चे का पैर जबड़े में दबा जिंदा खाया, देखें कैसे तड़पता रहा सुनील

    बहराइचः यूपी के बहराइच में एक 12 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया है। जिससे बच्चे की मौत हो गई। जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे मगरमच्छ बच्चे को कपड़ों की तरह पटक-पटक कर पानी में मार दिया। घटना से घर में चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
    जानकारी के अनुसार सुनील सिंह (12) अपने चाचा के साथ धान की रोपाई करने के लिए खेत में गया था। शाम को रोपाई करने के बाद सुनील जैसे ही घाघरा (सरयू) नदी में हाथ-पैर धोने लगा तो झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान मगरमच्छ सुनील का पैर जबड़े में फंसा कर नदी के बीच ले गया, जहां उसने पटक-पटक कर मारा। इस दौरान सुनील का चाचा पास में खड़ा चिल्लाता रह गया। लेकिन मदद के लिए किसी ने भी हाथ नहीं बढ़ाया। घटना बौंडी थाना के मुरौवा गांव की है। हादसे में मगरमच्छ पैर और पेट का हिस्सा खा गया। देर रात करीब 110:30 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने नदी से उसका शव बरामद किया। मृतक सुनील के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपने भाई-बहनों के साथ रह रहा था और क्षेत्र के माधवपुरवा-करेहना विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, जबकि नदी किनारे बसे ग्रामीणों में मगरमच्छ के हमले को लेकर दहशत व्याप्त है।      
  • तरसाली-फाटा रोड पर खाई में डंपर गिरने से 2 की मौत, देखें वीडियो

    तरसाली-फाटा रोड पर खाई में डंपर गिरने से 2 की मौत, देखें वीडियो

    रुद्रप्रयागः उतराखंड में रुद्रप्रयाग के तरसाली-फाटा रोड पर दर्दनाक हादसा हो गया। जहां ट्रक (डंपर) के खाई में गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। फाटा एवं बड़ासू के मध्य तरसाली के समीप देर रात ट्रक (डंपर) गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। उन्होंने देखा लोग 100 मीटर गहरी खाई में फंसे हुए है।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें कॉलर द्वारा सूचना दी गई कि वाहन संख्या यूके13सीए0826 का डम्पर तरसाली के पास गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दलों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इस हादसे में डंपर सवार दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान संजय राणा (45) और मोहन के रूप में हुई है।

    रात का अंधेरा और गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। राहत एवं बचाव दलों ने संयुक्त अभियान चलाकर ‘रोप रेस्क्यू’ (रस्सी के सहारे) तकनीक की मदद ली। रस्सी के सहारे खाई में उतरकर जवान दुर्घटनाग्रस्त डंपर तक पहुंचे। टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच संजय राणा (45) का शव बरामद कर खाई से सड़क तक पहुंचाया। वहीं, दूसरे मृतक मोहन के शव का स्थान रेस्क्यू टीम द्वारा चिन्हित कर लिया गया था, जिसे बाहर निकालने की वैधानिक कार्रवाई देर रात तक जारी रही। रेस्क्यू टीमों द्वारा शवों को खाई से बाहर निकालने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत और तकनीकी जांच की जा रही है कि डंपर अनियंत्रित होकर खाई में कैसे गिरा।

     

  • Jalandhar News: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जहरीले पानी ने लीं 6 बकरियों की जान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जहरीले पानी ने लीं 6 बकरियों की जान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: फिल्लौर के कस्बा रईया से दुर्भाग्यपूर्ण खबर सामने आई है, जहां एक गरीब परिवार का जीविका का साधन छिन गया है। दरअसल, बकरियों को चराकर परिवार का पेट पालने वाले पप्पू नामक व्यक्ति पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, पप्पू की 6 बकरियों ने अनजाने में खेतों में से ऐसा पानी पी लिया, जिसमें धान पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाला खतरनाक रसायनों (कैमिकल्स) मिला हुआ था।

    पानी पीते ही बकरियों की हालत बिगड़ गई और उन्होंने कराहते-कराहते दम तोड़ दिया। घटना की तस्वीरें इतनी दर्दनाक हैं कि बकरियों के मुंह से ज़हर निकल रहा था और उनके अंदरूनी अंग तक फट गए थे, जो खेतों में इस्तेमाल हो रहे घातक रसायनों की पुष्टि करती हैं। मौके पर पहुंचे गांव की मौजूदा सरपंच पलविंदर कौर उनके पति परमजीत सिंह और पूर्व पंचायत सदस्य हरदीप सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

    उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि किसानों द्वारा फसलों को जल्दी पकाने के लिए की जा रही रसायनों की अंधाधुंध उपयोग अब बेजुबान जानवरों के लिए मौत का कारण बन रहा है, जिससे एक गरीब परिवार का घर उजड़ गया है। पप्पू के लिए ये केवल बकरियां नहीं थीं, बल्कि उसके परिवार की रोज़ी-रोटी थीं। इस कठिन घड़ी में गांव-वासियों ने एनआरआई भाइयों और समाजसेवी संस्थाओं से अपील की है कि इस गरीब परिवार की अधिक से अधिक आर्थिक मदद की जाए ताकि पप्पू फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

  • Punjab News: स्कूली बच्चों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ करते ऑटो चालक, प्रशासन बे-खबर, देखें वीडियो

    Punjab News: स्कूली बच्चों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ करते ऑटो चालक, प्रशासन बे-खबर, देखें वीडियो

    मोहालीः पंजाब में लगातार स्कूल बसों और ऑटो में सवार बच्चों के हादसे होने की घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन फिर भी बस और ऑटो चालक मनमान करते हुए नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। मोहाली में ये तस्वीरें तब देखने को मिलीं जब एक ऑटो में 12 से 15 स्कूल के बच्चे झुंड में बैठे दिखे और चार बच्चे ऑटो के पीछे खड़े थे। दो बच्चे ऑटो के लेवल के साथ आगे की सीट पर बैठे थे और लगभग आठ बच्चे ड्राइवर के पीछे की सीटों पर बैठे हुए थे। हर कोई ये तस्वीरें देख कर हैरान था कि न तो कोई ट्रैफिक पुलिस इन तस्वीरों को देखकर कार्रवाई करती है बल्कि आंखें बंद करके सब देखती रहती है।

    लोगों का कहना है ट्रैफिक पुलिस केवल दूसरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के नंबर देखकर रोक लेती हैं, लेकिन शहर में नन्हे-मुन्ने बच्चों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ करते इन ऑटो चालकों की और पुलिस का कोई ध्यान नहीं जा रहा। यह कोई पहली तस्वीर नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं जिसमें चार बच्चे ऑटो के पीछे खड़े होते हैं। अगर ऑटो चालक अचानक ब्रेक लगा दे तो वे बच्चे सड़क पर गिर सकते हैं और पीछे से आ रही गाड़ी के नीचे आने से बड़ा हादसा भी हो सकता है।

    लेकिन ऑटो चालकों को सिर्फ अपनी जेब भरने से मतलब होता है। पंजाब के कई शहरों में आज तक ऐसे बड़े हादसे भी हो चुके हैं जिनमें नन्हें-मुन्नों बच्चों की जान भी चली गई। प्रशासन थोड़े समय के लिए इन पर कार्रवाई तो करता है और फिर वही छूट दे कर आराम करने लग जाता है। इनका किसी की ज़िंदगी से कोई लेना-देना नहीं रहता और न ही माता-पिता बच्चों को भेजते समय समझाते हैं। अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो फिर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है।

     

  • Punjab News: पहली बार डाली 7 रुपए की लॉटरी, बदल गई किस्मत, निकला 5 लाख का ईनाम, देखें वीडियो

    Punjab News: पहली बार डाली 7 रुपए की लॉटरी, बदल गई किस्मत, निकला 5 लाख का ईनाम, देखें वीडियो

    मोगाः जिले के गांव जलालाबाद में खुले एक नई लॉटरी के स्टाल में पिछले एक सप्ताह में करीब आठ लाख रुपए के इनाम निकल चुके हैं। इस बार मोगा के रहने वाले लक्ष्मण प्रजापति की किस्मत चमकी है, जिसका कि 7 रुपए की लॉटरी की टिकट में ₹ 5 लाख रु का इनाम निकला है। मीडिया को जानकारी देते हुए लॉटरी की दुकान चलाने वाले जस्सा सिंह ने बताया कि उन्हें दुकान खोले अभी एक सप्ताह ही हुआ है।

    इस दौरान उनके स्टाल से लगभग 8 लाख रुपए के इनाम निकल चुके हैं। जस्सा सिंह ने बताया कि पिछले साल उन्हें ₹ 7 की लॉटरी में एक करोड रुपए का इनाम निकला था। इसी तजुर्बे से प्रेरित होकर उन्होंने लॉटरी का ये स्टाल शुरू किया। उन्होंने सोचा कि अगर वह खुद करोड़पति बन सकते हैं तो अन्य लोग क्यों नहीं बन सकते।

    इधर इस लॉटरी टिकट के विजेता लक्ष्मण प्रजापति ने बताया कि उन्होंने पहले कभी भी लॉटरी नहीं खरीदी। लाटरी स्टाल का मालिक जस्सा सिंह उनका मित्र है, उसके प्रोत्साहन से ही उसने यह टिकट खरीदी थी। वह ₹ 7 की टिकट में उसका ₹ 5 लाख रु का इनाम निकला है। लक्ष्मण ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि पहले तो उन्हें यकीन नहीं आया, लेकिन जैसे ही लाटरी स्टाल विक्रेता जस्सा सिंह द्वारा विजेता टिकटों की सूची भेजी गई तो उन्हें यकीन आया और उनकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

  • भूख हड़ताल पर बैठे Sonam Wangchuk की हालत हुई खराब, डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर दी सख्त चेतावनी

    भूख हड़ताल पर बैठे Sonam Wangchuk की हालत हुई खराब, डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर दी सख्त चेतावनी

    नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हुए मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को आज 20 दिन पूरे हो गए हैं। नीट जैसे बड़े पेपर लीक मामले में वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के चलते 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इतने दिनों से बिना कुछ खाए रहने के कारण वांगचुक का शरीर काफी कमजोर हो चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी लोगों से भावुक अपील की है उन्होंने कहा है कि वांगचुक की हालत ऐसी हो चुकी है कि उनकी हड्डियां दिखने लगी हैं। वो चल फिर भी नहीं पा रहे हैं डॉक्टरों ने वांगचुक की बिगड़ती हुई सेहत को लेकर बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है।

    वांगचुक का हो सकता है ऑर्गन फेल

    डॉक्टर के अनुसार, भूख हड़ताल शुरु होने के बाद वांगचुक का वजन अब तक करीबन 9 किलो कम हो चुका है। अब वह सिर्फ 56.9 किल्रोग्राम के रह चुके हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि लंबे भूख हड़ताल के कारण से उनका शरीर अब ग्लूकोज और फैट के बाद अब मांसपेशियों को खाने लगा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर भी काफी बढ़ चुका है। ऐसे में यह इस बात का संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गलती जा रही हैं। डॉक्टरों ने यह चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनमें हस्तक्षेप नहीं किया तो वांगचुक का ऑर्गन फेल हो जाएगा।

    दिल्ली कोर्ट ने दी मामले में दखलअंदाजी

    इसी के बीच अब दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो वांगचुके के स्वास्थ्य की रोजाना ही निगरानी करें और हालात बिगड़ने पर तुरंत उनका इलाज करें। कोर्ट ने यह भी कह दिया है कि किसी भी नागरिक का जीवन बहुत ही कीमती है। उसे बचाने के लिए सरकार को हर संभव कोशिश करनी चाहिए। केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस पर पूरी सहमति जताई है।

    अनशन खत्म नहीं करेंगे सोनम वांगचुक

    डॉक्टरों की गंभीर चेतावनियों के बाद भी सोनम वांगचुक हार नहीं मान रहे हैं। उन्होंने बीते दिन एक वीडियो मैसेज भी शेयर किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह यह आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अपील भी की है कि वो 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को और मजबूत बनाएं। वांगचुक ने छात्रों से कहा है कि वो इस आंदोलन को लोकतंत्र और राजनीति विज्ञान के एक वास्तविक पाठ के तौर पर देखें।

    कई लोग कर चुके हैं अनशन खत्म करने की अपील

    बता दें कि जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के इस विरोध प्रदर्शन को कई मशहूर हस्तियां अपना समर्थन दे रही हैं। इसी के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सोनम वांगचुक से मिलने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने केंद्र सरकार से और छात्रों से उनकी मांगों को सुनने की अपील की है। इसके अलावा म्यूजिशयन विशाल ददलानी, एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा, लेखक शोभा डे, राज ठाकरे और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए सरकार से तुरंत इस मुद्दे को सुलझाने की अपील की है।
  • Punjab News: दो मासूम भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    Punjab News: दो मासूम भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    तरनतारनः खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के रानी वाला गांव में दो मासूमों की मौत होने का मामला सामने आया है। जिससे गांव में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार परिजनों द्वारा मासूमों की मौत जहरीला खाना खाने या डायरिया से हुई बताई जा रही है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

    परिजनों ने बताया कि पिछले हफ्ते से बच्चों का पेट खराब था, जिनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने तब डायरिया या कुछ जहरीला खाना खाने की बात कही थी और कहा था कि बच्चे जल्द ठीक हो जाएंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था इससे बच्चों की मौत हो जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही चोहला साहिब पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतक बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

     

  • भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, ये हैं खासियत, देखें वीडियो

    भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, ये हैं खासियत, देखें वीडियो

    5 से 25 रुपए के बीच रखा गया किराया

    जिंदः देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्धाघटन किया। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल महामहिम प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव साथ मौजूद रहे। जींद रेलवे स्टेशन पर जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली पहली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में ही हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। उन्होंने कहा कि आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।” दरअसल, 10 कोच वाली यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर 14 स्टेशनों के बीच अधिकतम 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना प्‍लेटफॉर्म टिकट से भी सस्‍ता पड़ने वाला है। दरअसल, इसका किराया 5 से 25 रुपए के बीच रखा गया है। ट्रेन 89 किलोमीटर का सफर करीब 2 घंटे में पूरा करेगी। ट्रेन को रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, दो मेडिकल कॉलेजों समेत कुल 9 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। यह ट्रेन न तो बिजली की ओवरहेड लाइन पर निर्भर होगी और न ही डीज़ल इंजन पर होगी। जींद मुख्यालय में तैनात लोको पायलट (पैसेंजर) राजेश कुमार ने बताया कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी मिली है। राजेश कुमार ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह नई तकनीक पर आधारित है। इसमें पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में अधिक पावर है, यह साउंड प्रूफ है और इससे पर्यावरण में किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता। इसकी पिक-अप भी काफी बेहतर है, जिससे ट्रेन का संचालन अधिक सुगम और प्रभावी होता है। उन्होंने बताया कि लोको पायलट का यात्रियों से सीधे संवाद नहीं होता। यदि किसी यात्री को सहायता की जरूरत होती है तो लोको पायलट ट्रेन मैनेजर से संपर्क करता है। इसके बाद ट्रेन मैनेजर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए यात्रियों तक सूचना पहुंचाता है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। राजेश कुमार ने बताया कि इस ट्रेन में हाइड्रोजन फ्यूल सेल लगाया गया है। फ्यूल सेल में करीब 8.5 बार के दबाव से हाइड्रोजन गैस भेजी जाती है, जबकि दूसरी ओर से ऑक्सीजन प्रवेश करती है। दोनों के बीच होने वाली रासायनिक प्रक्रिया से बिजली, जलवाष्प (भाप) और पानी उत्पन्न होते हैं। बिजली ट्रेन को चलाने का काम करती है, जलवाष्प वातावरण में निकल जाती है और पानी नीचे निकल जाता है। यही वजह है कि हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण के अनुकूल और शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) तकनीक वाली ट्रेन माना जाता है। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन में एक समय में कुल 682 यात्री सफर कर सकेंगे। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीज़ल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों में हाइड्रोजन भरने के लिए जींद में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किया गया है। यहां पानी को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित किया जाता है। इसके बाद तैयार हाइड्रोजन को उच्च दबाव वाले टैंकों में जमा किया जाता है और वहीं बनाए गए विशेष फ्यूलिंग साइडिंग/स्टेशन पर ट्रेन में भरा जाता है। इसके लिए सामान्य रेलवे स्टेशनों पर अलग से फ्यूल स्टेशन नहीं बनाए गए हैं। पायलट परियोजना के तहत जींद में ही यह विशेष सुविधा विकसित की गई है।