Home Chandigarh नगर निगम द्वारा मुफ्त पानी के मुद्दे को लेकर मेयर पर बरसे राज्यपाल पुरोहित

नगर निगम द्वारा मुफ्त पानी के मुद्दे को लेकर मेयर पर बरसे राज्यपाल पुरोहित

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कहा-100 से 150 करोड़ रुपए का उठाना पड़ रहा है घाटा 

चंडीगढ़ः यूटी में नगर निगम द्वारा लोगों को मुफ्त पानी देने के मुद्दे पर मेयर और प्रशासक के बीच बैठक की गई है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने प्रेस वार्ता बुलाकर कहा कि निगम की बैठक में मेयर द्वारा पूरी तरह अनुचित तरीके से मुफ्त पानी का प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसे मंजूर नहीं किया जा सकता। पुरोहित के अनुसार इस मामले में सही तरीके से प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए था, जिसमें मुफ्त पानी देने के लिए बजट के प्रावधान और अन्य बातों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा निगम को 560 करोड़ रुपए का बजट दिया जा रहा है। पानी को लेकर ही 100 से 150 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है।

ऐसे में मुफ्त पानी देने की घोषणा करना ठीक नहीं। प्रस्ताव लाने से पहले मेयर को सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था। गौरतलब है यूटी प्रशासक की ओर से मेयर के मुफ्त पानी के प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया। जिसके बाद दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। पुरोहित ने कहा कि हर काम के लिए सिस्टम को फॉलो करना जरूरी होता है और वह जंगल राज जैसी स्थिति बर्दाश्त नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि 2022 में मनीमाजरा में 24 घंटे सातों दिन पानी की स्कीम पर बेहतर तरीके से कम हो रहा है, जो कि लोगों के लिए फायदेमंद होगा। आपके साथ ही भाजपा द्वारा भी मुफ्त पानी की घोषणा पर पुरोहित ने कहा कि वह गलत प्रस्ताव पर किसी का भी समर्थन नहीं करेंगे।

प्रशासक पुरोहित ने मेयर द्वारा शहर में मुफ्त पानी देने के सवाल पर कहा कि शहर में किसी ने भी मुफ्त पानी की मांग नहीं की तो यह प्रस्ताव किस आधार पर लाया गया है। आज तक उन्हें तो किसी ने इस तरह की मांग या पत्र नहीं दिया। वह लोगों के साथ धोखा नहीं होने देंगे और चंडीगढ़ की तरक्की किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। केंद्र को पैसे का हिसाब देना होता है प्रशासक पुरोहित ने कहा कि बजट का पैसा केंद्र सरकार से मिलता है ऐसे में पाई पाई का हिसाब हमें देना होता है पैसे में इस तरह के प्रस्ताव ठीक नहीं है साथ ही उन्होंने निगम की आर्थिक स्थिति पर भी कमेंट करते हुए कहा कि कर्ज का बोझ इतना है कि वेतन तक देने में दिक्कत उठानी पड़ती है। 

निगम की बैठक में मुख पानी के प्रस्ताव को लेकर प्रशासक ने निगम कमिश्नर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह उनकी जानकारी के बगैर कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि वह राज भवन में अपने खाने तक का खर्चा खुद भरते हैं। आप और कांग्रेस गठबंधन के मेयर कुलदीप कुमार द्वारा चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित और सांसद किरण खेर पर अपमान करने के आरोप लगाए है। वहीं अपमान किए जाने के आरोपों पर पुरोहित ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है । उन्होंने कमेंट करते हुए कहा कि उन्होंने मेयर को पूरा सम्मान दिया अगर ऐसी कोई बात थी, तो उन्हें तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।जबकि उन्हें दोपहर 3:00 बजे के बाद याद आया कि उनका अपमान हुआ है। पुरोहित ने चुटकी लेते हुए कहा कि दिल्ली से फोन आने के बाद मेयर को एहसास हुआ कि उनका अपमान हुआ है । उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रमों में मेयर को निमंत्रण दिया जाएगा। यह उनकी इच्छा है कि वह आए या नहीं।

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