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  • कंज्यूमर कमीशन ने Yes Bank को जुर्माना देने के दिए आदेश, जाने मामला 

    कंज्यूमर कमीशन ने Yes Bank को जुर्माना देने के दिए आदेश, जाने मामला 

    चंडीगढ़ः पहली बार अकेले अमेरिका गई 17 साल की लड़की को यस बैंक की गलती से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बैंक द्वारा जारी किया गया डेबिट कार्ड विदेश में काम नहीं करता था। ऐसे में चंडीगढ़ में बैठी मां को विदेश में फंसी अपनी बेटी के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए भटकना पड़ा। चंडीगढ़ कंज्यूमर कमीशन ने बैंक पर सेवा में लापरवाही और अनुचित कारोबारी व्यवहार में लिप्त होने का आरोप लगाया है।  

    शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और शोषण के कारण बैंक को हर्जाने के रूप में 5000 रुपये और अदालती खर्च के रूप में 5000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने कहा कि पहली बार अपनी बेटी को अकेले विदेश भेजने वाली मां बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में लापरवाही नहीं कर सकती। साथ ही, उसने बैंक को यह नहीं बताया होगा कि कार्ड अमेरिका में काम नहीं कर रहा है।

    ऐसे में बैंक को उचित सेवा नहीं देने पर हर्जाना देने को कहा गया है। सेक्टर-9डी, चंडीगढ़ निवासी 17 वर्षीय जाह्नवी कपूर और उनकी मां मालविका कपूर ने अपने एमडी और ब्रांच मैनेजर के जरिए सेक्टर-9सी स्थित यस बैंक शाखा को पार्टी बनाया।

  • पंजाबः सीएम मान का दफ्तर घेरने पहुंचे NSUI के छात्र, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, कईं जख्मी

    पंजाबः सीएम मान का दफ्तर घेरने पहुंचे NSUI के छात्र, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की, कईं जख्मी

    चंडीगढ़: बेरोजागरी से परेशान युवाओं का पंजाब सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। वहीं आज चंडीगढ़ में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान एनएसयूआई की ओर से सरकार के खिलाफ हल्ला बोला और सीएम मान के ऑफिस का घेराव करने की कोशिश की गई। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें छोड़ी गई। 

    एनएसयूआई के नवनियुक्त प्रधान ईशरप्रीत ने कहा कि सीएम भगवंत मान ने पहले अग्निवीर प्रस्ताव पास किया था और गत दिन ट्वीट किया कि वह उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार ने तो पंजाब विधानसभा का मूल्य ही खत्म कर दिया है। इस दौरान ईशरप्रीत ने कहा कि वह सीएम भगवंत मान से बेनती की कि नौजवानों का भविष्य और जवानी खराब न होने दे।

    उन्होंने कहा कि वह भी देश के नागरिक है। सीएम मान उनके साथ धक्का न करें। स्टूडेंट्स यूनियन ने कहा कि उन्हें रोजगार चाहिए न कि डंडे। प्रधान ने कहा कि रोजगार की मांग को लेकर बच्चे दूर-दूर से आए हैं। इतनी पढ़ाई करने के बाद भी उन्हें डंडे मिले हैं। सीएम मान कहते थे विदेश के बच्चे उनके पंजाब में आएंगे परंतु वह पहले अपने पंजाब के बच्चे को तो संभाल लें। ईशरप्रीत ने कहा कि बेरोजगारी मुहिम जारी रहेगी। अगर उनके साथ धक्का किया गया तो वे हर जिले में डीसी दफ्तर के आगे अर्थिया लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे।

  • पंजाबः गुरुद्वारा साहिब में 2 गुटों में जमकर चले लात घूंसे, उतरी पगड़ियां

    पंजाबः गुरुद्वारा साहिब में 2 गुटों में जमकर चले लात घूंसे, उतरी पगड़ियां

    फरीदकोट: पंजाब के फरीदकोट से बड़ी ख़बर सामने आई है। गुरुद्वारा साहिब में दो गुटों में जमकर लात घूंसे चलने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधकों में प्रधानगी को लेकर विवाद हुआ है। दोनों गुटों में विवाद इतना बढ़ गया कि लात घूंसे के बाद एक-दूसरे पर कृपाणों से हमला करने लगे।

    घटना दौरान कई सिखों की दस्तारों की बेअदबी भी की गई। बहस उस समय झगड़े में बदल गई, जब अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा चल रही थी, वर्तमान कमेटी के सदस्यों और गुरुद्वारा साहिब की पूर्व कमेटी के बीच संघर्ष हुआ, जो जल्द ही लड़ाई में बदल गया। इस घटना में एक दम्पत्ति के घायल होने की भी सूचना मिली है। इस दौरान गुरुद्वारा की मर्यादा का भी कोई ध्यान नहीं रखा गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल, घटना को लेकर और विवरण जुटाया जा रहा है।

  • जालंधरः  डीसीपी नरेश डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट ने इरादा-ए-कत्ल में किया तलब

    जालंधरः  डीसीपी नरेश डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट ने इरादा-ए-कत्ल में किया तलब

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): होशियारपुर के बहुचर्चित होटल रॉयल प्लाजा मामले में तब बड़ा धमाका हुआ जब होशियारपुर की एक अदालत ने विवादास्पद पुलिस अधिकारी और जालंधर के मौजूदा डीसीपी नरेश डोगरा और उसके करीबी साथियों को इरादा-ए-कत्ल की धारा-307 के तहत तलब किया गया है और इसके बाद अब नरेश डोगरा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। गौरतलब है कि साल 2019 में होटल रॉयल प्लाजा में मारपीट हुई थी जिसमें नरेश डोगरा का नाम सामने आया था।

    अदालत द्वारा दिए गए फैसले के संदर्भ में यह खुलासा हुआ है कि 03 जनवरी 2019 को होटल के मालिक विश्वनाथ बंटी को रात करीब सवा नौ बजे होटल से एक फोन आया, जिसमें होटल के मैनेजर ने बताया कि उस समय फिल्लौर पुलिस अकादमी में तैनात कमांडेंट नरेश डोगरा अपने साथियों सहित जिनमे होटल का एक अन्य पाटनर विवेक कोंशल, नायब तहसीलदार मंजीत सिंह, शिवी डोगरा, हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह सहित करीब 10-15 अज्ञात शामिल हैं। मैनेजर ने बताया कि यह लोग होटल पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद उसी समय विश्वनाथ बंटी, अजय राणा, नवाब हुसैन और बाबू के साथ होटल पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जब उन्होंने नरेश डोगरा से इस बारे में बात करनी चाही तो उन्होंने विशवानाथ बंटी पर हमला कर दिया और इसी बीच नरेश डोगरा , विवेक कौशल और मनजीत सिंह लड़ाई में ललकारे मारे और कहा कि आज बंटी को मारना है और इसी समय हरनाम सिंह ने बंटी की तरफ एक रिवॉल्वर से गोली चलाई, जो अजय राणा की जांघ में लगी और पार हो गई। इस घटना में नवाब हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गया।

    अदालत के आदेश में यह भी कहा गया कि जब अजय राणा को गंभीर हालत में होशियारपुर के सिविल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया तो पता चला कि नरेश डोगरा और उसके साथी पहले ही सिविल अस्पताल होशियारपुर पहुंच चुके थे और इस बीच अजय राणा, नवाब हुसैन को जालंधर के जोहल अस्पताल में ले जाया गया और वहा पर 6 जनवरी तक उसका इलाज चला और बाद में अजय राणा को होशियारपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई

    होशियारपुर के अतिरिक्त मुखय न्यायिक मैजिस्ट्रेट रूपिंदर सिंह द्वारा 14 सितंबर 2022 को दिए गए फैसले की कापी 15 सितंबर को अपलोड की गई है, जिससे खुलासा हुआ है कि होशियारपुर पुलिस ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है और कहा गया है कि नरेश डोगरा जो उस समय एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी था ने विशवानाथ बंटी और उनके साथियों को मुलजिम बनाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद विश्वनाथ बंटी, अजय राणा, नवाब हुसैन और कई अन्य लोगों पर आईपीसी की धारा 307, 323, 341, 379-बी, 186, 353, 332, 427, 148, 149, 120-बी व 25/27/54/59, आमर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जबकि विश्वनाथ बंटी गुट की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर आईपीसी की धारा-323, 506, 149, थाने के रोजनामचे में सिर्फ डीडीआर ही काटी गई थी।

    दायर करनी पड़ी थी सिविल कंपलेट

    पुलिस ने जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो नवाब हुसैन की ओर से उनके वकील एचएस सैनी, एडवोकेट नवीन जैरथ और एडवोकेट गुरवीर सिंह चौटाला की ओर से कोर्ट में सिवल शिकायत दर्ज कराई गई। जिसकी सुनवाई करीब तीन साल तक चली, हालांकि कोविड के कारण, सुनवाई में लगभग एक साल की देरी हुई और अदालत ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर में तैनात डीसीपी नरेश डोगरा, होटल रॉयल प्लाजा के पार्टनर विवेक कौशल, नायब तहसीलदार (सेवानिवृत्त) मंजीत सिंह, शिवी डोगरा और हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह को आईपीसी की धारा-307, 506, 341, 447, 323, 148, 149, 25/27 /54/59 आमर्स एक्ट के तहत संमन जारी करते हुए 15 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

    डोगरा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

    इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद डीसीपी नरेश डोगरा, विवेक कौशल, शिवी डोगरा, मंजीत सिंह और हरनाम सिंह उर्फ हरमन सिंह को 15 नवंबर से पहले हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी। दरअसल, मामला 307 का है, इसलिए इस मामले में अग्रिम जमानत मिल पाना इतना आसान नहीं है क्योंकि गोली और 307 के मामले में अदालतें हमेशा सख्त रुख अपनाती हैं। गौरतलब है कि जब पुलिस किसी मामले की सुनवाई नहीं करती है तो पीड़ित के पास सीधे अदालत जाने का विकल्प होता है और इन्हीं विकल्पों के तहत मामला यहां तक पहुंचा है। 

  • जालंधरः शिव नगर सहित कई इलाकों में खुफिया जानकारी पर चला सर्च अभियान

    जालंधरः शिव नगर सहित कई इलाकों में खुफिया जानकारी पर चला सर्च अभियान

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): पंजाब में सीएम भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में शनिवार को गैंगस्टरों और ड्रग पेडलरों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया है। इसी के तहत जालंधर नार्थ हलके के शिव नगर में एडीजीपी वेलफेयर पंजाब प्रवीण कुमार सिन्हा की अगुवाई में पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू, डीसीपी सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन नरेश डोगरा ने टीम के साथ इलाके में सर्च की गई। उन्होंने कहा कि सर्च अभी जारी है, पुलिस किसको पकड़ने आई थी उसकी लिस्ट है जिन पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।

    लोकल लेवल पर क्या-क्या बरामद हुआ इसकी डीजीपी इसकी जानकारी देंगे। सर्च के दौरान एडीजीपी प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि पंजाब भर में चुनिंदा एरिया में की गई सर्च इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक की गई है, जिसमें घरों को सर्च कर रहे हैं ताकि क्राइम फ्री पंजाब बना सकें। सर्च ऑपरेशन का उद्देश्य नशे पर लगाम, गैंगस्टरों का सफाया और क्राइम फ्री पंजाब बनाना है जिसके लिए नशे की चेन तोड़ना बहुत जरूरी है। 

    इस दौरान पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू ने कहा कि शिवनगर का इलाका काफी दिनों से रडार पर था, क्योंकि यहां पर रहने वालों का रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं था जो अन्य इलाकों में वारदात को अंजाम देकर गायब हो जाते थे। यह स्पेशल ऑपरेशन था इसके अलावा कमिश्नरेट पुलिस समय-समय पर ऑपरेशन चलाती रहती है।

    वही देहात में एसएसपी स्वर्णदीप सिंह संधू की अगवाई में एसपी हेडक्वार्टर मनजीत कौर ने नकोदर के गांव शंकर और एसपी इन्वेस्टिगेशन सर्वजीत सिंह बाहिया ने पुलिसकर्मियों की टीम के साथ फिल्लौर के गांव सेल्किया और समराली में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। एसएसपी स्वर्णदीप सिंह संधू ने कहा कि कपूरथला बॉर्डर से सटे नकोदर के गांव शंकर में तस्करों और गैंगस्टरों के आने की सूचना थी इसके बाद स्पेशल ऑपरेशन के लिए इसे चुना गया था। जबकि फिल्लौर के दोनों गांवों में लंबे समय से नशा तस्करी की शिकायत मिल रही थी। 

  • Johnson एंड Johnson बेबी पाउडर का लाइसेंस रद्द, जानें मामला

    Johnson एंड Johnson बेबी पाउडर का लाइसेंस रद्द, जानें मामला

    मुबंईः महाराष्ट्र के फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने जन स्वास्थ्य के हित में जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड का बेबी पाउडर निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिया है। एक प्रेस रिलीज कर इसकी जानकारी दी गई है। राज्य सरकार की एजेंसी ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस रिलीज में कहा कि कंपनी का प्रोडक्ट जॉनसन बेबी पाउडर नवजात शिशुओं की स्किन को प्रभावित कर सकता है।

    रेगुलेटर ने कहा कि शिशुओं के लिए पाउडर के नमूने लैब जांच के दौरान मानक पीएच मान के अनुरूप नहीं थे। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कार्रवाई कोलकाता स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला(Central Pharmaceutical Laboratory) की निर्णायक रिपोर्ट के बाद की गई थी, जिसमें बताया गया था कि ‘‘पाउडर का नमूना पीएच जांच के संबंध में आईएस 5339:2004 के अनुरूप नहीं है।’’

    प्रेस रिलीज के मुताबिक, FDA ने गुणवत्ता जांच के उद्देश्य से पुणे और नासिक से जॉनसन के बेबी पाउडर के नमूने लिए थे। सरकारी एनालिसिस्ट ने पाउडर के नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं होना बताया था क्योंकि वे पीएच जांच में शिशुओं के त्वचा पाउडर के लिए आईएस 5339:2004 की विशिष्टता का पालन नहीं करते हैं।

    प्रेस रिलीज में बताया गया है कि इसके बाद, FDA ने जॉनसन एंड जॉनसन को Drugs and Cosmetics Act-1940 और नियमों के तहत एक कारण बताओ नोटिस जारी किया, इसके अलावा कंपनी को यह आदेश भी दिया है कि इस प्रोडक्ट का सारा स्टॉक बाजार से वापस बुलाया जाए। जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने सरकारी एनालिसिस्ट की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और इसे केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला में भेजने के लिए कोर्ट में चुनौती दी है।

  • पंजाबः ऑपरेशन लोटस मामले में विजिलेंस को आप के 2 विधायकों ने सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग

    पंजाबः ऑपरेशन लोटस मामले में विजिलेंस को आप के 2 विधायकों ने सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग

    जांच में हुआ खुलासा, इन दो एप के जरिये की गई थी कॉल

    चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी के विधायकों को बीजेपी में शामिल होने की धमकी और ऑफर के मामले में पंजाब पुलिस और विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। 25 करोड़ रुपये की धमकी देने का दावा करने वाले विधायकों की जांच की जा रही है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में रोजाना दो -दो विधायकों के बयान दर्ज करेगा। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक उन विधायकों के नामों का खुलासा नहीं किया है जिनसे जांच शुरू की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक 5 विधायक ऐसे हैं जिनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग है। 

    2 विधायकों ने विजीलेंस को सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग

    जांच के लिए तकनीकी टीम का गठन किया गया है। मोहाली थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने शिकायतकर्ता विधायकों को शिकायत से संबंधित दस्तावेज जमा कराने को कहा है। 2 विधायकों द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में तीन बातें सामने आई हैं। पहले ‘आप’ के विधायक जिन पर प्रस्ताव के बारे में कॉल आने का दावा किया जाता है, उनमें से कई अपनी पार्टी से नाराज थे, दूसरी पांच रिकॉर्डिंग में कॉल करने वालों की आवाज अलग है। तीसरे मामले में बीजेपी के 17 लोगों पर शक जताया जा रहा है। विजीलेंस ने उन विधायकों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिन्हें फोन कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। विधायकों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उनका पीछा कर चंडीगढ़ गए थे। 

    जांच में खुलासाः इंटरनेट कॉलिंग और स्पूफ एप के जरिए विधायकों से हुई बात

    जांच में खुलासा हुआ है कि आप विधायकों को दो तरह से बुलाया गया है। एक इंटरनेट कॉलिंग के जरिए और दूसरा स्पूफ एप के जरिए। ये ऐप कॉलर आईडी को बदल देते हैं, जिससे कॉलर को लगता है कि कॉल किसी विशिष्ट व्यक्ति द्वारा की गई है। विधायकों ने शिकायत में कहा कि हमें जो कॉल मिली, उसमें संबंधित लोगों ने 25 करोड़ रुपये से ऑफर शुरू किया। बोलने वालों में ज्यादातर ने कहा कि रकम बढ़ाई जा सकती है। अगर आप हां कहते हैं तो हम अपने वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे।

  • कनाडा सरकार ने पंजाब सहित पड़ोसी राज्य के स्टूडेंट्स वीजा पर लगाई रोक, जाने मामला 

    कनाडा सरकार ने पंजाब सहित पड़ोसी राज्य के स्टूडेंट्स वीजा पर लगाई रोक, जाने मामला 

    चंडीगढ़ः कनाडा सरकार ने पंजाब सहित पड़ोसी राज्य हिमाचल के स्टूडेंट्स का वीजा रोक दिया है। दरसल, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से कनाडा में वीजा के लिए किए गए हजारों आवेदन शिक्षण संस्थानों में सीटें फुल होने से सरकार द्वारा रोक लगाने के कारण स्टूडेंट्स पर संकट गहरा गया हैं। बताया जा रहा है कि कनाडा के विश्वविद्यालय और कॉलेजों में बैकलॉग से सीटें भरी जा रही हैं। फिलहाल भारत और खासकर पंजाब-हिमाचल से होने वाले आवेदनों पर रोक लगाई गई है, जिसकी वजह से स्टूडेंट वीजा को अनुमति नहीं मिल पा रही है।

    सूत्रों के अनुसार कनाडा में हर तरह के वीजा को मिलाकर करीब साढे़ सात लाख आवेदन लंबित चल रहे हैं। विद्यार्थियों ने ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग से और कनाडा सरकार के अधिकारियों से वहां के विश्वविद्यालयों में नामांकित छात्रों के सामने आ रही समस्याओं पर गौर करने की अपील की है। इनमें कुछ विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कॉलेजों में दाखिला और ट्यूशन फीस जमा करवा दी है और अब अपने वीजा और छात्र परमिट की प्रक्रिया में देरी की वजह से परेशान हैं। इसकी वजह से हजारों विद्यार्थी शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीते जुलाई माह तक इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था। इस दौरान ओटावा में भारतीय अधिकारी और टोरंटो और वैंकूवर में वाणिज्य दूतावास ने शैक्षणिक संस्थानों और कनाडा सरकार के प्रतिनिधियों से यह मसला उठाया भी था, लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका। 

    सूत्र बताते हैं कि इस प्रक्रिया को पूरी होने में अभी छह माह का और समय लग सकता है। वहीं, पंजाब के इमीग्रेशन कंसल्टेंट रितेश गर्ग ने बताया कि आवेदन ज्यादा होने की वजह से यह समस्या पेश आई है। हालांकि हर साल 45 फीसदी आवेदन किसी न किसी वजह से रद्द होते हैं। इस प्रक्रिया को छह माह तक का समय लग सकता है। जिन विद्यार्थियों ने फीस जमा करवा दी है, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की अनुमति उनके संस्थानों द्वारा दी जा रही है। पंजाब-कनाडा एसोसिएशन के समन्वयक पवन तलवार और हिमाचल-कैनेडियन एसोसिएशन के समन्वयक दीपक लठ ने बताया कि कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों में आवेदन का एक साल का बैकलॉग चल रहा है, जिसकी वजह से और दाखिलों की फिलहाल गुंजाइश नहीं है। हिमाचल और पंजाब के विद्यार्थियों को पेश आ रही समस्या को संघ के अध्यक्ष के ध्यान में लाकर इसका समाधान करवाया जाएगा। 

    सरकार में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देख रहे पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों युवाओं का भविष्य फिलहाल में है।

  • पंजाब: नशे की दलदल में युवकों के बाद फंस रही युवतियां, अब एक और युवती आई सामने 

    पंजाब: नशे की दलदल में युवकों के बाद फंस रही युवतियां, अब एक और युवती आई सामने 

    अमृतसरः पंजाब में नशे की दलदल में फंसे युवक सरकार के लिए पहले ही चिंता का विषय बने हुए थे। लेकिन अब लड़कियां नशा करती सामने आ रही है। हाल ही में लाल सूट वाली महिला की नशे में होने और फिर दो युवतियों के मकबूलपुरा क्षेत्र में नशा मिलने के मामले के बाद अब तरनतारन में भी ऐसा ही मामला सामने आया है।

    विधानसभा हलका खेमकरण में कस्बा भिखीविंड स्थित एलिमेंट्री स्कूल के पास दो युवक एक युवती को अर्धबेहोशी की हालत में छोड़ गए। स्थानीय निवासियों ने युवती को कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में दाखिल करवाया है। कस्बा निवासी जागीर सिंह, मंगल सिंह, सुरजीत सिंह, दलजीत सिंह, राम लाल और दलबीर कौर ने बताया कि वार्ड-नौ (खेमकरण रोड, भिखीविंड) स्थित सरकारी एलिमेंट्री स्कूल के पास दो युवक बाइक पर आए। इन युवकों ने पीछे बैठी युवती को स्कूल की दीवार के सहारे बिठा दिया। वह नशे में धुत थी और उसे कोई होश नहीं रही। देखते ही देखते युवती घुटने के बल गिर गई।

    जागीर सिंह और मंगल सिंह ने बताया कि युवती से उसके घर का पता और नाम पूछा लेकिन उसे होश नहीं था। युवती की बाजू पर इंजेक्शन का निशान देखकर उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से सीएचसी, सुरसिंह दाखिल करवा दिया गया। फार्मेसी अधिकारी गुरजिंदर सिंह ने बताया कि युवती अभी उपचाराधीन है। उधर, थाना भिखीविंड के प्रभारी एसआइ चरण सिंह कहते है कि मामले का पता चला है। युवती से बातचीत की जाएगी। तभी पता चलेगा कि युवती की बेहोशी का क्या कारण था।

  • पंजाबः अज्ञात लोगों ने नर्स को अगवा कर की हत्या

    पंजाबः अज्ञात लोगों ने नर्स को अगवा कर की हत्या

    तरनतारनः मोहल्ला गुरु का खूह चौक में क्लीनिक चलाने वाली 42 वर्षीय नर्स सुषमा को थाना सदर तरनतारन के पास अज्ञात लोगों ने अगवा कर उसकी हत्या कर दी। सुषमा का शव थाना सराय अमानत खां के गांव दोदे की नहर के किनारे से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके स्वजनों सौंप कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुषमा का विवाह गुरजीत सिंह के साथ हुआ था। सुषमा ने मोहल्ला गुरु का खूह चौक में क्लीनिक खोल रखा था, जबकि साथ ही उसका घर था। तीन बच्चों की मां सुषमा कनाडा जाने के लिए ट्रेवल एजेंट को 22 लाख रुपये दे रखे थे। 22 लाख की राशि के साथ पासपोर्ट भी ट्रेवल एजेंट ने अपने पास रख लिया था। 

    सुषमा की बेटी नवजीत कौर ने पुलिस को बयान देते बताया कि वीरवार की सायं को ट्रेवल एजेंट का फोन आया कि आपका वीजा लग गया है, चार लाख रुपये लेकर आओ और पासपोर्ट और वीजा ले जाओ। नर्स सुषमा ने ट्रेवल एजेंट के बताए पते पर गोइंदवाल बाईपास जाने के लिए अपने साथ बेटी नवजीत कौर को भी तैयार कर लिया। अभी वह दोनों रास्ते में ही थे कि ट्रेवल एजेंट का फोन आया कि बच्ची को साथ न लाए, अकेली ही आए। सुषमा ने ये कहते अकेली आने से मना कर दिया कि शाम को अंधेरा हो गया है, वे अकेली नहीं आ सकती।

    सुषमा अपनी बेटी के साथ क्लीनिक पर लौट आई। ट्रेवल एजेंट का थोड़ी देर बाद फिर फोन आया कि मैं थाना सदर के पास किसी काम लिए आया हुआ, आप चार लाख की राशि देकर पासपोर्ट और वीजा ले जाए। नवजीत कौर ने बताया कि उसकी मां सुषमा ये कहकर घर से रवाना हुई कि दस मिनट में वापस आ जाएगी। सुषमा को उसकी बेटी ने राह जाते आटो पर बिठाया, परंतु बाद में सुषमा का मोबाइल फोन स्विच आफ हो गया।